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WB Assembly Elections 2021: बंगाल की सियासत का रंग हरा, भगवा भी है लेकिन थोड़ा-थोड़ा, जानिए कैसे?

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कोलकाता, 5 मई। पश्चिम बंगाल में ममता सरकार की वापसी हुई है, ममता बनर्जी ने आज सीएम पद की शपथ ले ली है और इसके बाद वो लगातार तीसरी बार बंगाल की मुख्मंत्री बन गई हैं। उनका पार्टी ने विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 213 सीटें हासिल की है, जबकि बीजेपी बंगाल में 77 सीटों के साथ दूसरी बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। हर चुनावी रैली में 200 सीटों जीतने का दावा करने वाली भाजपा 100 का आंकड़ा भी नहीं छू पाई तो वहीं कांग्रेस, लेफ्ट का प्रदर्शन बेहद ही निराशाजनक रहा।

बंगाल की सियासत का रंग हरा, भगवा भी है लेकिन थोड़ा-थोड़ा

हालांकि भले ही बीजेपी के दावे इस चुनाव में सही साबित नहीं हुए लेकिन इसमें कोई शक नहीं उसने साल 2016 के मुकाबले यहां बेहतर प्रदर्शन किया है इसलिए आज भले ही बंगाल की सियासत का रंग हरा हो लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि इस सियासत में थोड़ा-थोड़ा ही सही भगवा रंग भी मिला हुआ है।

आइए एक नजर डालते हैं बंगाल की बदली सियासत पर. इस ग्राफिक्स के जरिए...

आपको बता दें कि साल 2021 से पहले पश्चिम बंगाल में अब तक 16 बार विधानसभा चुनाव हो चुके थे। जिसमें 3 बार कांग्रेस और 3 बार यूनाइटेड फ्रंट की सरकारें बनी थीं। लेकिन इस के बाद 8 बार रिकॉर्ड वामपंथी की सरकार रही, और इसके बाद साल 2011 से यहां पर ममता बनर्जी का राज रहा है और आज उन्होंने 17वीं विधानसभा की मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ली है।

बंगाल की सियासत का रंग हरा, भगवा भी है लेकिन थोड़ा-थोड़ा

चौंकाने वाला रहा है भाजपा का प्रदर्शन

भले ही बीजेपी के दावे सच नहीं हुए हैं लेकिन अगर वोट शेयरों की पर नजर डालें तो साल 2016 में मात्र 3 सीटें पाने वाली बीजेपी ने यहां हैरतअंगेज प्रदर्शन किया है। भाजपा यहां 38.13 प्रतिशत की वोट शेयरिंग को प्रदर्शित करती है, जो कि उसके लिए शुभ संदेश है। तो वहीं प्रचंड बहुमत हासिल करने वाली टीएमसी का वोट शेयर 47.94 रहा है। जबकि कांग्रेस 2.93 प्रतिशत और सीपीएम 4.73 प्रतिशत के साथ दूर-दूर तक टीएमसी को चुनौती देते नजर नहीं आते हैं।

यह पढ़ें: सत्ता की 'बाजीगर' : हारकर जीतने वाले को ममता बनर्जी कहते हैं

मालूम हो कि साल 2016 की तुलना में ममता बनर्जी की पार्टी को इस बार दो सीटें ज़्यादा मिली हैं, जबकि बीजेपी साल 2016 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 10.16 फीसदी वोट मिले थे लेकिन इस बार उसका वोट शेयर बढ़कर 38 फीसदी हो गया है, जिससे ये कहा जा सकता है बंगाल में भाजपा को नुकसान नहीं फायदा हुआ है।

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English summary
West Bengal- Change of Power over the years 1952 to 2021: TMC Gain but BJP also benefited, here is full details.
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