'मुर्शिदाबाद पर पैनी नजर', हिंसा के बाद केंद्र सरकार ने बढ़ाया ममता की तरफ मदद का हाथ, कैसे हैं वहां के हालात?
Murshidabad Waqf clashes: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है। इस हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। अब केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को हिंसा से निपटने के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
वक्फ कानून को लेकर मुर्शिदाबाद के जंगीपुर में पिछले दो-तीन दिनों से प्रदर्शन चल रहे थे लेकिन शुक्रवार और आज शनिवार को यहां हालात ज्यादा बिगड़े हैं। हालांकि पुलिस ने कहा है कि अब स्थिति धीरे-धीरे काबू में आ रहे हैं। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने मुर्शिदाबाद में बीएसएफ कर्मियों की पांच अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती की जानकारी दी है। सेंट्रल फोर्स की ये तैनाती इलाके में स्थानीय रूप से मौजूद करीब 300 बीएसएफ जवानों के अतिरिक्त है।

केंद्रीय गृह सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ की बात
केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने एक बयान में कहा कि राज्य सरकार के अनुरोध पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। गृह मंत्रालय के बयान के मुताबिक मोहन ने हिंसा के बारे में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने उनसे स्थिति पर कड़ी नजर रखने और जल्द से जल्द सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाने को कहा।
बयान में यह भी कहा गया है कि गृह सचिव ने अधिकारियों से कहा कि केंद्र स्थिति पर 'बारीकी से नजर' रख रहा है और हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। केंद्र सरकार का कहना है कि मुर्शिदाबाद की स्थिति पर उनकी पैनी नजर बनी हुई है।
डीजीपी राजीव कुमार ने गृह सचिव को 'तनावपूर्ण' जमीनी स्थिति के बारे में जानकारी दी, लेकिन कहा कि यह नियंत्रण में है और इस पर कड़ी नजर रखी जा रही है। डीजीपी ने आगे कहा कि स्थानीय स्तर पर तैनात बीएसएफ के जवानों ने सहायता की है और हिंसा के सिलसिले में 150 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
नए वक्फ अधिनियम को लेकर मुर्शिदाबाद में हिंसा
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में नए वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। सुती और समसेरगंज ब्लॉक में विरोध प्रदर्शन के हिंसक हो जाने के बाद पिता-पुत्र सहित कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और 118 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया।
उग्र प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि संबंधित कानून केंद्र द्वारा बनाया गया है, न कि उनकी सरकार द्वारा। सीएम ममता बनर्जी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा,
"याद रखिए, हमने वह कानून नहीं बनाया, जिस पर बहुत से लोग भड़के हुए हैं। यह कानून केंद्र सरकार ने बनाया है। इसलिए, आप जो जवाब चाहते हैं, वह केंद्र सरकार से मांगा जाना चाहिए। हमने इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है - हम इस कानून का समर्थन नहीं करते हैं। यह कानून हमारे राज्य में लागू नहीं होगा। तो फिर दंगा किस बात को लेकर है?"
शनिवार को भी कुछ इलाकों में हिंसा भड़की। मुर्शिदाबाद में हिंसा को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने चार राउंड फायरिंग की। दो लोग घायल हुए हैं और उनका इलाज चल रहा है।












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