'द केरला स्टोरी' के बाद अब 'द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल' पर ममता की निगाहें टेढ़ी! जानें क्यों खड़ा हुआ विवाद?

7 अप्रैल को रिलीज हुए 'द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल' फिल्म के ट्रेलर के बाद विवाद खड़ा हो गया है। ट्रेलर में दावा किया गया है कि रोहिंग्या मुसलमानों के लिए सरकार का प्यार हिंदुओं को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर कर रहा है।

The Diary of West Bengal

'द केरला स्टोरी' फिल्म की रिलीज को लेकर पश्चिम बंगाल में खड़े हुए विवाद के बाद अब 'द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल' को लेकर बवाल मचा हुआ है। फिल्म के रिलीज होने के पहले ही राज्य की ममता बनर्जी की सरकार का गुस्सा फिल्म के डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर बरस रहा है। पुलिस ने निर्देशक सनोज मिश्रा को 30 मई को पश्चिम बंगाल के एमहर्स्ट स्ट्रीट पुलिस बयान में पूछताछ के लिए सीआरपीसी की धारा 41 ए के तहत नोटिस जारी किया गया है। जिसमें आरोप लगाया गया कि वह इस फिल्म के साथ राज्य को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

इसी बीच भारतीय जनता पार्टी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने शुक्रवार को फिल्म का ट्रेलर ट्वीट करते हुए कहा कि 'द केरला स्टोरी' पर प्रतिबंध लगाने के विफल प्रयास के बाद ममता बनर्जी का प्रशासन अब 'द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल' फिल्म के डायरेक्टर और निर्माता को डरा रहा हैं।

आगे कहा कि यह फिल्म सच्ची घटनाओं और राज्य में मौजूदा हालात पर आधारित है। फिल्म निर्माताओं को नोटिस अनावश्यक है, क्योंकि ट्रेलर में कुछ भी तथ्यात्मक रूप से गलत नहीं लगता है। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी को बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंटना बंद करना चाहिए। वह एक नीच निकम्मी सरकार चलाती हैं। यह समय की बात है कि बंगाल के लोग उसके शासन को धूल में मिला देंगे।

...तो इसलिए खड़ा हुआ विवाद ?

7 अप्रैल को रिलीज हुए फिल्म के ट्रेलर में दावा किया गया है कि बंगाल "असंगठित हिंदुओं" के लिए "दूसरा कश्मीर" बन गया है। दावा यह भी है कि रोहिंग्या मुसलमानों के लिए सरकार का प्यार हिंदुओं को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर कर रहा है। ट्रेलर में यह भी आरोप लगाया गया है कि राज्य में तुष्टीकरण की राजनीति के कारण हिंदू त्योहारों पर पाबंदी लग गई है।

क्या कहते हैं फिल्म डायरेक्टर ?

वहीं, राज्य को बदनाम करने की कोशिश के आरोपों का जवाब देते हुए फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने कहा, 'मेरा इरादा राज्य की छवि खराब करने का नहीं है। हमने फिल्म में केवल वे तथ्य दिखाए हैं, जिन पर अच्छी तरह से शोध किया गया है।

मिश्रा ने यह भी कहा कि फिल्म की शूटिंग अभी पूरी नहीं हुई है और वे इसे अगले महीने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को सौंप सकते हैं। यह फिल्म उत्तर प्रदेश में शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी, पूर्व वसीम रिजवी द्वारा लिखी और निर्मित की गई है, जिन्होंने दिसंबर 2021 में हिंदू धर्म अपना लिया था।

डायरेक्टर की पीएम से गुहार

फिल्म के डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने का निवेदन किया है। उनका कहना है कि नरसंहार, मास रेप की घटनाएं हो रही हैं और पलायन शुरू हो चुका है। इन मामलों की राज्य में इतनी शिकायतें हो रही हैं, जो किसी को पता भी नहीं है। फिल्म को रिसर्च के बाद तथ्यों पर आधारित बनाया गया है।

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