शारदा चिटफंड मामला: कोर्ट ने दी TMC के कुणाल घोष को अंतरिम जमानत
कोलकाता, सितंबर 09: शारदा चिटफंड घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर एक मामले में तृणमूल कांग्रेस के पश्चिम बंगाल महासचिव कुणाल घोष को गुरुवार को एक विशेष अदालत ने उनके समक्ष आत्मसमर्पण करने के बाद अंतरिम जमानत दे दी। विशेष सीबीआई अदालत ने घोष को 20,000 रुपये के जमानत बांड के साथ 10,000 रुपये के दो जमानतदारों को प्रस्तुत करने और पीएमएलए मामले में जांच अधिकारी की सहायता करने का निर्देश दिया।

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शारदा मामले में धन शोधन के आरोपों की जांच कर रही ईडी की आग्रह पर अदालत ने 27 अगस्त को टीएमसी नेता और दो अन्य को 20 सितंबर को पेश होने के लिए समन जारी किया था। घोष के वकील ने दावा किया कि उसने समन जारी होने की सूचना मिलने के तुरंत बाद गुरुवार को अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। उन्होंने कहा कि वह कानून का पालन करने वाले नागरिक और निर्दोष हैं।
जमानत याचिका का विरोध करते हुए ईडी के विशेष लोक अभियोजक अभिजीत भद्रा ने अदालत से कहा कि आरोपी एक प्रभावशाली व्यक्ति है और मामले में उसके मुकदमे से बचने की पूरी गुंजाइश है। घोष पर मुख्य आरोपी सुदीप्त सेन को अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग की आय हासिल करने में मदद करने का आरोप लगाया गया है। विशेष सीबीआई न्यायाधीश अनुपम मुखर्जी ने कहा कि घोष के संबंध में शारदा मामले में ईडी की जांच पूरी हो चुकी है।
विशेष सीबीआई न्यायाधीश अनुपम मुखर्जी ने कहा कि उन्हें सलाखों के पीछे रखने का कोई कारण नहीं है। सारदा समूह ने पश्चिम बंगाल में कई पोंजी योजनाओं के जरिए कथित तौर पर लाखों लोगों को ठगा। सूत्र के मुताबिक शारदा मीडिया ग्रुप में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) घोष ने कथित तौर पर सेन को 2500 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम के शोधन में मदद की। चट्टोपाध्याय ने कथित तौर पर अपनी दो कंपनियों के माध्यम से फर्जी लेनदेन कर धनशोधन किया।












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