Arshad Warsi Case: अपने चाहने वालों को धोखा देते फांदेबाज फिल्म स्टार
स्टार कलाकार या सेलेब्रिटी कहे जाने वाले लोग अपने फायदे के लिए कैसे अपने प्रशंसकों को धोखा देते हैं उसका ताजा उदाहरण अरशद वारसी और गौरी खान वाले मामले हैं।

Arshad Warsi Case: एक तरफ सरकार लगातार उपभोक्ताओं के हितों के लिए कोई ना कोई नया कानून ला रही है, ताकि उन्हें भ्रामक विज्ञापनों, सेलेब्रिटी ब्रांड एंबेसेडर्स की धोखाधड़ी से बचाया जा सके। दूसरी तरफ ग्लैमर जगत में बने रहने के लिए आवश्यक खर्चों से जूझ रहे सेलेब्रिटीज धोखाधड़ी का कोई नया रास्ता जुगाड़ लेते हैं तो कभी कभी कम्पनियां भी उनका इस्तेमाल कर लेती हैं। लेकिन जब ये पकड़ में आता है, तो भारी फजीहत होती है, जैसे कि इस हफ्ते शाहरुख खान की पत्नी गौरी खान और अरशद वारसी व उनकी पत्नी मारिया गोरेटी की हो रही है।
अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया पर तो हेराफेरी का इतना बड़ा इल्जाम है कि सेबी तक ने उन दोनों पर प्रतिबंध लगा दिया है। जब ये खबर आई तो पूरी फिल्म इंडस्ट्री चौंक गई कि आखिर अरशद ने ऐसा क्या कर डाला? उन पर आरोप है कि शेयर प्राइसिंग में छेड़छाड़ के लिए आरोपी कम्पनी साधना ब्रॉडकास्ट के लिए उन्होंने यू ट्यूब पर ऐसे वीडियोज बनाए, जो गलत दावों वाले थे, गुमराह करने वाले थे। इसके चलते इस कम्पनी के शेयरों में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई।
सेबी के अंतरिम ऑर्डर से पता चलता है कि अरशद वारसी ने इन वीडियोज के जरिए 29.43 लाख और उनकी पत्नी मारिया गोरेटी ने 37.56 लाख रुपए कमाए। जबकि कम्पनी के प्रमोटर्स ने भी काफी पैसा कमाया। अब अरशद वारसी का बयान आया है कि उनको तो स्टॉक मार्केट के बारे में जीरो नॉलेज है। वो ट्वीट के जरिए बता रहे हैं कि जो खबरें छप रही हैं, उन पर ध्यान ना दें। हमने भी इस कम्पनी में निवेश किया था और अपने पैसे डुबो चुके हैं।
अब उन पर कोई कैसे भरोसा करेगा? सेबी जैसी संस्था किसी राज्य की पुलिस तो है नहीं जो किसी को भी उठा लाए। सेबी ने इस मामले में छापे के जरिए 54 करोड़ की अवैध रकम भी बरामद की है। इस मामले से जुड़ी दो कम्पनियों शार्पलाइन ब्रॉडकास्ट और साधना ब्रॉडकास्ट के शेयरों की कीमत में अप्रैल 2022 से जुलाई 2022 के बीच बेहद तेजी से उछाल आया था और तब सेबी ने सितम्बर में जांच शुरू की थी। लेकिन इस घटना से अरशद वारसी की जो छवि 'सर्किट' की बनी थी, वो जरूर 'शॉर्ट सर्किट' हो गई है।
लोग ये बखूबी जानते हैं कि अरशद वारसी को अब फिल्म इंडस्ट्री कोई खास काम नहीं दे रही है। 'असुर' वेबसीरीज के बाद अरशद वारसी की आखिरी फिल्म अक्षय कुमार के साथ 'बच्चन पांडेय' आई थी, साथ में 'मॉर्डन लव: मुंबई' में भी दिखे थे। अभी उनके हाथ में बस एक फिल्म है, संजय दत्त के साथ एक कॉमेडी मूवी। ऐसे में वो कितने भी ट्वीट करें, लोग उनकी बातों से सहमत आसानी से नहीं होंगे।
इधर शाहरुख खान परिवार के लिए आर्यन केस के बाद दूसरी मुसीबत शुरू हो गई है। अब उनकी पत्नी गौरी खान जांच एजेंसिंयों के निशाने पर आ सकती हैं। दरअसल गौरी खान इंटीरियर डिजाइनिंग की दुनिया में कई सालों से काम कर रही हैं। गौरी रणवीर कपूर-आलिया, जैकलीन फर्नांडीज जैसे कई बड़े सितारों का भी घर डिजाइन कर चुकी हैं। उनके खिलाफ अब मुंबई के एक नागरिक ने एफआईआर दर्ज करवाई है, जिसने लखनऊ की किसी प्रॉपर्टी में निवेश किया था।
शिकायतकर्ता किरीट जसवंत शाह का आरोप है कि उन्होंने तुलसियानी कंस्ट्रक्शन ग्रुप से 86 लाख की प्रॉपर्टी लखनऊ में खरीदी थी, जो उसे अभी तक नहीं मिली है। शाह ने अपनी इस एफआईआर में कम्पनी के अधिकारियों और मालिकों समेत गौरी खान को भी लपेटे में ले लिया है। शाह का आरोप है कि उन्होंने 2016 में एक फ्लैट बुक किया था, लेकिन बाद में पता चला कि वो किसी और के नाम पर रजिस्टर्ड कर दिया गया है।
शाह का कहना है कि मैंने उस प्रॉपर्टी में निवेश करने का मूड तभी बनाया जब कम्पनी ने अपने ब्रांड फेस के तौर पर गौरी खान को लांच किया। आईपीसी की धारा 409 के तहत गौरी खान के नाम भी एफआईआर करवाई गई है, जो गैरजमानती है और इसमें जो सजा मिलती है, वो दस साल से कम नहीं होती, और आजीवन कारावास भी मिल सकता है।
अब तक सारे सेलेब्रिटीज जो ब्रांड अम्बेसडर होते थे, वो कोर्ट में ये कहकर बच जाते थे कि हमें भी कम्पनी ने अंधेरे में रखा था, कम्पनी के प्रमोटर्स पर कार्यवाही कीजिए। लेकिन सरकार ने लगातार इस मामले में ना केवल गाइडलाइंस बनाई हैं, बल्कि उन्हें समय समय पर अपडेट भी किया है। ताजा मामले में 2023 में ही सोशल मीडिया इन्फ्लुएंशर्स पर भी एक नई गाइडलाइन बनी है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की इस नई गाइडलाइंस के मुताबिक गुमराह करने वाले विज्ञापनों को करने पर 50 लाख तक का जुर्माना और कुल 3 साल तक सजा का प्रावधान रखा गया है।
इन गाइडलाइंस में साफ कहा गया है कि सोशल मीडिया पर किसी प्रोडक्ट या कम्पनी का प्रचार करते समय दर्शकों को साफ साफ बताना है, कहां प्रदर्शित करना है, इसकी पूरी जानकारी है, और ये भी कि अगर शो लाइव हो तो पूरी चर्चा के दौरान बीच बीच में बताते रहना है कि ये विज्ञापन है। ये भी साफ लिखा है कि हैशटैग और लिंक्स के जरिए आप ये नहीं बता सकते कि ये विज्ञापन है, बल्कि साफ साफ लिखना होगा। यानी सरकार को इन सोशल मीडिया इन्फ्लुएंशर्स और सेलेब्रिटीज की सारी हरकतों की शिकायतें मिली होंगी।
2019 में कन्ज्यमूर प्रोटेक्शन एक्ट लाया गया जो काफी कुछ कहता है, लेकिन सरकार को फिर कुछ शिकायतें मिलीं तो जून 2022 में कंज्यूमर प्रोटक्शन अथॉरिटी ने फिर एक गाइडलाइंस जारी की, जिसका टाइटल था- 'Prevention of Misleading Advertisements and Endorsements for Misleading Advertisements, 2022'. इसमें 50 लाख के जुर्माने और 3 साल तक सजा के जो प्रावधान ब्रांड अम्बेसर्ड के लिए रखे गए थे, वही अब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंशर्स पर भी लागू कर दिए गए हैं। हालांकि आईपीसी की धारा 409 में पहले से ही इससे भी सख्त प्रावधान थे, लेकिन बड़े वकील ब्रांड अम्बेसडर्स के लिए इसका तोड़ ढूंढ निकालते थे।
शायद शाहरुख-गौरी, अरशद-मारिया इसका तोड़ अभी भी निकाल लें, लेकिन ये घटनाएं उन सब सेलेब्रिटीज और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंशर्स के लिए सबक होनी चाहिए, जो खुद की जेबें भरने के लिए अपने मध्यम वर्गीय, गरीब प्रशंसकों की मेहनत की कमाई डुबोने में अपना प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष सहयोग देते हैं। इसमें महेन्द्र सिंह धोनी जैसे नाम भी हैं, जिनको ब्रांड अम्बेसडर बनाकर आम्रपाली बिल्डर अनिल शर्मा ने हजारों निवेशकों को सड़क पर ला दिया, खुद भी जेल जाना पड़ा, धोनी केवल इसलिए बच गए क्योंकि उनके प्रशंसकों ने उन्हें बख्श दिया, उनका नाम एफआईआर में नहीं लिखवाया।
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(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)












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