'टीएमसी को नहीं आती शर्म...', WB के संदेशखाली में महिलाओं के विरोध पर बोले अधीर रंजन
पश्चिम बंगाल के संदेशखाली की घटना के बाद महिलाएं लगातार प्रदर्शन कर रही हैं। संदेशखाली कांड पर बवाल इतना अधिक बढ़ गया है कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की न केवल मांग हो रही है। इस बीच कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने ममता सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने महिलाओं को विरोध को लेकर कहा कि टीएमसी सरकार सरकार को शर्म आनी चाहिए।
संदेशखाली में हुई घटना को लेकर पश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रमुख अधीर रंजन चौधरी ने सोमवार (26 फरवरी) को तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेता ने मुर्शिदाबाद में कहा कि पश्चिम बंगाल में हालात ये हैं कि महिलाओं को सम्मान की रक्षा के लिए विरोध करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल की महिलाएं संदेशखाली में अपने सम्मान की रक्षा के लिए विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। टीएमसी सरकार को इस पर शर्म आनी चाहिए।"

वहीं बीजेपी भी संदेशखाली कांड को लेकर भाजपा ममता सरकार को निशाने पर ले रही है। राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग के बीच शाहजहां शेख और उसके समर्थकों पर गरीबों की जमीन हड़पने और महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोप लग रहे हैं।
इस मामले में इससे पहले भी कांग्रेस सांसद अधीर रंजन ने ममता सरकार भी तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि संदेशखाली मामले को हिंदू-मुस्लिम सांप्रदायिक घटना के रूप में दिखाने की कोशिश हो रही है। ममता बहुत चतुराई से इसे बढ़ावा देने की कोशिश कर रही हैं।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में नॉर्थ 24 परगना जिला स्थित संदेशखाली यौन उत्पीड़न मामले को लेकर बवाल जारी है। पिछले हफ्ते शुक्रवार (16 फरवरी) को भाजपा डेलिगेशन ने संदेशखाली जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
यहां से बीजेपी के वापस लौटने के बाद कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी वहां पहुंचे। उन्हें भी पुलिस ने संदेशखाली जाने से रोका तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई। हालत को देखते हुए अधीर रंजन रामपुर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा- हम जानना चाहते हैं कि संदेशखाली की असली घटना क्या है? वास्तव में वहां क्या हुआ कि लोगों को वहां जाने से रोका जा रहा है?












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