पकड़-पलायन, कट्टा और फट्टा अब पुरानी बातें, Bundelkhand में एक्सप्रेस-वे से समृद्धि का नया दौर जल्द

चित्रकूट, 19 अगस्त: पिछड़ा बुंदेलखंड अब नए दौर में प्रवेश कर रहा है। यहां पानी, पकड़, पलायन, कट्टा और फट्टा (जुआ) की बातें पुरानी हो चुकी हैं। अब फिर समृद्धि, शौर्य और साहस की कहानी सुनाई पड़ने लगी हैं। इसकी वजह बनेगा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और यहां विकास की नई इबारत दिखाई देने लगेगी। बुंदेलों की बदहाली दूर कर खुशहाली के साथ कई बड़े बदलाव होने से नया दौर नजर आएगा।

New era of prosperity soon in Bundelkhand by Expressway

छह घंटे में पूरी होगी दिल्ली की यात्रा

एक्सप्रेस-वे का निर्माण पूरा होते ही देश की राजधानी दिल्ली, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़, मथुरा-वृंदावन, नोएडा-ग्रेटर नोएडा से यहां के चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, महोबा, जालौन के साथ औरैया-इटावा सीधे जुड़ जाएंगे। साथ ही उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, कानपुर देहात, घाटमपुर और मध्य प्रदेश के झांसी, ललितपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवां आदि जिलों को परोक्ष रूप से फायदा होगा। दिल्ली की यात्रा महज पांच से छह घंटे में पूरी होगी। भविष्य में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे, प्रयागराज एक्सप्रेस-वे के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ने पर पूरे प्रदेश में एक्सप्रेस रफ्तार और सुगम सफर का ख्वाब पूरा होगा।

महानगरों से जुड़ने पर मिलेंगे रोजगार के अवसर

बुंदेलखंड के जिलों के 138, इटावा व औरैया के 44 गांवों में विकास बेहद तेजी से दौड़ेगा। महानगरों से जुडऩे से रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, जबकि पर्यटन भी बढ़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 अगस्त को महोबा में कहा था कि नवंबर 2021 तक एक्सप्रेस-वे का काम पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि, बारिश और बाढ़ के कारण कुछ दिक्कतें हैं, लेकिन डिवाइडर, टोल प्लाजा, किनारे घास लगाने व पौधारोपण का काम तेज है। चित्रकूट के डा. संग्राम सिंह कहते हैं, एक्सप्रेस-वे बदहाली दूर करने वाला साबित होगा। भाजपा सरकार के प्रयास से बदलाव हुआ है। बांदा के उमाशंकर पांडेय बोले, वर्षों तक सड़कों पर गड्ढों में हिचकोले खाते निकले हैं। अब एक्सप्रेस रफ्तार मिलने जा रही है।

इस तरह बदलेगी बुंदेलखंड की सूरत

सुविधायुक्त, आसान और सुखद यातायात के लिए संसाधन मिलेंगे। किसान अपनी उपज आसानी से दिल्ली, लखनऊ, आगरा आदि दूसरे महानगरों में जाकर बेच सकेंगे। आगरा में ताजमहल आने वाले सैलानी बुंदेलखंड के पर्यटन स्थलों पर आएंगे। होटल, लाज, रेस्टोरेंट और पेट्रोल पंप की संख्या बढऩे से रोजगार मिलेंगे।

एक नजर में एक्सप्रेस-वे

शुरुआत : चित्रकूट में झांसी-मीरजापुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-35 गोंड़ा भरतकूप से।

खत्म होगा : इटावा में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर ग्राम कुदरैल के पास।

लंबाई : 296.070 किलोमीटर

लागत : 14849.09 करोड़

काम की प्रगति : 15 अगस्त 2021 तक 75 फीसद।

एक्सप्रेस-वे का ढांचा

चार लेन चौड़ा (छह लेन में विस्तारीकरण), चार रेलवे ओवरब्रिज, 14 बड़े पुल, चार टोल प्लाजा, सात रैंप प्लाजा, 268 छोटे पुल, 18 फ्लाईओवर और 214 अंडरपास।

जिले में सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। 13 पुलिया, तीन पुल पर तेजी से काम चल रहा, जो तीन-चार माह में पूरा हो जाएगा। -शुभ्रांत कुमार शुक्ल, डीएम चित्रकूट।

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