व्यंग्य: नीतीश के प्रोग्राम में क्या खूब आये मांझी, तुमने मारी इंट्री यार, दिल में बजी घंटी यार...

पटना सिटी का ऐतिहासिक मुहल्ला नून का चौराहा। मुगल शासक औरंगजेब के जमाने में कभी यहां केवल नमक बिकता था लेकिन अब यह इलाका तंग गलियों का एक संकरा मुहल्ला है। यहां कोरोना का खौफ कुछ ज्यादा है सो लोग घरों में कैद हैं। चमन लाल का अधिकतर समय या तो टीवी देखने में या फिर अखबार पढ़ने में गुजरता है। चमन लाल रोज की तरह आज भी अखबार पढ़ रहे थे। तभी बैठकखाने में कदमों की आहट हुई। नजर उठा के देखा तो सामने बिसेसर पंडित हाजिर थे। बेतक्कलुफ बाबा बिसेसर बिना कुछ कहे एक कुर्सी पर ढेर हो गये। चमन लाल ने कहा, का बिसेसर ई खबर पढ़े कि कइसे जीतन राम मांझी का नाम सुनिए के नीतीश कुमार एकदम से गदगद हो गये ? बाबा बिसेसर ने कहा, पढ़े तो नहीं, लेकिन मोबाइल पर देखे हैं। लेकिन तुम अचरज में काहे हो, का मालूम नहीं कि नीतीश बाबू को अभी मांझी जी से मतलब है। ई मतलब का खुशी है। नहीं त इ उहे नीतीश कुमार हैं जिनके एक खासमखास विधायक ने जीतन राम मांझी को तब थोपियाने (थप्पड़) की धमकी दी थी जब ऊ सीएम थे। चमन लाल ने थोड़े अनमने ठंग से कहा, जब जीतन बाबू ई बात जानिए रहे थे तब ऊ काहे नीतीश जी के पोरगराम में बिना बतवले घुस गये थे। का फैदा के लिए सब भुला जाइएगा?

चमन लाल की चिंता
बाबा बिसेसर तनिक अचकचाए, फिर कहा, का मेरे उजड़े चमन, कहां का ई सब ले के बइठ गये ? चाह-वाह मंगाओ फिर बतियाते हैं। घर से कहिये के निकले हैं कि चाह चमन के ईहां ही पिएंगे। चमन लाल ने ने अपने पोते को आवाज लगायी, अरे ओ ललन, जरा चाय के लिए बोल दो। जब ललन की आवाज नहीं मिली तो चमन ने फिर आवाज लगायी। अरे ओ ललनवा, कहां घुसियाइल हो, बोल काहे नहीं रहे। ललन की आवाज आती कि उसका मोबाइल बज उठा, तुमने मारी इंट्री यार... दिल में बजी घंटी यार... दिल की सुन कमेंट्री यार... प्यार की गरंटी यार...। अब चमन लाल को ललन पर गुस्सा आ गया। वो झोंक में उठे और ललन के कमरे की तरफ लपके। तभी उन्हें पत्नी की आवाज मिली। अरे ललन बाथरूम में है, काहे घऱ माथा पर उठाइले हो। चमन ने कहा, कुच्छो नहीं, दू कप चाय भेजवा देना। थोड़ी देर में चाय आ गयी।

तुमने मारी इंट्री यार...
चाय सुड़कते हुए बाबा विसेसर ने कहा, ई ललनाव तो अजबे गाना मोबाइल के रिंग टोन बनवले है ? लेकिन ठीके त कह रहा है, तुमने मारी इंट्री यार... दिल में बजी घंटी यार...। असलियत में कहें तो नीतीश जी भी इहे कह रहे हैं। बिजली विभाग के पोरगराम में हर डीएम को जिम्मेवारी मिला था कि ऊ अपने जिले के सब विधायक को इसमें शामिल होने का नेवता दें। विधायक होने के नाते मांझी जी को भी नेवता मिला तो ऊ इसमें शामिल हुए। चूंकि ई भर्चुअल पोरगराम था तो नीतीश जी, मांझी जी को देख नहीं पाये। डीएम साहेब लोग भी हद्दे कर दिये। बड़का हाकिम (मुख्य सचिव) को बताइबे नहीं किये कि इसमें कौन-कौन शामिल हो रहा है। पोरगराम हुआ। नीतीश जी को बिजली पर जेतना कहना था कहा। पोरगराम के आखिर में बिजली कंपनी के एमडी संदीप कुमार धन्यवाद ज्ञापन के लिए आये। ऊ पहिले नीतश कुमार को धन्यवाद दिये। फिर जीतनराम मांझी को भी आने के लिए शुक्रिया कहा। अचानक मांझी जी का नाम सुन कर नीतीश जी थोड़ा हड़बड़ाये। चेहरा तो मास्क से ढका था इसलिए मुस्कान नहीं दिखी लेकिन ऐसा जरूर लगा कि नीतीश जी खुश हो गये। उन्होंने अफसरों को उलहना भी दी, भई मांझी जी के आने के बारे में किसी ने बताया क्यों नहीं। खैर उन्होंने मांझी जी को धन्यवाद दे कर भूल सुधार कर दी।

अपना काम बनता, भाड़ में जाय जनता
बिसेसर ! तुम राम कहानी त सुना दिये, लेकिन ई बताओ कि क्या नीतीश कुमार सच्चे में जीतन राम मांझी के आने से खुश हैं ? पिछला सब बात भुला दिये ? बाबा बिसेसर ने गहरी नजर से चमन लाल को देखा। चमन, तुम भी चिरकुट की तरह बतिया रहे हो। का पोलटिक्स में लाज-लिहाज का कौनो भैलू है। अपना काम बनता, भाड़ में जाये जनता। इतना सुनना था कि चमन लाल खिसिया गये। उन्होंने कहा, बिसेसर तुम जबरदस्ती बतिया रहे हो। आखिर इंसान में जमीर नाम का कौनो चीज होता है कि नहीं। मांझी जी थप्पड़ वाला बात भुला गय़े ? जब मांझी जी 2015 में नीतीश जी के लिए सीएम की कुर्सी खाली नहीं कर रहे थे तब एक बाहुबली विधायक ने मांझी को थप्पड़ मारने की धमकी दी थी। मुख्यमंत्री रहते मांझी जी की कितनी तौहीन हुई थी। जब मांझी जी सीएम हाउस में रहते थे तब आम लिची के लिए केतना बखेड़ा हुआ था ? सरकारी माली ने जब मांझी जी के लिए लीची तोड़ा था तब नीतीश जी ने उसको सस्पेंड करा दिया था। पांच साल पहिले का ही न बात है। कइसे दूनो आम-लीची के लिए लइकन की तरह लड़ रहे थे। पूरा बिहार देखा ई सब। बाबा विसेसर ने चमन लाल को शांत करने के लिए कहा, तनिक धीरज धरो, राजनीत का मतलब है रात गयी बात गयी। आगे बढ़ने के लिए सब कुछ भुलाना पड़ता है। अभी नीतीश बाबू को जीतन बाबू में जीत दिखायी पड़ रहा है। जीतनो बाबू को एगो इज्जत वला अड़ान चाहिए। अब दुन्नो मिल रहे हैं त का प्रोब्लेम है। तभी ललन कमरे में दाखिल हुआ। सुबह के आठ बज चुके थे। ललन ने चमन लाल के हाथ में झोला और पैसा थमाया। चमन लाल समझ गये कि अब सब्जी लाने के लिए महफिल बर्खास्त करनी पड़ेगी।
(इस लेख में व्यक्त विचार, लेखक के निजी विचार हैं. आलेख में दी गई किसी भी सूचना की तथ्यात्मकता, सटीकता, संपूर्णता, अथवा सच्चाई के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)
-
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट -
Uttar Pradesh Gold Price: यूपी में आज 22K-18K सोने का भाव क्या? Lucknow समेत 9 शहरों में कितना गिरा रेट? -
Hormuz Crisis: ईरान के खिलाफ 20 मजबूत देशों ने खोला मोर्चा, दे दी बड़ी चेतावनी, अब क्या करेंगे मोजतबा खामेनेई -
बिना दर्शकों के खेला जाएगा PSL, मोहसिन नकवी ने की 2 शहरों में आयोजन की घोषणा, किस वजह से लिया यह फैसला? -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोना-चांदी के भाव ने फिर चौंकाया, चढ़ा या गिरा? जानें यहां -
Donald Trump PC Highlights: '48 घंटे के अंदर खोलो Hormuz वरना तबाह कर दूंगा', ट्रंप ने दी ईरान को धमकी -
विराट ने मांगा प्राइवेट जेट? क्या RCB के हर मैच के बाद जाएंगे वापस लंदन? खुद सामने आकर किया बड़ा खुलासा -
Rupali Chakankar कौन हैं? दुष्कर्म के आरोपी ज्योतिषी के कहने पर काट ली थी उंगली! संभाल रहीं थीं महिला आयोग -
Ram Navami 2026 kab hai: 26 या 27 मार्च, राम नवमी कब है? जानें सही तिथि












Click it and Unblock the Notifications