BJP Preparation: अबकी बार 400 पार, क्या तीसरी बार भी मोदी सरकार?
BJP Preparation: राजनीति में जीत हार का कुछ जिम्मा चुनाव के दौरान लगनेवाले नारों पर भी होता है। मोदी के लिए पहली बार नारा लगा कि अबकी बार मोदी सरकार।

दूसरी बार नारा लगा, एक बार फिर मोदी सरकार। अब तीसरी बार के लिए बीजेपी ने नारा लगाया है: "अबकी बार 400 पार, तीसरी बार मोदी सरकार।" खबर है कि बीजेपी ने इसी नारे को लेकर आगे बढ़ने का निर्णय किया है।
आने वाले अप्रेल-मई में हो रहे लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी में तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। मोदी सरकार की योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने की कोशिश में 'विकसित भारत संकल्प यात्रा' देश के गांव गांव में पहुंच रही है। इस बीच 'अबकी बार 400 पार, तीसरी बार मोदी सरकार' नारे को अपनाकर उसे जन आंदोलन के रूप में आमजन तक पहुंचाने की शुरुआत भी हो गयी है।
लोकसभा चुनाव की तैयारियों के तहत बीजेपी ने प्रदेश स्तर के साथ साथ हर, लोकसभा और विधानसभा स्तर पर भी संयोजक और सह-संयोजक निश्चित कर लिए हैं। हर प्रदेश में तीन-चार लोकसभा क्षेत्रों के क्सल्टर बनाए गए हैं। हर क्लस्टर की बैठकें शुरू हो गई हैं और राम मंदिर के उद्घाटन के साथ ही देश भर में हर लोकसभा क्लस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के दौरों के कार्यक्रम तय हो गए हैं। इन्हीं सारी तैयारियों के बीच बीजेपी ने आम चुनाव को लेकर नारा तय कर लिया है।
बीजेपी की अंदरूनी जानकारी रखनेवाले जानकार सूत्रों का कहना है कि 'अबकी बार 400 पार, तीसरी बार मोदी सरकार' का नारा बीजेपी ने ऐसे समय पर गढ़ा है, जब 2 जनवरी को नई दिल्ली में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई और तीसरी बार की तैयारी पर व्यापाक चर्चा हुई।
देश में इन दिनों विकसित भारत संकल्प यात्रा में मोदी की गारंटी वाली जो गाड़ी चल रही है, माना जा रहा है कि यही बीजेपी के लिए देश भर में सफलता की गारंटी भी बनेगी, ये भी मोदी की गारंटी है। इसी तालमेल के तहत 'विकसित भारत संकल्प यात्रा' में 'मोदी की गारंटी' की गाड़ी देश भर के गांव गांव में पहुंच रही है। इस अभियान में बीजेपी की स्थानीय इकाई भी सरकारी सहयोग में जुटी है।
बीजेपी के इन सूत्रों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति देश में पहले से ज्यादा विश्वास बढ़ा है, वे यह भी मानते हैं कि मोदी की गारंटी वाली गाड़ी, देश की सफलता की गारंटी बनेगी, ये भी मोदी की गारंटी है। ऐसे में 'अबकी बार 400 पार, तीसरी बार मोदी सरकार' नारे के साथ आगे बढ़ने की जो तैयारी हो रही है, उससे लगभग तय है कि बीजेपी मोदी की गारंटी से शुरू हुए जनअभियान को इसी 400 पार वाले नए नारे तक ले जाएगी।
बीजेपी की ताजा तैयारियों से तस्वीर साफ है कि बीजेपी का चुनाव अभियान शुरू हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी अपनी तीसरी बार के विजय अभियान में महिलाओं, छात्रों, युवाओं, जरूरतमंदों व लाभार्थियों से बात कर रहे हैं। तमिलनाड़ु की तरह ही उन प्रदेशों में भी जाकर लोगों से मिल रहे हैं, जहां बीजेपी को अपना नया जनाधार विकसित करना है।
बीजेपी मान रही है कि चुनावी अभियान के साथ साथ किसी भी नई जगह में प्रवेश और विस्तार दोनों ज्यादा आसान होते हैं, जबकि सामान्य दिनों में लोगों को राजनीतिक दलों से जुड़ाव का कोई कारण नजर नहीं आता। राजनीति के जानकार कहते हैं कि बीजेपी सही राह पर जा रही है। क्योंकि गैर राजनीतिक कार्यक्रम घोषित करके राहुल गांधी ने बिना चुनावी उद्देश्य के जो भारत जोड़ो यात्रा निकाली थी, उसमें न तो भारत के लोग उनसे जुड़ पाए और न ही वे भारत को खुद से जोड़ सके।
2 जनवरी को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अगुवाई में चुनावी तैयारियों को लेकर बीजेपी के मुख्यालय में दिन भर चली बैठक में महासचिव सुनील बंसल, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, अश्विनी वैष्णव और मनसुख मंडाविया और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सर्मा मौजूद थे। इस बैठक में पार्टी के बूथ स्तर पर सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं को यह तय करने की रणनीति तय की गई है कि नए वोटर, युवाओं और महिला वोटर्स पर खास फोकस किया जाना चाहिए। बीजेपी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता व नेता हर स्तर पर नए वोटरों को बताएंगे कि 2014 से पहले का भारत कैसा था और नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद इसमें कितना व्य़ापक बदलाव आया है।
'अबकी बार 400 पार, तीसरी बार मोदी सरकार' नारे को जनता की जुबान पर उतारने की कोशिश के साथ ही नए मतदाताओं के लिए 'उम्र है अठारह, तो क्यों है इंतजार, करें मतदान' नारा बीजेपी तय करने वाली है। ऐसी ही अनेक तैयारियों के साथ बीजेपी आगे बढ़ रही है, लेकिन 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के तत्काल बाद अगली कड़ी में 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के दिन आबूधाबी में स्वामीनारायण सुमदाय के खाड़ी देशों में पहले हिंदू मंदिर के प्रधानमंत्री मोदी के हाथों उद्घाटन जैसे धार्मिक कार्यक्रमों को भी जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी तय है।
धारा 370, अयोध्या में राम मंदिर जैसे भावनात्मक मुद्दों और जनकल्याण के सरकारी कामों के तालमेल से बीजेपी तीसरी बार तीन गुने उत्साह के साथ मैदान में उतरने को तैयार है। लेकिन मोदी का रास्ता रोकने के लिए कांग्रेस क्या कर रही है, कोई जानता है? क्या राहुल गांधी की दूसरी भारत जोड़ो यात्रा वोटरों को कांग्रेस से जोड़ पायेगी या लोकसभा में आज जहां कांग्रेस खड़ी है उससे भी नीचे खिसक जाएगी? अगर बीजेपी 400 का लक्ष्य लेकर तैयारियों में जुटी है तो कांग्रेस ने क्या लक्ष्य तय किया है, यह जानना दिलचस्प होगा। उस लक्ष्य को पाने के लिए उसके रणनीतिक खुलासे का भी इंतजार रहेगा।
(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)












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