दिल्ली को मिलेगी एक और कोरोना वैक्सीन, स्पूतनिक वी के निर्माता सीधे सप्लाई को हुए राजी
नई दिल्ली, 26 मई: कोरोना वैक्सीन की कमी से जूझ रही दिल्ली को कोविशील्ड और कोवैक्सीन के बाद तीसरी वैक्सीन स्पूतनिक-वी भी मिल सकती है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने बताया कि रूसी वैक्सीन स्पुतनिक के मैन्युफैक्चरर्स ने टीकों की सप्लाई को लेकर सहमति जताई है। अभी टीकों की सप्लाई की मात्रा को लेकर फैसला नहीं हो सका है, जिस पर जल्दी ही निर्णय ले लिया जाएगा।

कोरोना वायरस संक्रमण के बीच वैक्सीन संकट से जूझ रहे दिल्ली के 2 करोड़ लोगों के लिए राहत भरी खबर है। दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार की मानें तो स्पूतिक -वी वैक्सीन (Vaccine Sputnik V) की आपूर्ति दिल्ली को शुरू हो सकती है। दिल्ली के मुख्य मंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि स्पूतनिक वी के निर्माता दिल्ली को रूसी एंटी-कोविड वैक्सीन की आपूर्ति करने के लिए सहमत हो गए हैं, लेकिन इसकी मात्रा अभी तय नहीं की गई है। अरविंद केजरीवाल ने यह भी बताया कि अब तक दिल्ली में 620 ब्लैक फंगस के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन इसके लिए दवाई की कमी बनी हुई है। यह बात अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को पश्चिमी दिल्ली के द्वारका सेक्टर- 14 स्थित वेगास मॉल में ड्राइव थ्रू वैक्सीनेशन की शुरुआत के दौरान कही।
दिल्ली में लगातार दूसरे दिन युवाओं को कोई वैक्सीन नहीं लगाई गई। आम आदमी पार्टी (आप) विधायक आतिशी ने मंगलवार को वैक्सीन बुलेटिन जारी कर ये बात कही। उन्होंने कहा कि कोवैक्सीन और कोविशील्ड का स्टाक खत्म हो चुका है। ऐसे 18 से 44 वर्ष के युवाओं के पास अब निजी अस्पतालों में जाकर महंगे दामों पर वैक्सीन लगवाने के अलावा कोई चारा नहीं है। 45 वर्ष से अधिक उम्र की श्रेणी के लिए भी कोवैक्सीन की डोज खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 24 मई को 54,364 वैक्सीन की डोज लगाई गईं। इनमें से 40 हजार लोगों को पहली और 14 हजार लोगों को दूसरी डोज लगाई गई हैं। आतिशी ने केंद्र सरकार से फाइजर, माडर्ना और जानसन एंड जानसन की वैक्सीन को मंजूरी देकर जल्द से जल्द लोगों को लगवाने की मांग की।
वहीं, राजधानी दिल्ली में टीकाकरण केंद्रों को खोलने और फिर बंद करने को लेकर दक्षिणी निगम के नेता सदन नरेंद्र चावला ने दिल्ली सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राजधानी में टीकाकरण को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। साथ ही यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि टीके की कमी है जबकि इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार राज्य सरकार है। क्योंकि पहले नए-नए टीकाकरण खोलना और फिर उन्हें बंद करके लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि वह तो टीकाकरण करना चाहती है और उन्हें केंद्र से टीका नहीं मिल रहा। लेकिन दिल्ली सरकार द्वारा टीके के लिए समय से आर्डर न दिए जाने की वजह से यह स्थिति उत्पन्न हो रही है।












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