Jaipur Literature Festival Day 4: इन बड़े साहित्यकारों और वक्ताओं पर होगी नजर
नई दिल्ली। ब्रिटिश लेखक केन फोलेट और डिजिटल वर्ल्ड के दिग्गज नंदन नीलकेणी के साथ-साथ तनुज भोजवानी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2022 के चौथे दिन आकर्षण का केंद्र रहेंगे। 15वें जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का चौथा दिन दिग्गज लेखकों, कथाकारों, साहित्यकारों के आकर्षण से भरा होगा। नंदन नीलकेणी और तनुज भोजवानी ने अपनी नई किताब को लेकर चर्चा करेंगे। वो अपनी नई किताब द आर्ट ऑफ बिटफुलनेस के बारे में बात करेंगे, जिसमें उन्होंने अभूतपूर्व डिजिटल युग में प्रौद्योगिकी के साथ साझा किए गए जहरीले संबंधों के बारे में लिखा है।

वहीं रामायण इन इंडोनेशिया के लेखक विनोद खन्ना और मालिनी सरन स्टार स्पीकर होंगे, जो इतिहासकार, लेखक और फेस्टिवल के सह-निदेशक विलियम डेलरिम्पल से अपनी नवीनतम रचना पर बाच करेंगे। इंडोनेशिया में रामायण परंपराओं से प्रभावित क्षेत्रों के अलावा साहित्य, प्रदर्शन कला, दर्शन और जीवंत क्षेत्रीय परंपराओं को लेकर विस्तार से चर्चा करेंगे। वहीं लेखिका एनिमल लिसा ताडदेव अपने पहले उपन्यास के बारे में सुप्रिया द्रविड़ के साथ बातचीत करेंगी।

तीसरे दिन का राउंडअप
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के तीसरे दिन बाल मनोचिकित्सक और बाल और किशोर मनोचिकित्सा के पूर्व वरिष्ठ प्रोफेसर शेखर शेषाद्री, आदित्य बिड़ला एजुकेशन ट्रस्ट के के फाउंडर और शिक्षाविद् नीरज बिड़ला, स्तंभकार और वर्किंग आउट ऑफ द बॉक्सछ 40 स्टोरीज ऑफ लीडिंग सीईओ की लेखिका अपर्णा पीरामल राजे ने चिकित्सक, लेखक और चिल्ड्रन फर्स्ट इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड एंड अडोलेसेंट मेंटल हेल्थ के सह-संस्थापक, शेल्जा सेन के साथ बातचीत की। अपर्णा राजे ने कहा कि ये मायने नहीं रखता कि किसी ने क्या हासिल किया। हमेशा इस बात को महसूस करना चाहिए कि कैसे और अच्छा करें। उन्होंने कहा कि कुछ मानक हैं जो हमने अपने आप के लिए निर्धारित करना है। इस प्रकार का पहचान संकट मेरे लिए मेरी द्विध्रुवीयता में एक बड़ा ट्रिगर हैं। वहीं शेखर शेषाद्रि ने कहा कि महामारी खत्म होने के बाद बच्चे वापस स्कूल लौट रहे हैं। अलग परिस्थिति में वो स्कूलों दोबारा लौट रहे हैं, ऐसे में बच्चों को ताकत, लचीलापन और आशा , उम्मीद से संबंधित कहानियां बताने की अनुमति दी जानी चाहिए, जिससे उन्हें अपने व्यक्तिगत पहचान और सामूहिक पहचान बनाने में मदद मिलेगी जो उन्हें महामारी से बाहर निकलने में मदद करेगी।
वहीं फेस्टिवल के तीसरे दिन एक अन्य सत्र में, ब्रिटिश भाषाविद् इरविंग फिंकेल ने इतिहासकार और पुरातत्वविद् नयनजोत लाहिरी के साथ अपनी नई किताब 'द फर्स्ट घोस्ट्स: मोस्ट एन्सिएंट ऑफ लेगेसीज' पर चर्चा की। लाहिरी ने कहा कि यह पुस्तक इस वर्ष के जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के संस्करण में प्रदर्शित होने वाली शायद सबसे असामान्य और आकर्षक पुस्तक है। रजिस्ट्रेशन और अधिक जानकारी के लिए जयपुर लिस्टेचर फेस्टिवल वेबसाइट पर विजिट करें।












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