Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्र आज से प्रारंभ, जानिए कैसे करें दुर्गासप्तशती का पाठ?
Chaitra Navratri 2025: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 30 मार्च 2025, रविवार से वासंतिक नवरात्र या चैत्र नवरात्र प्रारंभ हो रहे हैं। देवी दुर्गा की आराधना, साधना करने का यह सबसे अच्छा अवसर होता है। चैत्र नवरात्र में की गई देवी दुर्गा की पूजा अभीष्ट कार्यों में सफलता दिलाती है।
इस नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ अनेक लोग करते हैं, लेकिन उन्हें सही विधि पता नहीं होती, इसलिए वे उसका पूर्ण फल भी प्राप्त नहीं कर पाते हैं।

शास्त्र तो यही आज्ञा देते हैं कि नवरात्रि के सभी दिन दुर्गासप्तशती का पूरा पाठ करना चाहिए, लेकिन समय की कमी के कारण पूरा पाठ हर दिन करना संभव नहीं हो पाता। इसलिए दुर्गा सप्तशती में पाठ करने का दूसरा विधान बताया गया है।
आइए जानते हैं...
नवरात्रि में हर दिन कौन से अध्याय का पाठ करें (Chaitra Navratri 2025)
दुर्गा सप्तशती में तेरह अध्याय हैं। दुर्गा सप्तशती में दी गई पाठ विधि के अनुसार नवरात्रि के नौ दिनों में अध्यायों को अलग-अलग भाग में बांटकर पाठ किया जाता है।
- पहले दिन- अध्याय 1
- दूसरे दिन- अध्याय 2 और 3
- तीसरे दिन- अध्याय 4
- चौथे दिन- अध्याय 5, 6, 7, 8
- पांचवेे दिन- अध्याय 9 और 10
- छठे दिन- अध्याय 11
- सातवें दिन- अध्याय 12 और 13
- 8ठवें दिन- प्राधानिक रहस्य, वैकृतिक रहस्य और मूर्ति रहस्य
- नवें दिन- हवन, क्षमा प्रार्थना, कन्या पूजन, कन्या भोज
शापोद्धार करना आवश्यक (Chaitra Navratri 2025)
प्रत्येक दिन पाठ प्रारंभ करने से पहले शापोद्धार करना आवश्यक है।
शापोद्धार के लिए-
- ऊं ह्रीं क्लीं श्रीं क्रां क्रीं चण्डिका देव्यै शापनाशानुग्रहं कुरु कुुरु स्वाहा।
- मंत्र को पाठ प्रारंभ करने से पहले सात बार पाठ करें।
इसके बाद कचव, अर्गला और कीलक करें। फिर दिन के अनुसार दुर्गासप्तशती का पाठ करें। अंत में पुन: शापोद्धार मंत्र का सात बार पाठ करें।












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