दिल्ली में अब प्राइवेट स्कूल से बिना टीसी के ही सरकारी स्कूलों में मिलेगा दाखिला, मनीष सिसोदिया ने किया ऐलान
नई दिल्ली, जुलाई 16। देश की राजधानी दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी शुरू से ही एक बड़ी समस्या रही है। ऐसे में दिल्ली सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी को रोकने के लिए एक अहम फैसला किया है। दरअसल, अब दिल्ली में बिना ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) के ही सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को दाखिला मिला जाया करेगा।

गुरुवार को डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने बताया कि दिल्ली का कोई भी बच्चा यदि निजी स्कूल से निकलकर सरकारी स्कूल में दाखिला लेना चाहता है तो उसे टीसी की जरूरत नहीं होगी और ना ही सरकारी स्कूल टीसी के बिना उसे दाखिला देने से मना कर सकते हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत सारे निजी स्कूल बच्चों को टीसी नहीं दे रहे हैं। वे उनसे एक साल की फीस मांग कर रहे हैं। इस वजह से बड़ी संख्या में अभिभावक चाह कर भी अपने बच्चों को निजी स्कूल से निकालकर सरकारी स्कूल में दाखिला नहीं दिलवा पा रहे हैं। बहुत सारे अभिभावकों से ऐसी शिकायत मिलने के बाद ही इस बाबत शिक्षा निदेशालय को निर्देश दिया गया है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि यदि स्कूल टीसी देने से मना कर रहा है तो बाकी दस्तावेज के आधार पर भी बच्चे सरकारी स्कूलों में दाखिला ले सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों को आश्वासन देते हुए कहा कि वे चिंता न करें। बच्चों के पिछले स्कूल से टीसी लाने का काम शिक्षा निदेशालय स्वयं करेगा।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अभी तक दिल्ली के सरकारी स्कूलों में नर्सरी, केजी और पहली क्लास के लिए 28,000 आवेदन मिले हैं। छठी से 12वीं कक्षा के लिए 90,000 आवेदन आ चुके हैं। दाखिला सूची 20 जुलाई को जारी की जाएगी। स्कूल आवंटन की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने कहा कि पहले चरण में छठी से नवीं कक्षा में दाखिले के लिए आवेदन नहीं कर पाने वाले छात्र 23 जुलाई से छह अगस्त के बीच आनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वहीं, 10वीं और 12वीं के आनलाइन आवेदन 20 जुलाई तक किए जा सकेंगे, जबकि 11वीं के लिए आवेदन दसवीं की बोर्ड परीक्षा के परिणाम आने के बाद किए जा सकेंगे।












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