छत्तीसगढ़ में ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने के वायदे को पूरा करने की कवायद तेज
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को नौकरी में 10 फीसद आरक्षण देने के फैसले को लागू करने की कवायद तेज कर दी गई है। इसके लिए जिला और नगरीय क्षेत्र में कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वे की जिम्मेदारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को सौंपी गई है।

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डा. कमलप्रीत सिंह के अनुसार जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति में कुल पांच लोग रखे जाएंगे। इनमें ओबीसी व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का एक प्रतिनिधि शामिल होगा। इन दोनों को कलेक्टर नामांकित करेंगे। ओबीसी वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाला व्यक्ति समिति का सदस्य सचिव होगा।
इसके अलावा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व जिला सांख्यिकी अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। नाम तय करने के बाद उसका सार्वजनिक प्रकाशन कर दावा आपत्ति के बाद अंतिम सूची बनाई जाएगी। बता दें कि प्रदेश में जातिगत आरक्षण में बदलाव की घोषणा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 15 अगस्त 2019 को की थी।
इसके तहत एसटी को मिलने वाले 32 फीसद आरक्षण को यथावत रखा गया था। एससी का आरक्षण 12 से बढ़ाकर 13 और ओबीसी का आरक्षण 14 से बढ़ाकर सीधे 27 फीसद कर दिया गया था। बाद में सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 फीसद आरक्षण की व्यवस्था और जोड़ दी।
कोर्ट में लंबित है मामला
आरक्षण में किए गए बदलाव की वजह से राज्य में आरक्षण का दायरा बढ़कर 82 फीसद पहुंच गया। यह 50 फीसद आरक्षण के तय मापदंड से अधिक है। इस वजह से सरकार के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण में की गई वृद्धि पर रोक लगा दी। इसके बाद राज्य में ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोरों की सही संख्या जानने के लिए सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश छबिलाल पटेल की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया गया है।
राशनकार्ड के आधार पर जुटाई जाएगी जाति की जानकारी
अफसरों के अनुसार जाति और आर्थिक रूप से कमजोर का डाटा राशनकार्ड के आधार पर एकत्र करने की कोशिश की जा रही राज्य में करीब 68 लाख 15 हजार से ज्यादा राशनकार्ड हैं। इसमें दो करोड़ 52 लाख से ज्यादा लोग शामिल हैं। राशनकार्ड 32 लाख ओबीसी वर्ग के लोगों का है। यह संख्या लगभग 47 फीसद है। सामान्य वर्ग के प्रचलित राशनकार्ड की संख्या करीब छह लाख व सदस्य संख्या 20 लाख से ज्यादा है। सामान्य वर्ग के कार्ड में अभी और वृद्धि होने की उम्मीद है।
प्रदेश में राशनकार्ड की स्थिति
68,15,962 कुल राशनकार्ड
2,52,28,590 कुल सदस्य संख्या
वर्गवार राशनकार्ड
9,40,301 अनुसूचित जाति
20,37,826 अनुसूचित जनजाति












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