'ममता बनर्जी को जिस हाथ ने खिलाया उसे ही काटने की कोशिश की'....जानिए क्यों भड़के अधीर रंजन चौधरी
कोलकाता, 29 सितंबर: कांग्रेस एक तरफ भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विपक्ष को गोलबंद करने में ममता बनर्जी का साथ दे रही है तो दूसरी तरफ उसी के एक बड़े नेता ने टीएमसी सुप्रीमो के खिलाफ जोरदार हमला शुरू कर दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के बारे में आरोप लगाया है कि वह बीजेपी की ट्रोजन हॉर्स (काठ का घोड़ा) हैं, इसलिए उन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्षी एकता की सारी कोशिशों से अलग रखना चाहिए। पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में चौधरी ने टीएमसी सुप्रीमो को 'गैर भरोसेमंद सहयोगी' बताते हुए आरोप लगाया है कि वह कांग्रेस की कीमत पर राष्ट्रीय स्तर आगे बढ़ना चाहती हैं।

'ममता को जिस हाथ ने खिलाया उसे ही काटने की कोशिश की'
बंगाल से कांग्रेस सांसद और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने टीएमसी नेता ममता बनर्जी के खिलाफ बहुत बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा है, 'ममता बनर्जी ने हमेशा उस हाथ को काटने की कोशिश की, जिसने उन्हें खिलाया था। उन्हें विपक्षी एकता के प्रयासों से दूर रखा जाना चाहिए। वह बीजेपी की ट्रोजन हॉर्स हैं, जिन पर कभी भी बीजेपी के खिलाफ लड़ाई में भरोसा नहीं किया जा सकता है। ' अधीर रंजन ने दावा किया है कि 'वो (ममता) अपने परिवार और पार्टी नेताओं को सीबीआई और ईडी की गिरफ्त से बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा को खुश करने की पूरी कोशिश कर रही हैं। इसके बदले में वह बीजेपी को कांग्रेस-मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल करने में मदद कर रही हैं। टीएमसी विपक्षी एकता को तबाह करने की कोशिश कर रही है।'

कांग्रेसी नेताओं को शामिल कराने से नाराज
कांग्रेस नेता ने दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस हमेशा कांग्रेस की कीमत पर ही बढ़ी है। वो बोले, 'पहले, उन्होंने बंगाल में किया और अब राष्ट्रीय स्तर पर करने की कोशिश कर रही है। टीएमसी अपने सहयोगियों की पीठ में छुरा घोंपने के लिए जानी जाती है।' दरअसल, हाल में जिस तरह से राष्ट्रीय पहचान बनाने के लिए इसने असम में सुष्मिता देब से लेकर गोवा के पूर्व सीएम लुइजिनो फलेरियो जैसे बड़े कांग्रेसी नेताओं तक को टीएमसी में शामिल कराया है, चौधरी ने उसी के बाद इतनी सख्त टिप्पणी की है।

'कांग्रेस नेतृत्व को कमजोर दिखाना चाहती हैं'
कांग्रेस नेता को लगता है कि ममता, कांग्रेस को दरकिनार करके खुद को विपक्षी मोर्चे की नेता के तौर पर पेश करना चाहती हैं। उन्होंने कहा है, 'ममता बनर्जी देश का प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रही हैं और उन्हें लगता है कि उनके रास्ते में कांग्रेस सबसे बड़ी बाधा है। जब तक कांग्रेस यहां है, वह विपक्षी गठबंध की नेता कभी नहीं बन सकती हैं और यही वजह है कि वह कांग्रेस की छवि खराब करने की कोशिश कर रही हैं और उसके नेतृत्व को कमजोर दिखाना चाहती हैं।'

'कांग्रेस बिना विपक्षी मोर्चा नहीं'
टीएमसी के मुखपत्र में छपे उस लेख जिसमें दावा किया गया है कि मोदी के खिलाफ राहुल गांधी नहीं, बल्कि बनर्जी विपक्ष का चेहरा होंगी, अधीर रंजन बोले कि उनकी नेता 'कल्पना की दुनिया' में जी रही हैं। उन्होंने कहा कि 'राहुल गांधी बीजेपी और आरएसएस के खिलाफ विपक्ष की ओर से लगातार मुखर आवाज रहे हैं। अभी भी कांग्रेस के पास देश का 20 फीसदी वोट शेयर है। बीजेपी के अलावा आप कोई और पार्टी का नाम ले सकते हैं, जिसके पास इतना वोट शेयर हो। उत्तर है नहीं।' उन्होंने कहा है कि कांग्रेस ने कभी विपक्षी गठबंधन के नेता होने का दावा नहीं किया, क्योंकि वह 'स्वाभाविक नेता' है। उनके मुताबिक, 'कांग्रेस के बिना देश में कभी भी कोई बीजेपी विरोधी मोर्चा नहीं हो सकता।'












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