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AI and Robotics: देश के विकास में एआई और रोबोटिक्स की भूमिका

AI and Robotics: हमारी जिंदगी में एआई और रोबोटिक्‍स का दखल और इस पर हमारी निर्भरता लगातार बढ़ रही है। इस निर्भरता में बेशुमार कारोबारी संभावनाएं मौजूद हैं। इन्‍हें भुनाने के लिए दुनिया के सभी प्रमुख देश इस क्षेत्र में नई-नई योजनाएं और नीतियॉं तैयार कर रहे हैं। पिछले हफ्ते, भारत सरकार ने भी राष्ट्रीय रोबोटिक्स रणनीति का मसौदा जारी कर इस विषय में जनता के सुझाव आमंत्रित किए हैं।

भारत बदलते दौर की इन प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने का कोई भी अवसर हाथ से नहीं जाने देना चाहता, जो उसे दुनिया भर के प्रमुख रोबोटिक्स हब के रूप में स्‍थापित करने में मददगार साबित हो सकती हैं। खासकर इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर, कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य सेवाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में तो इनका बहुत ज्‍यादा लाभ लिया जा सकता है। प्रस्‍तावित रणनीति भी इसी दिशा में आगे बढ़कर भारत को वर्ष 2030 तक रोबोटिक्‍स के क्षेत्र में ग्‍लोबल लीडर के तौर पर स्थापित करने के उद्देश्‍य को ध्‍यान में रखकर तैयार की गई है।

Role of AI and Robotics in the development of the country

भारत की यह महत्‍वाकांक्षा निराधार नहीं है। वर्तमान में बेशक हम इस क्षेत्र में अन्य प्रतिस्‍पर्द्ध‍ि‍यों की अपेक्षा थोड़ा पीछे नजर आ रहे हों, लेकिन भविष्‍य के अनुमान बहुत उम्‍मीदें जगाने वाले हैं। वर्ष 2023 में एआई और रोबोटिक्‍स का वैश्विक बाजार क्रमश: 397.5 बिलियन डॉलर और 50.96 बिलियन डॉलर था। वर्ष 2030 तक एआई का बाजार 24.9% की सालाना विकास दर से 1,587.8 बिलियन डॉलर और रोबोटिक्‍स का बाजार 23.1% की दर से 214.60 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

अगर भारत की बात करें तो यह तय है कि हमारे यहॉं वर्ष 2023 में एआई और रोबोटिक्स का क्रमश: 3.77 बिलियन डॉलर व 0.81 बिलियन डॉलर का मौजूदा बाजार, अगले सात वर्षों में और व्‍यापक व अधिक परिपक्व होने जा रहा है। वर्ष 2030 तक, भारतीय एआई बाजार 19.99% की दर से बढ़ते हुए 14.72 बिलियन डॉलर और रोबोटिक्स बाजार 14.88% की सालाना वृद्धि दर से 4.29 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।

सच तो यह है कि एआई और रोबोटिक्‍स को लेकर एक सुनियोजित रणनीति समय की जरूरत है। दो महीने बाद ही दस दिसंबर को ग्‍लोबल इंडिया एआई शिखर सम्‍मेलन आयोजित होने जा रहा है, ऐसे में इसे जल्‍दी से जल्‍दी अंतिम रूप देकर अमल में लाया जा सके तो यह बहुत अच्‍छी बात होगी।

वैसे भी एआई और रोबोटिक्स भविष्य की दो प्रमुख तकनीक हैं। भारत की घनी आबादी, शिक्षा प्रणाली और एक उद्यमशीलता से भरपूर संस्कृति, रोबोटिक्स क्षेत्र में हमारी सफलता सुनिश्‍चि‍त करने के लिए एक अनुकूल वातावरण उपलब्‍ध कराती है। हमारे यहॉं उद्योगों की एक विस्तृत श्रृंखला में रोबोटों का उपयोग किया जा रहा है, जो कि आने वाले वर्षों में और बढ़ने वाला है। रोबोटिक्स से उत्‍पादन, प्रशासन और समाज कल्‍याण जैसे क्षेत्रों में बहुत सुधार व विकास किया जा सकता है। साथ ही रोबोटिक्स से भारत कई बड़ी चुनौतियों से निपटने में भी मदद मिल सकती है। उदाहरण के लिए, रोबोट का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा वितरण में सुधार करने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण को कम करने के लिए किया जा सकता है।

राष्ट्रीय रोबोटिक्स रणनीति के मसौदे में, देश में रोबोटिक्स को अपनाने की प्रवृत्ति और इसके विकास को बढ़ावा देने के लिए कई महत्‍वपूर्ण उपाय सुझाए गए हैं। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और कंप्यूटर विज़न जैसे रोबोटिक्स के प्रमुख क्षेत्रों में अनुसंधान के लिए धन उपलब्ध कराना, इनोवेशन के लिए एक सहायक ईकोसिस्‍टम तैयार करना, डेडिकेटेड रोबोटिक्स सेंटरों और इनक्यूबेटरों की स्थापना, रोबोटिक्स कंपनियों और स्टार्ट-अप को करों में छूट व अन्य प्रोत्साहन प्रदान करना, प्रमुख उद्योगों को रोबोटिक्स अपनाने के लिए प्रेरित करना, विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा और कृषि जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में रोबोटिक्स को शामिल करने के रोडमैप विकसित करने के लिए हितधारकों के साथ काम करना जैसे उद्देश्‍य शामिल हैं। इसके अलावा इस क्षेत्र में अनुसंधान व कौशल विकास को प्रोत्‍साहन देने के लिए निवेश की व्‍यवस्‍था भी इस नीति का एक प्रमुख घटक है।

राष्ट्रीय रोबोटिक्स रणनीति का मसौदा रोबोटिक्स के प्रसार में तेजी लाने का मार्ग प्रशस्‍त करने वाला है। इसका भारतीय अर्थव्यवस्था और समाज पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। क्‍योंकि, इसमें नई नौकरियों का सृजन होगा, उत्पादकता में सुधार आयेगा और सामाजिक स्‍तर पर भी बहुत सारी विसंगतियों को दूर किया जा सकेगा। इसे जन-विमर्श के लिए जारी करना एक समझदारी भरा फैसला है, चूंकि यह व्‍यापक स्‍तर पर समाज को प्रभावित करने वाला क्षेत्र है, इसलिए इस बारे में उनकी राय की अनदेखी करना उचित नहीं माना जा सकता।

इस समावेश से सरकार को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि यह रणनीति दूरदर्शितापूर्ण व व्यापक है और सभी हितधारकों की जरूरतों का प्रतिनिधित्‍व करती है। यह जनता को रोबोटिक्स और इसके संभावित लाभों के बारे में विश्‍वास में लेने का भी एक अच्‍छा अवसर प्रदान करता है। भारत में एक बड़ी और शिक्षित आबादी है, जिसमें लाखों लोग विभिन्न प्रकार के उद्योगों में काम करते हैं, जिनमें रोबोटिक्‍स और एआई गेमचेंजर साबित हो सकते हैं। उनके सुझावों से रणनीति को वैविध्‍यपूर्ण और बहुआयामी बनाने में सहायता मिलेगी।

भारत में रोबोटिक्स में लोगों की रुचि बढ़ रही है। वे धीरे-धीरे ही सही, अर्थव्यवस्था और समाज को बदलने की इसकी क्षमता को समझ रहे हैं। रोबोटिक्स सेक्‍टर में काम करने वाले भारतीय स्टार्टअप्‍स की बढ़ती संख्या इसका प्रमाण है। हमारे यहॉं लगभग साठ स्‍टार्टअप्‍स इंडस्ट्रियल रोबोट डेवलपमेंट और मैनफैक्‍चरिंग के क्षेत्र में काम कर रही हैं। विश्‍व रोबोटिक्‍स रिपोर्ट, 2022 के अनुसार वर्ष 2021 में, भारत में इंडस्ट्रियल रोबोटों की संख्‍या पॉंच साल पहले की तुलना में दोगुनी यानि 33, 220 यूनिट हो चुकी थी। रिपोर्ट के अनुसार, रोबोटिक्‍स के मामले में भारत विश्‍व में दसवें स्‍थान पर आ चुका है।

इस उल्‍लेखनीय प्रगति की वजह यह है कि भारत सरकार ने एआई और रोबोटिक्स को प्राथमिकता वाला क्षेत्र बनाया है, और इन प्रौद्योगिकियों के विकास और अपनाने को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं। इसके अलावा इन्‍फ्रा, हेल्‍थकेयर, एग्रीकल्‍चर, और लॉजिस्टिक्स जैसे कई सेक्‍टर तेजी से एआई और रोबोटिक्स प्रौद्योगिकियों को अपना रहे हैं। इसके अलावा देश में स्‍टेम (साइंस, टेक्‍नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ) के क्षेत्र में अनुभवी व प्रशिक्षित प्रतिभाओं एक बड़ा समूह है, जो देश को एआई और रोबोटिक्स प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए पर्याप्‍त है।

यह क्षेत्र बहुत व्‍यापक है और बहुत संभावनाओं भरा भी। लेकिन, हमें ध्‍यान रखना होगा कि एआई और रोबोटिक्स केवल अमीरों और साधनसम्‍पन्‍न वर्ग तक ही सीमित होकर न रह जाएं। रणनीति को अंतिम रूप देते समय सरकार को सुनिश्‍च‍ित करना होगा कि एआई और रोबोटिक्स के फायदे हर किसी के लिए सुलभ हों, फिर चाहे उसकी पृष्ठभूमि या आर्थिक स्थिति कुछ भी हो। दूसरी चुनौती यह है कि एआई और रोबोटिक्स सिस्टम अक्सर बड़ी मात्रा में डेटा पर निर्भर होते हैं। इस डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा की रक्षा के लिए नियम बनाना महत्वपूर्ण है। साथ ही इन प्रणालियों के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही तथा पूर्वाग्रह और भेदभाव को रोकने के लिए नियम बनाना महत्वपूर्ण है।

इनके अलावा सरकार को एआई और रोबोटिक्स के नैतिक और जिम्मेदार विकास पर जोर देना होगा। इसके लिए इन प्रौद्योगिकियों के विकास और उपयोग के लिए दिशानिर्देश और नियम विकसित किए जा सकते हैं। इनसे यह सुनिश्‍चत करने में मदद मिलेगी कि एआई और रोबोटिक्स का उपयोग भलाई के लिए किया जा रहा है और व्यक्तियों या समाज को इनसे नुकसान नहीं पहुँच रहा है। इस सबके लिए सरकार को व्यवसायों, संगठनों और व्यक्तियों के बीच एआई और रोबोटिक्स नियमों के बारे में जागरूकता बढ़ानी चाहिए। यह सार्वजनिक शिक्षण कार्यक्रमों और कार्यशालाओं के माध्यम से किया जा सकता है।

(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)

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