Chaitra Navratri 2022: आज है मां 'स्कंदमाता' का दिन, जाानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, मंत्र और आरती
नई दिल्ली, 06 अप्रैल। नवरात्रि के 5वें दिन होती है मां स्कंदमाता की पूजा। मां का ये रूप बेहद ही शांत, सौम्य और मोहक है। स्कंदमाता अपने भक्त को मोक्ष प्रदान करती है। इनकी भुजाएं 4 हैं और इनका वाहन सिंह है। कहते हैं कि इनकी कृपा से मूढ़ भी ज्ञानी हो जाता है। स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता के कारण इन्हें स्कंदमाता नाम से अभिहित किया गया है।

जाानिए पूजा का शुभ मुहूर्त
दिनांक 06 अप्रैल 2022
- सूर्योदय - 6:18 AM
- सूर्यास्त - 6:40 PM
- चन्द्रोदय - अप्रैल 06 9:28 AM
- चन्द्रास्त - अप्रैल 06 11:26 PM
- राहू - 12:29 PM - 2:02 PM
- यम गण्ड - 7:51 AM - 9:24 AM
- कुलिक - 10:56 AM - 12:29 PM
- दुर्मुहूर्त - 12:04 PM - 12:54 PM
- वर्ज्यम् - 01:58 AM - 03:46 AM
- अमृत काल - 04:05 PM - 05:52 PM
- ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 34 मिनट से 05 बजकर 20 मिनट तक।
- विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 20 मिनट तक।
- निशिथ काल मध्यरात्रि 12 बजे से 12 बजकर 46 मिनट तक।
- अमृत काल दोपहर 04 बजकर 06 मिनट से 05 बजकर 53 मिनट तक।
- रवि योग शाम 07 बजकर 40 मिनट से अगले दिन सुबह 06 बजकर 05 मिनट तक।
मां स्कंदमाता का मंत्र
- ओम् स्कन्दमात्रै नम:
- ओम् देवी स्कन्दमातायै नमः
- या देवी सर्वभूतेषु मां स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता
- नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
आरती
- जय तेरी हो स्कंदमाता
- पांचवा नाम तुम्हारा आता
- सब के मन की जानन हारी
- जग जननी सब की महतारी
- तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं
- हरदम तुम्हें ध्याता रहूं मैं
- कई नामो से तुझे पुकारा
- मुझे एक है तेरा सहारा
- कहीं पहाड़ों पर है डेरा
- कई शहरों में तेरा बसेरा
- हर मंदिर में तेरे नजारे गुण गाए
- तेरे भगत प्यारे भगति
- अपनी मुझे दिला दो शक्ति
- मेरी बिगड़ी बना दो
- इन्दर आदी देवता मिल सारे
- करे पुकार तुम्हारे द्वारे
- दुष्ट दत्य जब चढ़ कर आये
- तुम ही खंडा हाथ उठाये
- दासो को सदा बचाने आई
- चमन की आस बुझाने आई।












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