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Khans in Bollywood: उम्र और कैरियर के ढलान पर तीनों खान, लेकिन मानने को तैयार नहीं भाईजान

कभी बॉलीवुड में शाहरुख, सलमान और आमिर खान की तूती बोलती थी। वो फिल्म की सफलता की गारंटी हुआ करते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं रहा। देश की नयी पीढी को अब युवा 'हीरो' पसंद हैं, अधेड़ उम्र के नहीं।

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Khans in Bollywood: 'पठान' फिल्म का आखिरी सीन है, जिसमें शाहरुख और सलमान अपने तीस साल पूरे होने पर बात कर रहे हैं कि "पर हमारी जगह लेगा कौन? हम्म.. हमें ही करना पड़ेगा यार, बच्चों पर नहीं छोड़ सकते.."। लोगों ने इसे मजाक में लिया, उनके फैंस ने इस पर जोरदार तालियां बजाईं, सीटियां भी लेकिन देखा जाए तो ये सीन एक मैसेज था हृतिक रोशन, रणबीर सिंह, रणवीर कपूर, कार्तिक आर्यन, टाइगर श्रॉफ जैसे उन सितारों के लिए जिन्हें इनके विकल्प के तौर पर देखा जाने लगा है। सच्चाई यही है कि तीनों खान सितारे अपनी आखिरी लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन मानने को तैयार नहीं।

केवल वही नहीं उनके कैम्प के लोग भी ऐसा कतई नहीं मानते। कभी कभी तो लगता है अलग-अलग वक्त में उन लोगों के ऐसे बयान भी इसीलिए आते हैं ताकि खान सितारों का माहौल लोगों के दिलोदिमाग में कायम रहे। जैसे हाल ही में करण जौहर ने कहा- ''अब सुपरस्टारडम का दौर खत्म हो चुका है। बच्चन और शाहरुख जैसा जादू नए पीढ़ी के सितारों के अंदर नहीं है, क्योंकि वो आसानी से 'एक्सेसिबल' हैं"। लेकिन नई पीढ़ी के किसी भी सितारे ने करण जौहर की इस बात पर ऐतराज जताना सही नहीं समझा और उसकी वजह है।

वजह है इन तीनों खानों के कैम्प्स का इतना मजबूत होना कि इनसे कंगना जैसी आत्मघाती अड़ियल के अलावा कोई भी पंगा लेकर अपने कैरियर के लिए मुश्किल पैदा नहीं करना चाहता। जो वाकई में ताकतवर होते हैं, जैसे अजय देवगन और अक्षय कुमार, उनसे खान सितारे पंगा नहीं लेते। तभी तो सलमान खान का हालिया बयान फिर से चर्चा में हैं, जिसमें उन्होंने खान सितारों के यूनीवर्स में अक्षय और अजय को भी शामिल कर लिया है। सलमान ने फिल्म फेयर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, ''हम पांचों की पिक्चर चलती हैं, तो हम प्राइस बढ़ा देते हैं। हमसे मुकाबले के लिए वो लोग भी पैसे बढ़ा देते हैं, जब हमारे पास डेट्स नहीं होती। क्यों भाई, ऐसा क्यों करते हो? सलमान ने ये तक कहा कि ''Will tire them out."

सलमान की इस बात का नए सितारों ने मजाक नहीं उड़ाया, ये बड़ी बात है। ये उनका खौफ है कि कैसे उन्होंने विवेक ओबेरॉय और हिमेश रेशमियां जैसों को माफी मांगने पर मजबूर कर दिया या फिर उनका सम्मान कि किसी छोटे स्टार ने सवाल नहीं उठाया। जबकि आंकड़े उनके दावे से एकदम उलट हैं। सलमान की ही पिछली 10 फिल्मों का बॉक्स ऑफिस हाल आप देखेंगे तो चौंक जाएंगे। 'टाइगर' और 'दबंग' सीरीज छोड़ दी जाए, तो पिछले कई सालों से उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर पानी नहीं मांग रहीं।

पठान से पहले सलमान की आखिरी फिल्म थी चिरंजीवी के साथ 'गॉडफादर'। इस फिल्म के बारे में कहा जाता है कि 100 करोड़ में बनी थी और उतने ही निकाल पाई। उनके घर की फिल्म 'अंतिम' का भी यही हाल रहा था। 90 करोड़ में बनी 'राधे' बमुश्किल 18 करोड़ निकाल पाई। 'भारत' का तो बॉक्स ऑफिस पर ऐसा हाल हुआ कि लोग आसानी से सलमान पर दांव लगाने को तैयार नहीं थे। पूरे 325 करोड़ की फिल्म थी 'भारत', जबकि सारे राइट्स बेचकर बमुश्किल 100 करोड़ निकाल पाई थी ये फिल्म। उससे पहले की 'रेस-3' में भी प्रोडयूसर को करीब 150 करोड़ का घाटा झेलना पड़ा था। इतना ही नहीं उनकी होम प्रोडक्शन फिल्में 'लवयात्री' और 'नोटबुक' आदि भी बॉक्स ऑफिस पर ढेर हो गईं।

ऐसे में केवल यशराज का सहारा ही उनके पास रह गया है। 'पठान' की कामयाबी का फायदा उनको ये हुआ है कि टाइगर सीरीज की अगली मूवी में आदित्य चोपड़ा उनको शाहरुख के साथ लेकर आ रहे हैं। जबकि इसी महीने रिलीज हो रही उनकी होम प्रोडक्शन फिल्म 'किसी का भाई किसी की जान' में अगर थोड़ी बहुत उम्मीद हो सकती है तो उसके डायरेक्टर फरहाद शामजी पर, जो सिंघम, सूर्यवंशी जैसी फिल्मों के लेखक रह चुके हैं। वो 'हाउसफुल 4' और 'बच्चन पांडेय' में अपने डायरेक्शन का भी लोहा मनवा चुके हैं। बच्चन पांडेय की तरह ये मूवी भी एक तमिल मूवी का रीमेक है, अजीत कुमार की 'वीरम' का।

शाहरुख के फैन पठान की कामयाबी पर कितना भी उछल रहे हों, लेकिन सच्चाई शाहरुख को भी पता है। 'पठान' की कामयाबी के बाद शाहरुख फिर से अच्छे दौर में नजर रहे हैं। टाइगर 3, डंकी और जवान तीन फिल्में फ्लोर पर हैं। पठान से 7 साल पहले 'रईस' आई थी, जिसे एक हद तक कामयाब फिल्म माना जा सकता है। उससे पहले भी और बाद में भी कई फिल्में ऐसी आईं, जिसमें या तो प्रोडयूसर का पैसा डूबा या फिर शाहरुख ने खुद अपना नाम डुबो लिया।

रोहित शेट्टी की 'दिलवाले' में शाहरूख की कम्पनी रेड चिलीज को 250 करोड़ का नुकसान होना बताया गया था। करीब इतना ही नुकसान गौरी खान को 'हैप्पी न्यू ईयर' की प्रोडयूसर बन कर हुआ था। 'हैरी मेट सेजल' में पैसे लगाकर भी गौरी काफी नुकसान उठा चुकी हैं। जीरो से शाहरुख को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन फिल्म अपनी लागत भी वसूल नहीं कर पाई। उससे पहले 'डियर जिंदगी' में भी करीब 90 करोड़ का नुकसान गौरी खान और करण जौहर को हुआ था। जबकि उनकी मूवी 'फैन' में आदित्य चोपड़ा को करीब 100 करोड़ का घाटा हुआ था।

आमिर खान तो फिल्में ही इतनी कम करते हैं, लेकिन बावजूद इसके उन्हें भी भारतीय जनता ने पिछले कुछ सालों में दो बड़े झटके दिए हैं। पहले 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान', उसके बाद 'लाल सिंह चड्ढा'। हालांकि यशराज ने दावा किया था कि 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान' ने लागत निकाल ली है, लेकिन हकीकत यही है कि इस मूवी को पहले वीकेंड पर ही जनता ने खारिज कर दिया था, जबकि इसमें आमिर और अमिताभ की जोड़ी पहली बार परदे पर आई थी। आमिर के करीबी तो ये भी दावा कर रहे हैं कि 'लाल सिंह चड्ढा' को बस पचास करोड़ का नुकसान हुआ है। लेकिन सच यही है कि कितने सालों तक आमिर ने इस मूवी पर काम किया, अपना पैसा लगाया, विदेशी मूवी के राइट्स खरीदे, उसके बाद इतनी बुरी तरह पिटी तो लगा कि इससे बेहतर तो कार्तिक आर्यन है, कम से कम 'भूल भुलैया 2' को सुपरहिट करवा ले गया।

सच यही है कि बॉलीवुड में तीनों खानों का जादू कभी का चुक गया है, लेकिन वो मानने को तैयार नहीं है। यशराज को छोड़कर कोई बड़ा प्रोडयूसर भी उनको मौका दे नहीं रहा है। तभी तो अपनी ज्यादातर फिल्मों में वो खुद ही पैसा लगा रहे हैं। शाहरुख की डियर जिंदगी से लेकर पठान तक, दिलवाले से लेकर हेरी मेट सेजल तक या तो उनकी कम्पनी प्रोडयूसर रहती है या फिर गौरी खान और कभी कभी अजीज दोस्त करण जौहर। सलमान भी दबंग सीरीज से लेकर किसी का भाई किसी की जान तक अपना ही पैसा लगाकर फिल्में बना रहे हैं। ऐसे में उनकी होम प्रोडक्शन फिल्में लगातार पिटती जा रही है, चाहे लवयात्री हो या फिर नोटबुक, लेकिन कपिल शर्मा शो जैसे टीवी शोज में उन्हें अच्छा रिटर्न मिल रहा है।

वो तो खान सितारों की किस्मत अच्छी है कि कोरोना के चलते दर्शक कम आने का खामियाजा उनको टक्कर देने वाले नई पीढ़ी के सितारों को भी भुगतना पड़ रहा है। तभी तो रणवीर सिंह की 'जयेश भाई जोरदार' और 'सर्कस' पिट गईं। नई प्रेमिका की मोहब्बत में पड़े हृतिक रोशन की 'वॉर' चल गई, लेकिन विक्रम वेधा मुश्किल में आ गई। वहीं रणवीर कपूर की 'शमशेरा' और 'ब्रह्मास्त्र' जैसे बड़े बजट की फिल्मों को भी नुकसान हुआ। शायद इन नतीजों को देखकर ही बुझते दियों जैसे खान सितारों की लपट एकदम तेज हो गई है। लेकिन ये इस बात की भी गारंटी नहीं है कि बॉलीवुड में खान सितारों का दौर एक बार फिर से लौटकर आएगा।

रणवीर कपूर की 'तू झूठी मैं मक्कार' की कामयाबी ने इस तरफ इशारा भी कर दिया है। 213 करोड़ की कमाई कर चुकी ये मूवी सिनेमा हाल में दर्शकों के लौटने का संकेत कर रही है। जबकि 'भूल भुलैया 2' में कार्तिक आर्यन ने अकेले दम पर मूवी को उठाया और 270 करोड़ की कमाई करके खान कैम्प की पेशानी पर बल डाल दिया। ऐसे में रणवीर सिंह की आने वाली 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी', रणवीर कपूर की 'ऐनिमल', विकी कौशल की 'सैम बहादुर', कार्तिक आर्यन की 'शहजादा' और हृतिक रोशन की 'वॉर 2' ऐसी फिल्में बताई जा रही हैं, जो बॉलीवुड को फिर से रास्ते पर ला देंगी।

जहां तक खान सितारों की बात है तो उनके लिए तो चुनौती ही दोतरफा है। अल्लू अर्जुन, प्रभास, जूनियर एनटीआर जैसे दक्षिण के सितारों की फौज भी मैदान में उतर गई है। प्रभास की 'आदिपुरुष' जून में रिलीज हो रही है तो 'वॉर 2' में हृतिक के साथ जूनियर एनटीआर आ रहे हैं। अब भी अगर बॉलीवुड के खान सच्चाई स्वीकार नहीं करेंगे कि उनका दौर खत्म हो चुका है तो समय सब साफ साफ समझा देगा।

यह भी पढ़ें: 'शाहरुख खान मुस्लिम हैं, मैंने उनका नाम अभिनव रख दिया था...', गौरी खान ने खोला अपनी शादी का बड़ा राज

(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)

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