जेवर एयरपोर्ट: विकास पथ से पुनः सत्ता के रथ पर सवार होंगे योगी आदित्यनाथ?
उत्तर प्रदेश के विकास के इतिहास में 25 नवंबर 2021 के दिन को हमेशा याद रखा जायेगा, योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अपने "सोच ईमानदार काम दमदार" के मंत्र पर अमल करते हुए गौतमबुद्धनगर जनपद के ऐतिहासिक प्राचीन नगर जेवर में "नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट" का शिलान्यास करने का कार्य किया है। इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब भारत के साथ-साथ दुनिया के एविएशन मैप पर शीर्ष पांच में शामिल हो गया है। चुनावी वर्ष में उत्तर प्रदेश की जनता के लिए योगी आदित्यनाथ की सरकार से मिलने वाली यह एक बहुत बड़ी सौगात है। वैसे भी उत्तर प्रदेश में चंद माह बाद होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए धरातल पर सभी राजनीतिक दलों की तरफ से सरगर्मी बहुत तेज है। हर राजनीतिक दल अपने चुनावी पिटारे से कुछ ना कुछ निकाल कर उत्तर प्रदेश की सम्मानित जनता को अपनी तरफ लुभाने में लगा हुआ है।
"चुनावों में कई महीने बाकी हैं लेकिन प्रदेश में अभी से ही लोकलुभावन वायदों की धरातल पर बाढ़ आ गयी है, हालांकि उत्तर प्रदेश में कभी भी आधिकारिक रूप से आगामी विधानसभा के चुनावों की घोषणा हो सकती है, उसके हिसाब से राजनीति में लोकलुभावन वायदों की यह झड़ी राज्य के सम्मानित मतदाताओं को आकर्षित करने के उद्देश्य के लिए शायद जायज है। ऐसी कठिन प्रतिस्पर्धा की स्थिति में योगी आदित्यनाथ की सरकार भी किसी अवसर को भुनाने में पीछ़े नहीं रहना चाहती है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जोड़ी उत्तर प्रदेश की प्रत्येक राजनीतिक नब्ज को अच्छी तरह से जानती हैं, इसलिए ही वह उत्तर प्रदेश की चुनावी रणभूमि में विकास के पथ पर चलने के साथ-साथ भगवान भरोसे हैं, वह जानते हैं कि अयोध्या, काशी, मथुरा व मयार्दा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की भक्ति से उत्तर प्रदेश के चुनावों में जीत का रास्ता निकलता है। इसलिए भाजपा जनता के बीच लगातार यह संदेश दे रही है कि अन्य राजनीतिक दलों की सरकारों में अधिकांश राजनेताओं के द्वारा राज्य के बहुसंख्यक समुदाय की उपेक्षा करके जाति-धर्म विशेष के वोट बैंक को खुश करने की खातिर जमकर तुष्टिकरण व ओछी राजनीति की जाती रही है। जिसके चलते उत्तर प्रदेश धीरे-धीरे विकास के मसलों में पिछड़ता चला गया, अब प्रदेश को विकास में अव्वल लाने के लिए उत्तर प्रदेश में दोबारा योगी सरकार को प्रचंड बहुमत के साथ जीताकर लाना जरूरी है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए योगी सरकार के चुनावी रणनीतिकार धर्म व विकास के मसलों में सामंजस्य स्थापित करके जनता के बीच जाने का एक मजबूत रास्ता बना रहे हैं।
इसके चलते ही योगी सरकार भी उत्तर प्रदेश में धार्मिक व विकास के हर उपलब्ध अवसर को एक बड़ा मेगा इवेंट बनाकर आगामी विधानसभा चुनावों में जनता की अदालत में जबरदस्त लाभ लेना चाहती है। शायद इसी उद्देश्य से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने हाल ही में अयोध्या में भव्य दीपोत्सव के कार्यक्रम का आयोजन करके विश्व रिकॉर्ड बनाने का कार्य किया था, उन्होंने माँ अन्नपूर्णा की प्रतिमा का दिल्ली से वाराणसी तक के यात्रा कार्यक्रम में जगह-जगह भव्य स्वागत समारोह का सफलतापूर्वक आयोजन किया था, लड़ाकू विमानों को उतारकर बहुप्रतीक्षित पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के भव्य उद्घाटन का कार्यक्रम किया गया, विकास से मरहूम रहने वाले बुंदेलखंड क्षेत्र में रक्षा क्षेत्र व जनहित की विभिन्न परियोजनाओं का प्रधानमंत्री के द्वारा भव्य उद्घाटन किया गया और अब 25 नवबंर को जेवर में बहुप्रतीक्षित दुनिया के चंद बड़े एयरपोर्टों में शामिल अत्याधुनिक "नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा नींव रखकर के भव्य शिलान्यास का कार्यक्रम किया गया।
"उपरोक्त स्थिति का निष्पक्ष राजनीतिक रूप से आंकलन करें तो ऐसा करके कहीं ना कहीं केंद्र की मोदी सरकार व उत्तर प्रदेश की योगी सरकार देश-प्रदेश की जनता को यह संदेश देना चाहती है कि उत्तर प्रदेश में हिन्दू हृदय वाले एक ऐसे योगी की सरकार है जिसका प्रमुख उद्देश्य विश्व के सबसे प्राचीन हिन्दू धर्म के गौरव को बरकरार रखते हुए उत्तर प्रदेश को देश में विकास के मसले में अव्वल बनना है।"

उत्तर प्रदेश में विकास की बात करें तो आज देश व प्रदेश की जनता के लिए यह गर्व की बात है कि ऐतिहासिक नगरी जेवर में दुनिया के विशाल एयरपोर्ट के निर्माण की शुरुआत करके उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इतिहास रचने का कार्य किया है, जेवर के विशाल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होने का कीर्तिमान होगा। वहीं यह एयरपोर्ट एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा और भारत का पहला प्रदूषण मुक्त एयरपोर्ट होगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दिल्ली व जेवर दो इंटरनेशनल एयरपोर्ट होंगे। वहीं दिल्ली देश का ऐसा पहला शहर बन जाएगा जिसकी 70 किमी की रेंज में अब तीन एयरपोर्ट होंगे, पहला दिल्ली, दूसरा गाजियाबाद का हिंडन जहां से घरेलू उड़ान संचालित होती हैं और तीसरा जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा। वैसे भी जेवर में एयरपोर्ट के बनने के बाद उत्तर प्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य बन जायेगा जहां 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट संचालन में होंगे, इनमें से कुशीनगर एयरपोर्ट का हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा उद्घाटन हो चुका है। वहीं अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की शुरुआत के साथ ही इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य चल रहा है, जेवर में नये एयरपोर्ट के निर्माण की नींव प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा रखी गयी, वहीं लखनऊ और वाराणसी में पहले से ही इंटरनेशनल एयरपोर्ट का सफलतापूर्वक संचालन चल रहा हैं। यह स्थिति उत्तर प्रदेश की आर्थिक हालात को भविष्य में मजबूत करने के दृष्टिकोण से व राज्य के निवासियों को रोजगार के भरपूर अवसर उपलब्ध करवाने के दृष्टिकोण से बहुत ही लाभदायक साबित होगी और भविष्य में राज्य के विकास की गति को तेजी प्रदान करने वाली साबित होगी।
वैसे भी देखा जाये तो जेवर में एयरपोर्ट बनने का सपना प्रदेश की जनता लंबे अरसे से देख रही थी, आपसी राजनीतिक खींचतान व विभिन्न तकनीकी अड़चनों के चलते जनता का यह सपना धरातल पर पिछ़ले लगभग 25 वर्षों से अमलीजामा लेना का नाम ही नहीं ले पा रहा था। लेकिन जब से केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की बागडोर मिली, तब से उन्होंने जनता के इस बड़े सपने को साकार करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य करना शुरू कर दिया, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेवर में एयरपोर्ट बनाने के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार से तेजी के साथ चर्चा करनी शुरू कर दी, जिसका परिणाम 25 नवंबर को एयरपोर्ट के भव्य शिलान्यास के रूप में सारी दुनिया ने देखा। हालांकि इस कार्य को मूर्त रूप देने में योगी सरकार को केंद्र में भी भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार होने का जबरदस्त लाभ धरातल पर हासिल हुआ है, केंद्र व राज्य दोनों सरकारों में विस्तृत चर्चा के बाद इस क्षेत्र में एयरपोर्ट के निर्माण पर सहमति बनी और केंद्र सरकार ने बहुत कम समय में जेवर में एक भव्य एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी अनुमति प्रदान कर दी।
"सबसे अच्छी बात यह रही कि जेवर में विशाल एयरपोर्ट का निर्माण मोदी व योगी दोनों सरकारों का ड्रीम प्रोजेक्ट होने के चलते एयरपोर्ट से संबंधित फाइलों को केंद्र व राज्य सरकार के अधिकारियों के द्वारा किसी भी स्तर पर लटकाने का कार्य नहीं किया गया, उनको हर स्तर पर फटाफट से क्लियरेंस मिलती चली गयी और एयरपोर्ट के निर्माण के लिए भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेजी के साथ शुरू कर दिया गया, भुमि अधिग्रहण से संबंधित विवादों का तत्काल निस्तारण करते हुए धरातल पर एयरपोर्ट निर्माण के लिए भूमि का कब्जा हासिल करने का कार्य किया।"

वहीं सरकार ने एयरपोर्ट के निर्माण के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना प्राधिकरण व उत्तर प्रदेश सरकार के इस ज्वॉइंट वेंचर के लिए अपने तय मानकों और नियमों पर खरा उतरने वाली कंपनी की तलाश करना शुरू कर दिया, जिसके आधार पर पीपीपी मोड पर स्विट्जरलैंड की ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को एयरपोर्ट निर्माण की जिम्मेदारी दी गई। जेवर का यह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 5845 हेक्टेयर भूमि पर चार चरणों में बनेगा, पहले चरण में इसका निर्माण 1334 हेक्टेयर भूमि पर होगा, जिसमें दो यात्री टर्मिनल और दो रनवे बनाए जाएंगे। लेकिन भविष्य में यहां कुल पांच रनवे बनाए जायेंगे और सबसे अच्छी बात यह है कि इसके पश्चात भी भविष्य में एयर ट्रैफिक बढ़ने पर इससे अधिक रनवे बनाए जाने की यहां पर पूर्ण गुंजाइश हैं। इस विशाल एयरपोर्ट के निर्माण में 29 हजार 650 करोड़ रुपए खर्च होंगे, सरकार के तय लक्ष्य के अनुसार यहां से पहली फ्लाइट वर्ष 2024 के सितंबर माह में उड़ान भरेगी। इस भव्य एयरपोर्ट की चार एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी होगी, जिसके माध्यम से यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 30 जनपदों से जुड़ेगा, इसके निर्माण से डायरेक्टर व इन डायरेक्टर करोड़ों लोग लाभान्वित होंगे, लगभग एक लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। अपने चरणबद्ध निर्माण के पश्चात यह एयरपोर्ट कम से कम वर्ष 2030 तक दिल्ली एयरपोर्ट जैसा विशाल आकार लेकर, उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास को विश्वस्तरीय नये आयाम प्रदान करेगा।
सबसे बड़ी महत्वपूर्ण बात यह है कि जेवर के इस इंटरनेशनल एयरपोर्ट की मजबूत नींव वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश में एकबार फिर से योगी सरकार के निर्माण की नींव साबित हो सकती है, यह एयरपोर्ट विपक्ष के उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के सपनों को आगामी विधानसभा चुनावों में हवा में उड़ा सकता है, योगी आदित्यनाथ को फिर से उत्तर प्रदेश के मुखिया बनने का ताज पहना सकता है।
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