Panchayat Elections Violence: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल की दो टूक- उपद्रवियों पर ठोस और प्रभावी एक्शन दिखेगा
Panchayat Elections Violence: पश्चिम बंगाल में हाईकोर्ट के आदेश के बाद 48 घंटे के भीतर राज्य के निर्वाचन आयोग को केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात करना होगा। हिंसा की घटनाओं पर तृणमूल और भाजपा की तकरार भी हो रही है।
पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के दौरान हुई हिंसा के बारे में पूछे जाने पर राज्यपाल सीवी आनंदा बोस ने कहा, घटनाओं पर कोई बयान नहीं, दिया जाएगा, प्रशासन केवल एक्शन लेगा। आप ठोस और प्रभावी कार्रवाई, देखेंगे। अभी केवल इतना ही कह सकता हूं।

गौरतलब है कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव के लिए राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) को संवेदनशील घोषित सभी क्षेत्रों में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया था। गुरुवार को अदालत ने 48 घंटे के अंदर आदेश के अनुपालन का निर्देश दिया।
निर्देश के बाद आयोग ने नामांकन की शर्तों को लेकर आदेश जारी किया। इसमें कहा गया, कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार आयोग ने स्कूल शिक्षा विभाग के नामांकन के तहत केवल और केवल शिक्षा बंधुओं और वॉलंटियर्स के नामांकन दाखिल करने का समय बढ़ाया है।
आयोग ने कहा कि इन लोगों के लिए नामांकन दाखिल करने का समय 16 जून की शाम तक बढ़ाया गया है। बता दें कि भाजपा का आरोप है कि तृणमूल हिंसा को प्रायोजित कर रही है, जिसके कारण बीजेपी के नॉमिनेशन फाइल नहीं हो रहे हैं।
आयोग से पहले बुधवार को अदालत ने अपने आदेश में कहा, "ऐसे क्षेत्रों में जहां केंद्रीय बल तैनात नहीं हैं, राज्य पुलिस और राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) पर मतदान एजेंटों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी।"
हाईकोर्ट ने कहा, राज्य निर्वाचन आयोग को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग पर विचार कर जरूरी संवेदनशील क्षेत्रों में ऐसा करना चाहिए।" अदालत ने केंद्रीय बलों की तैनाती के अलावा आयोग को मतगणना केंद्रों के हर बूथ और कोने पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का भी आदेश दिया।
अदालत ने आगे निर्देश दिया कि पंचायत के तीनों स्तरों के लिए मतगणना एक साथ और एक ही जगह पर की जानी है। बता दें कि 8 जुलाई को एक ही चरण में मतदान के बाद मतगणना 11 जुलाई को होनी है।












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