Nepal PM Visit: प्रचंड की यात्रा से मजबूत हुआ भारत नेपाल के बीच रोटी बेटी का रिश्ता
नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल की भारत यात्रा से जहां एक ओर आर्थिक रिश्तों को मजबूती मिली है वहीं दूसरी ओर सामाजिक स्तर पर संबंधों में आयी रुकावटों को दूर करने के लिए प्रचंड ने पहल की है।

दिसंबर 2022 में नेपाल के प्रधानमंत्री बने प्रचंड का यह भारत दौरा सात माह से लंबित था। लेकिन राजनयिक और कूटनीतिक स्तर पर हुई तैयारियों के बाद आखिरकार 31 मई को नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' भारत पहुंचे। 1 जून को यहां उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से हैदराबाद हाउस में मुलाकात की और दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण आर्थिक समझौते भी हुए।
लेकिन भारत आने से पहले प्रचंड ने सिर्फ आर्थिक समझौतो की तैयारी ही नहीं की थी। उन्होंने सामाजिक रूप से खड़े हुए सवालों को भी हल करने का प्रयास किया है। भारत दौरे से चंद घंटे पहले राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल के कार्यालय से उस नागरिकता संशोधन कानून पर स्वीकृति हासिल कर ली जिसे लेकर नेपाल के वामपंथी नेताओं को आपत्ति थी। नेपाल नागरिकता संशोधन कानून के लागू होने से मधेशियों को नेपाल से रोटी बेटी का रिश्ता रखने में बहुत दिक्कत आ रही थी।
ओली की सरकार में यह प्रावधान किया गया था कि अगर कोई विदेशी मूल की महिला (जिसमें भारत भी शामिल है) विवाह करके नेपाल आती है तो उसको नेपाल के नागरिक अधिकार नहीं दिये जाएंगे। इस कानून की वजह से भारत और नेपाल के नागरिकों के बीच एक डेडलॉक जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी थी। अब प्रचंड की पहल पर नागरिकता कानून में संशोधन लागू होने के बाद सबसे बड़ी राहत मधेशी समाज को मिलेगी। अब भारत की किसी लड़की का नेपाल में व्याह होता है तो उसे तत्काल नागरिकता मिल सकेगी। इससे पड़ोसी चीन की परेशानी भी बढ़ेगी क्योंकि इससे नेपाल में प्रवासित तिब्बतियों की आबादी को भी बड़ी राहत मिलने जा रही है।
नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' का चार दिवसीय भारत दौरा नेपाल को आर्थिक मुसीबतों से उबरने में भी मददगार साबित होगा। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुए समझौते के तहत भारत नेपाल में उर्वरक प्लांट लगाएगा और नेपाल से दस हज़ार मेगावाट पनबिजली खरीदेगा। आर्थिक प्रगति का कारण बनी बिजली आपूर्ति को लेकर नेपाल, बांग्लादेश और भारत के बीच मजबूत सर्किट तैयार होगा। गुरुवार को हैदराबाद हाउस की शिखर वार्ता में दोनों देशों के बीच सात महत्वपूर्ण समझौतों को मूर्तरूप दिया गया।
पहला, नेपाल से बिजली की खरीदारी, दूसरा, उत्तर प्रदेश के बहराइच के रूपईडीहा और नेपाल के नेपालगंज स्थित एकीकृत चेकपोस्ट का शुभारंभ हुआ। तीसरा, सोनौली और नेपाल के भैरहवा में 500 करोड़ रुपए की लागत से 47 हेक्टेयर भूमि में तैयार हुआ एकीकृत चेकपोस्ट का निर्माण। इस चेकपोस्ट से दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नया आयाम मिलेगा। इससे खुले बॉर्डर की वजह से होने वाली राजस्व की चोरी को खत्म करने में दोनों देशों को मदद मिलेगी।
चौथा, बिहार के अररिया जिले के बथनाहा से नेपाल के कस्टम यार्ड के लिए 43 बोगियों की मालगाड़ी से 2750 टन लोहा भेजकर सड़क परिवहन के विकल्प को खड़ा कर लिया गया। नेपाल अपने आयात का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा भारत से लेता है। पांचवा, परिवहन की सुगमता के लिए दोनों नेताओं ने जयनगर बर्दीबास रूट पर कुर्ता से बैजलपुरा तक 18 किलोमीटर की यात्री रेलसेवा का उद्घाटन किया। इससे भविष्य में नेपाल तक राजधानी जैसी ट्रेनों की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलने वाली है।
छठा, मोतिहारी अमलेखगंज पेट्रोलियम पाइपलाइन के तहत दूसरे चरण की सुविधाओं का आरंभ हुआ। सातवां, गोरखपुर भूतवाल ट्रांशमिशन लाइन के भारतीय हिस्से की शुरुआत हो गई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इससे दोनों देशाें की आर्थिक कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी।
2014 में प्रधानमंत्री बनने के तीन माह के भीतर ही काठमांडू पहुंच अपने चर्चित दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस प्रयास का आगाज किया था वह प्रचंड के मौजूदा दौरे से प्रभावी होता नज़र आ रहा है। नई दिल्ली में एक जून को हुई द्विपक्षीय वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने याद दिलाते हुए कहा कि तब उन्होंने हितरक्षक समझौते की बात कही थी वह अब नौ वर्ष बाद अंजाम तक पहुंच रहा है।
आर्थिक हितरक्षक समझौतों के साथ ही नेपाल के प्रधानमंत्री व पूर्व माओवादी नेता प्रचंड का उज्जैन जाकर महाकाल की पूजा अर्चना करने का निर्णय महत्वपूर्ण है। नेपाल में राजशाही के उन्मूलन के बाद से हिंदू बहुल पड़ोसी राष्ट्र नेपाल में ईसाई मिशनरियों ने तेज गति से विस्तार पाया है। हिन्दुओं का धर्मांतरण भी बढ़ा है। इससे नेपाल की विशाल हिन्दू आबादी में आंतरिक क्षोभ है। नेपाली प्रधानमंत्री प्रचंड की महाकाल में पूजा अर्चना उसे जरूर कुछ शांत करेगा। यह उन साम्यवादी नेताओं के लिए सबक भी है जो धार्मिक व्यवहार को राजनीति से अलग मानते रहे हैं और विचारधारा के आधार पर धार्मिक आचरण को पाखंड बताकर जमकर विरोध करते रहे हैं।
भूमिगत रहकर दस साल तक नेपाल में जनयुद्ध के नायक रहे प्रचंड की पहचान साम्यवादी हिंसा के प्रणेता की रही है। उनके खिलाफ अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार न्यायालय में 17 हज़ार नेपालियों की नृशंस हत्या का मुकदमा चलाने की मांग होती रही है। लेकिन अब वह बदले परिदृश्य में हैं। वो अपने देश की हिन्दू जनता का प्रतिनिधित्व करते दिखाई दे रहे हैं। उनका भारतीय माओवादी नेताओं से भी करीबी रिश्ता रहा है, लिहाजा उनका बदला आचरण तमाम साम्यवादियों के लिए सबक साबित हो सकता है।
हालांकि नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड को धार्मिक पहचान से खुद को जोड़ने में कभी हिचक नहीं रही। साम्यवादी नेता याद करते हैं कि भूमिगत आंदोलन के दौरान भी उन्होंने लखनऊ के लीला होटल में चोरी छिपे दोनों बेटियों का विवाह किया था। कन्यादान में भी पूरे धार्मिक विधान का परिपालन किया गया था। नेपाल में वो मंदिर भी जाते हैं और पूजा पाठ करते हुए भी दिखते हैं। लेकिन भारत यात्रा के दौरान महाकाल की यात्रा निश्चय ही दोनों देशों की जनता को संदेश है। प्रचंड के भीतर आये इस बदलाव से समान सांस्कृतिक संबंधों वाले दो देशों में प्रगाढ़ता आयेगी।
लंबे समय से नेपाल आर्थिक मुश्किल में है। नेपाली बाज़ार से बड़ी मात्रा में मुद्रा के गुम हो जाने की रिपोर्ट चिंता का सबब हैं। ऐसे में दोनों देशों के राजनयिकों की सधी तैयारियों के बीच पूरा हो रहा यह कूटनीतिक दौरा नेपाल को आर्थिक मजबूती प्रदान कर सकता है। दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों के भविष्य के लिए प्रचंड का यह दौरा मील का पत्थर साबित होता नज़र आ रहा है। पिछली बार 2016 में जब वो बतौर प्रधानमंत्री भारत दौरे पर आये थे तब नेपाल में भूकंप के बाद पुनर्निर्माण का काम चल रहा था। उस समय भारत ने 160 मिलियन डॉलर की मदद देकर नेपाल से जो अपनापन दिखाया था, प्रचंड का यह ताजा दौरा दोनों ओर से लेन देन का संतुलन साधनेवाला दौरा साबित होगा, इसमें संदेह नहीं।
(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)
-
Gold Rate Today: सोना खरीदारों की मौज! हफ्ते के पहले ही दिन धड़ाम से गिरे दाम, चेक करें अपने शहर का नया रेट -
Tamil Nadu: धमकी से मुस्लिम महिला की सुरक्षा तक—हजीना सैयद के आरोपों से हिली कांग्रेस, चुनाव से पहले फोड़ा बम -
फोन इस्तेमाल करने पर राजस्थान रॉयल्स का अजीब जवाब, BCCI के नोटिस के बाद कहा- मैनेजर के फेफड़े खराब -
कौन हैं 24 साल के प्रफुल हिंगे? IPL डेब्यू मैच के पहले ओवर में झटके 3 विकेट, तोड़ दी राजस्थान रॉयल्स की कमर -
युवराज सिंह के शिष्य की दुखद मौत, 3 दिन के बाद मिली लाश, IPL में आने से पहले ही चली गई जान -
Hajj 2026: ईरान जंग के बीच सऊदी ने मक्का में बैन की एंट्री! हज से पहले सख्त हुए नियम, उमरा वीजा सस्पेंड -
IPL 2026: जयपुर में नहीं खेलेंगे रोहित-कोहली और धोनी, BCCI ने राजस्थान के फैंस को बनाया बेवकूफ -
MP CM Kisan Kalyan Yojana: 82 लाख किसानों को बड़ा तोहफा! 14-15 अप्रैल को खाते में आ सकती है किस्त -
VIDEO: सुरों की 'देवी' को विदा करने पहुंचे क्रिकेट के भगवान! आशा भोंसले को देख फूट-फूटकर रो पड़े सचिन -
Trump Vs China: अमेरिका पर भड़का चीन, ट्रंप को दी चेतावनी, कहा- 'कोई हमारे मामलों में दखल न दे' -
'Kanika Sharma की वजह से लड़कियां 32 टुकड़ों में कट रहीं', मुस्लिम से शादी पर हिंदू शेरनी रिद्धिमा बरसीं -
Kal Ka Match Kon Jeeta 12 April: कल का मैच कौन जीता- मुंबई इंडियंस vs आरसीबी












Click it and Unblock the Notifications