India Afghanistan T20: रोहित, रिंकू, रवि का दिन और सुपर ओवर में टीम सुपरकिंग
India Afghanistan T20: आरआरआर यानी रोहित, रिंकू, रवि का दिन और टीम इंडिया मैदान पर सुपर ओवर में बनी सुपर किंग। वर्ल्ड टी20 टूर्नामेंट से पहले आखिरी टी20 मुकाबले में कहानी कुछ ऐसी रही।
सुपर ओवर पर सुपर ओवर लेकिन टीम इंडिया ने साबित किया कि घरेलू मैदान पर सुपर पावर उसके ही हाथों में है।

बेंगलुरू में अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज का तीसरा मुकाबला डेड रबर यानी महज औपचारिकता भर था। सीरीज पर टीम इंडिया का कब्जा पहले ही हो चुका था, लेकिन पांच महीने बाद होने वाले टी20 विश्व कप से पहले बहुत सारे सवालों के जवाब तलाशने थे। अफगानिस्तान के साथ पहली व्हाइट बॉल सीरीज में उसे व्हाइटवॉश कर टीम इंडिया ने न सिर्फ अपने इरादे जाहिर कर दिए, बल्कि टीम मैनेजमेंट और सेलेक्टरों को कई सवालों के जवाब भी मिल गए। हालांकि सवाल अभी बाकी हैं, जो उन्हें आईपीएल मुकाबलों में तलाशने होंगे।
सबसे बड़ा सवाल तो यही पूछा जा रहा है कि टी20 वर्ल्ड कप टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली को मौजूद होना चाहिए या नहीं? अफगानिस्तान के साथ सीरीज के बाद सेलेक्टर सीनियर खिलाड़ियों को लेकर मन बना चुके होंगे। बेंगलुरू टी20 में विराट भले ही खाता खोले बिना ही पवेलियन लौट गए, लेकिन कप्तान रोहित शर्मा ने एक बार फिर साबित कि- फॉर्म इज़ टेंपरेरी, क्लास इज़ परमानेंट। विराट ने तो पिछले मुकाबले में जिस अंदाज में स्पिनरों का सामना किया था और जिस स्ट्राइक रेट से रन जोड़े थे, उसने क्रिकेट के इस फॉर्मेट में भी दमदार प्रदर्शन की उनकी कुलबुलाहट के संकेत दे दिए थे।
हालांकि लगातार दो मैचों में दो जीरो के साथ सवालिया निशान कप्तान रोहित पर था। इस सिलसिले को तोड़ने की बेताबी उनमें साफ दिखी। मैदान पर जब विंटेज रोहित के दीदार हुए तो उनके बल्ले के मुंह को बंद करना अफगानिस्तान के गेंदबाज़ों के बस के बाहर की बात दिखी। पारी की शुरूआत करने आए रोहित 20 ओवर के बाद पारी खत्म करने के बाद जब नॉटआउट पवेलियन लौटे तो उनके खाते में 121 रन दर्ज थे।
वे सबसे ज्यादा पांच टी20 शतक, टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने वाले कप्तान के साथ-साथ एक मैच में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले कप्तान का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुके थे। रिंकू के साथ उनकी 190 रनों की साझेदारी टी20 क्रिकेट में भारत की तरफ से सबसे बड़ी साझेदारी भी है। वे अब टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय कप्तान भी हैं। दोनों सुपर ओवरों में भी रोहित का बल्ला बोला।
रोहित की पारी की खासियत टी20 क्रिकेट के अंदाज में खेले गए उनके शॉट रहे। चाहे वो मिड विकेट के ऊपर से स्लॉग शॉट हो, रिवर्स पुल हो या फिर रिवर्स स्विप से छक्का लगाना हो। रोहित का ये अंदाज उन आलोचकों को जवाब है, जो उन्हें क्रिकेट की इस फटाफट फॉर्मेट में फिट नहीं आंक रहे थे। अफगानिस्तान के खिलाफ 3-0 से सीरीज जीतने के बाद कोच राहुल द्रविड़ ने संकेत दे दिए हैं कि टी20 वर्ल्ड कप में रोहित और विराट जैसे सीनियर खिलाड़ियों की ड्रेसिंग रूम में मौजूदगी कितनी मायने रखती है।
वैसे रोहित की कप्तानी भी अव्वल नंबर की दिखी। दूसरे सुपर ओवर में रवि बिश्नोई पर लगाया दांव काम कर गया। इसके पीछे रोहित की सोची समझी रणनीति थी, जिसका खुलासा रवि बिश्नोई ने मैच के बाद किया। रवि ने बताया कि कैसे कप्तान रोहित ने उनसे और आवेश खान से सुपर ओवर फेंकने के लिए तैयार रहने को कहा था और जब मैदान पर अफगानिस्तान के दो दाएं हाथ के बल्लेबाज उतरे, तो गेंद उनको थमा दी। फिर क्या था बिश्नोई ने सिर्फ तीन गेंदों में ही दो बल्लेबाजों को आउट कर जीत भारत के खाते में डाल दी। ये बताता है कि ऐसे ही नहीं रोहित अब टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा जीत हासिल करने के मामले में पूर्व धुरंधर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बराबर खड़े हैं। दोनों के नाम अब 42-42 टी20 मैचों में जीत दर्ज हैं।
टी20 वर्ल्ड कप के पहले एक कप्तान और एक बल्लेबाज के तौर पर मैदान पर दिखे रोहित शर्मा के इस अंदाज को दरकिनार करना सेलेक्टरों के लिए भी आसान नहीं होगा। ये लगभग तय दिख रहा है कि वे अब वनडे वर्ल्ड कप 2023 में टीम को फाइनल तक पहुंचाने वाले कप्तान को ही 17 साल बाद टी20 वर्ल्ड कप जिताने की जिम्मेदारी सौंप सकते हैं।
वैसे सेलेक्टरों की एक और मुश्किल को युवा रिंकू सिंह ने अपने बल्ले की धमक से दूर कर दिया है। सेलेक्टरों को ऐसे बल्लेबाज की तलाश थी जो मैच फिनिशर का रोल निभा सके। रिंकू ने हालिया मुकाबलों में जिस तरह से संयम और आक्रामक तेवर के साथ टीम की जीत की राह तय की है, उसने कप्तान रोहित शर्मा और कोच राहुल द्रविड़ के साथ-साथ सेलेक्टरों का भी दिल जीता है। कप्तान रोहित खुद कह रहे हैं कि टीम को एक ऐसे बल्लेबाज की तलाश थी, जो बैक एंड में सही सोच के साथ बल्लेबाज़ी कर सके और ये खूबी रिंकू में दिख रही है। यानी कप्तान की मानें तो ये तलाश अब पूरी हो चुकी है।
टी20 वर्ल्ड कप को देखते हुए सेलेक्टर एक ऐसा ऑलराउंडर भी तलाश रहे हैं जो फिटनेस से जूझ रहे हार्दिक पांड्या की भरपाई करने की कूबत रखता हो। उन्हें अब शिवम दुबे में ये टैलेंट दिखाई देने लगा होगा। अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मुकाबलों में से दो में लगातार अर्द्धशतकीय पारी खेलकर दुबे न सिर्फ मैन ऑफ द सीरीज बनें बल्कि गेंद से भी उन्होंने अपना दमखम दिखाया है। ऐसे में सेलेक्टर वर्ल्ड कप टीम चुनने बैठेंगे तो उनके जेहन में शिवम का नाम भी जरूर होगा। इस बार वो उन्हें नज़रअंदाज नहीं कर पाएंगे।
वैसे विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर संजू सैमसन की दावेदारी को बेंगलुरू के मुकाबले में दिखे फ्लॉप शो ने जरूर कमजोर किया होगा। जितेश शर्मा भी सिर्फ एक मैच में ही कुछ कमाल दिखा पाए। ऐसे में हो सकता है कि सेलेक्टर फिर ईशान किशन के नाम पर विचार करें। हालांकि इस स्लॉट के लिए भी उनकी नज़रें आईपीएल मुकाबलों पर टिकी होंगी।
सेलेक्टरों को वर्ल्ड कप टीम का बॉलिग कॉम्बिनेशन तय करने में थोड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम को वेस्टइंडीज और अमेरिका में धीमी पिचों पर खेलना पड़ सकता है। सवाल ये है कि टी20 फॉर्मेट में सेलेक्टर युवाओं पर भरोसा करेंगें या फिर अनुभवी गेंदबाज़ों को भी जगह मिलेगी? सवाल ये भी कि क्या अनुभवी मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज को टीम में शामिल किया जाएगा? वैसे स्पिनरों के तौर पर रवि बिश्नोई और कुलदीप यादव की दावेदारी मजबूत आंकी जा रही है। दोनों ही गेंदबाज़ों ने मौका मिलने पर खुद को साबित किया है और टीम की जीत तय की है।
भारतीय टीम को अब इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में खुद को आजमाना है। हालांकि निगाहें टी20 वर्ल्ड कप से पहले होने वाले आईपीएल टूर्नामेंट पर टिक चुकी हैं। लीग में हर टीम को 14 मुकाबले खेलने हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि टी20 वर्ल्ड कप के लिए चुनी जाने वाली फाइनल टीम में बहुत फेर बदल हो सकता हैऔर इसका सबसे बड़ा आधार आईपीएल प्रदर्शन ही होगा। ये मुकाबले सेलेक्टरों और भारतीय टीम मैनेजमेंट को सही कॉम्बिनेशन तलाशने में मददगार साबित होंगे।
हालांकि बड़ा सवाल ये है कि क्या आईपीएल के भरोसे टी20 वर्ल्ड कप की रणनीति बनाना सही होगा? आईपीएल और इंटरनेशनल मैचों के अनुभव में जमीन-आसमान का अंतर होता है। ऐसे में इस बात की क्या गारंटी है कि आईपीएल में मैदान पर बेहतरीन अंदाज दिखाने वाले खिलाड़ी अमेरिका और वेस्टइंडीज की पिचों पर भी चमकेंगे।
अजीत अगरकर और उनके साथियों का मुश्किल इम्तिहान है। उन्हें भी पता है कि उनका एक गलत दांव न सिर्फ विनिंग कॉम्बिनेशन को बिगाड़ कर रख देगा बल्कि 17 साल से टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी के भारत आने की राह देख रहे करोड़ों भारतीय फैन के सपने को भी तोड़ देगा।
(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)












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