बंगाल सरकार ने नए आपराधिक कानूनों की समीक्षा के लिए सात सदस्यीय पैनल का गठन किया
पश्चिम बंगाल सरकार ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में सात सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो तीन नए आपराधिक मामलों की जांच करेगी। मंगलवार को जारी अधिसूचना के बाद बुधवार को एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। समिति अधिसूचना की तारीख से तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

गृह विभाग की विज्ञप्ति में कहा गया है, "राज्य सरकार उक्त आपराधिक कानूनों अर्थात भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस) और भार्या साक्ष्य अधिनियम, 2023 (बीएसए) के लिए एक समिति गठित करने में प्रसन्न है।"
राज्यपाल ने रिपोर्ट तलब की
राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने मंत्री ममता बनर्जी से अनुरोध किया है कि वे संशोधित सीआरपीसी, आईपीसी और साक्ष्य अधिनियम से संबंधित समिति के उद्देश्यों पर तत्काल रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। कार्यालय ने कहा, "पश्चिम को एक राज्य के भीतर एक राज्य नहीं बनाया जा सकता या इसे केले के गणराज्य में नहीं बदला जा सकता।"
नवगठित पैनल की अध्यक्षता न्यायमूर्ति (आयरिश) अशीम कुमार रॉय कर रहे हैं और इसमें कानून मंत्री मलय घटक और वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि ये तीनों 1 जुलाई से देशभर में लागू हो गए हैं।












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