Chhath Puja Kharna: खरना के दिन भूलकर भी ना करें ये काम वरना छठी मईया हो जाएंगी नाराज
Chhath Puja 2024 Kharna: लोकआस्था के पर्व छठ के दूसरे दिन खरना होता है. व्रती आज दिन भर का उपवास करते हैं और शाम को पूजा करने के बाद मीठा प्रसाद ग्रहण करते हैं और इसके बाद शुरू होता है 36 घंटे का निर्जला व्रत। भक्तगण बड़ी ही श्रद्धा और प्रेम के साथ ये पूजा करते हैं।
आपको बता दें कि कार्तिक माह की पंचमी तिथि के दिन खरना होता है। खरना का अर्थ है 'शुद्धिकरण', इस दौरान व्रत रखकर लोग अपने तन-मन को शुद्ध रखते हैं, इसलिए आज के दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक होता है।

आइए जानते हैं कि खरना में क्या करें और क्या न करें...
खरना में क्या करें ( Kharna mai kya kare)
- पूजा स्थल और घर में सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- व्रती को स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करने चाहिए।
- खरना पूजा में प्रयोग होने वाले बर्तन और प्रसाद बनाने की प्रक्रिया में शुद्धता का ध्यान रखें।
- खरना के प्रसाद में विशेष रूप से गुड़ और चावल का खीर होता है। इसे मिट्टी के चूल्हे पर बनाना शुभ माना जाता है।
- खरना का प्रसाद सूर्यास्त के बाद ही ग्रहण करना चाहिए। इस दिन से व्रती अगले 36 घंटे तक निर्जला व्रत प्रारंभ होता है।
- व्रत के इस दिन विशेष रूप से संयम और साधना का पालन करना चाहिए।
क्या ना करें? ( kharna mai kya na kare)
- खरना के दिन मसालेदार भोजन नहीं करना चाहिए।
- व्रत के नियमों के अनुसार साधारण और सादा भोजन ही ग्रहण करना चाहिए।
- इस दिन क्रोध और विवाद से दूर रहें।
- व्रती को मन की शांति बनाए रखनी चाहिए।
- व्रत के दौरान किसी भी प्रकार का नशा, जैसे धूम्रपान और मद्यपान आदि से दूर रहें।
- खरना के दिन अत्यधिक मेहनत या कार्यभार से बचना चाहिए।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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