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Buddha Pradosh Vrat 2024: बुध प्रदोष व्रत आज, जानिए मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और चालीसा

Buddha Pradosh Vrat 2024: आज ज्येष्ठ मास का बुध प्रदोष व्रत है, आज के दिन लोग भगवान शिव की पूजा करते हैं, जो कोई भी आज के दिन भोलेनाथ की पूजा सच्चे मन से करता है उसकी हर इच्छा तो पूरी होती ही है, साथ ही वो हर तरह के सुख का भागीदार बनता है।

बुधवार के दिन त्रयोदशी आती है तो उसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाता है।आज का दिन बहुत ज्यादा मानक है इसलिए इस व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा विशेष चालीसा के साथ करनी चाहिए।

Buddha Pradosh Vrat 2024

जो ऐसा करता है, उस पर शिवजी बहुत ज्यादा प्रसन्न होते है और उस पर दोनो हाथों से कृपा बरसाते हैं।मालूम हो कि प्रदोष की पूजा गोधूलि बेला में करनी चाहिए, ऐसा माना जाता है कि ये वक्त भगवान शंकर को बहुत ज्यादा प्रिय है।

पूजा मुहूर्त

  • त्रयोदशी तिथि का आरंभ - आज सुबह 7 बजकर 29 मिनट पर
  • त्रयोदशी तिथि का अंत- 20 जून को सुबह 7 बजकर 49 मिनट पर
  • इसलिए पूजा आप इस दौरान कभी भी कर सकते हैं। गोधूलि बेला में अगर पूजा के लिए चुने तो अच्छा होगा।

पूजा विधि

  • सुबह उठकर नहाधोकर शिवजी के समक्ष प्रदोष व्रत का संकल्प लें।
  • दिनभर निराहार रहकर उपवास करें।
  • गोधूलि बेला में शिव की पूजा करें।
  • व्रत की कथा सुनें और आरती करें।
  • उसके बाद प्रसाद ग्रहण करें, किंतु व्रत न खोलें।
  • व्रत अगले दिन सुबह खोला जाएगा।

शिव चालीसा ( Shiv Chalisa)

दोहा

  • जय गणेश गिरिजा सुवन,
  • मंगल मूल सुजान।
  • कहत अयोध्यादास तुम,
  • देहु अभय वरदान ॥

चौपाई

  • जय गिरिजा पति दीन दयाला ।
  • सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥
  • भाल चन्द्रमा सोहत नीके ।
  • कानन कुण्डल नागफनी के ॥
  • अंग गौर शिर गंग बहाये ।
  • मुण्डमाल तन क्षार लगाए ॥
  • वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे ।
  • छवि को देखि नाग मन मोहे ॥
  • मैना मातु की हवे दुलारी ।
  • बाम अंग सोहत छवि न्यारी ॥
  • कर त्रिशूल सोहत छवि भारी ।
  • करत सदा शत्रुन क्षयकारी ॥
  • नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे ।
  • सागर मध्य कमल हैं जैसे ॥
  • कार्तिक श्याम और गणराऊ ।
  • या छवि को कहि जात न काऊ ॥
  • देवन जबहीं जाय पुकारा ।
  • तब ही दुख प्रभु आप निवारा ॥
  • किया उपद्रव तारक भारी ।
  • देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी ॥
  • तुरत षडानन आप पठायउ ।
  • लवनिमेष महँ मारि गिरायउ ॥
  • आप जलंधर असुर संहारा ।
  • सुयश तुम्हार विदित संसारा ॥
  • पूरी चालीसा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें-शिव चालीसा

Disclaimer: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।

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