छत्तीसगढ़ सरकार ने कहा- राज्य में वैक्सीन वेस्टेज एक प्रतिशत से भी कम
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने कहा है कि राज्य में टीका वेस्टेज एक फीसदी से भी कम है और राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से आंकड़ों को अद्यतन करने का अनुरोध किया है। राज्य सरकार के जनसंपर्क विभाग ने बुधवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य कोविड टीकाकरण के मामले में सभी वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है और भारत सरकार के स्वास्थ्य सचिव द्वारा कल वीडियो कान्फ्रेंस में यह जानकारी दी गई । इसमें बताया गया कि हेल्थ केयर वर्कर के टीकाकरण के मामले में छत्तीसगढ़ का स्थान पूरे देश में दूसरा है जबकि फ्रंटलाइन वर्कर के मामले में सर्वश्रेष्ठ राज्यों में से है। वीडियो कान्फ्रेंस में यह भी बताया गया कि 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के नागरिकों का टीकाकरण करने वाले बडे़ राज्यों में छत्तीसगढ़ का स्थान दूसरा है।

पूरे देश में लद्दाख त्रिपुरा, सिक्किम, लक्षद्वीप, हिमाचल प्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ का स्थान है। इसके साथ ही 18 से 44 आयु वर्ग के व्यक्तियों का टीकाकरण करने में छत्तीसगढ़ पहले पांच राज्यों में शामिल है। दमन दीव, दादरा नगर हवेली, दिल्ली, हरियाणा के बाद छत्तीसगढ़ का स्थान है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि राज्य में टीके के कुशल प्रबंधन, प्रोटोकॉल के सही तरीके से पालन और नियमित पर्यवेक्षण से ही राज्य को प्राप्त हो रही वैक्सीन का पूरा-पूरा उपयोग नागरिकों के टीकाकरण में किया जा रहा है, इसलिए यहां टीके की बर्बादी न्यूनतम है।
सरकारी बयान में कहा गया है कि केंद्र से प्राप्त टीकों में केवल 0.81 प्रतिशत और राज्य सरकार द्वारा खरीदे गये टीकों में से 0.63 प्रतिशत ही बर्बाद हो रहा है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने 21 मई को कहा था कि छत्तीसगढ़ में कोविशील्ड और कोवैक्सीन का क्रमशः 8.5 और 50.2 प्रतिशत वेस्टेज हुआ है जो कि सही तथ्य नहीं है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला ने उसी दिन केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखकर पूरी वस्तुस्थिति से अवगत कराया था और स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों को अद्यतन करने का अनुरोध किया था।












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