बीजीआईएस के छात्रों ने कला क्षेत्र में भी बाजी मारी

भक्तिवेदांत गुरुकुल और इंटरनेशनल स्कूल यानी बीजीआईएस की स्थापना श्री धाम वृंदावन की पवित्र धरती पर एचजीएसी भक्तिवेदांता स्वामी श्रीला प्रभुपद द्वारा वर्ष 1972 में किया गया। भक्तिवेदांता गरुकुल और इंटरनेशनल स्कूल में अकादमिक और आध्यात्मिक शिक्षा का एक बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है। यहां के छात्र खेलों और कला के क्षेत्र में भी काफी आगे हैं। उन्होंने ढेर सारे पुरस्कार अर्जित किए हैं।
छात्रों की सफलता में कला विभाग प्रमुख शिल्पी सक्सेना का बड़ा योगदान रहा है। उनकी देखरेख में यहां के छात्र कला जगत में नई ऊंचाइयां छू रहे हैं। कला क्षेत्र में कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं- वर्ष में यहां के चार छात्रों ने कैमल द्वारा आयोजित ऑल इंडिया कलर कंटेस्ट में ईयर अवार्ड जीता, जिसमें एक छात्र ने प्रथम पुरस्कार जीता। वर्ष 2012 में यह संख्या बढ़कर 14 हो गई।
भक्तिवेदांता गरुकुल और इंटरनेशनल स्कूल में छात्रों को वोकेशलन टेनिंग पर ध्यान दिया जाता है। इसीलिए यहां ऑर्ट से संबंधित विभिन्न डिप्लोमा कोर्स कराये जाते हैं। जिससे छात्रों के कार्यक्षेत्र का विस्तार होता है। ये कोर्स छात्रों के आगे करियर बनाने में मददगार साबित होते हैं। अपने छात्रों को बड़ा प्लेटफार्म उपलब्ध कराने के लिए भक्तिवेदांता गरुकुल और इंटरनेशनल स्कूल कई जानेमाने प्रयोजकों की मदद से क्षेत्रीय और राज्य स्तर की प्रदर्शनी कराने की योजना बना रहा है।
भक्तिवेदांता गरुकुल और इंटरनेशनल स्कूल की शिक्षा पद्धति वैदिक धार्मिक पुस्तकों पर आधारित है। वैदिक धार्मिक पुस्तकों की एक शाखा को शिल्पा विद्या के नाम से भी जाना जाता है जिसका अर्थ है आर्ट। जो छात्र कला में रुचि रखते हैं, उनमें उस स्तर के गुणों को भरने का प्रयास यहां किया जा रहा है।












Click it and Unblock the Notifications