ममता ने फूंका चुनावी बिगुल: 27 से शुरू होगा भाषा आंदोलन, जानिए शहीद दिवस रैली की 4 बड़ी बातें
Mamata Banerjee: आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ''तृणमूल दर्शन, भाजपा विसर्जन'' का नया नारा सुनने को मिल सकता है, क्योंकि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चीफ ममता बनर्जी ने कोलकाता के धरमतल्ला में हुई शहीद दिवस रैली में चुनावी बिगुल फूंक दिया है, जो विधानसभा चुनाव में भाजपा की सियासी राह में मुश्किलें पैदा कर सकता है।
चुनावी शंखनाद के साथ ही ममता बनर्जी ने पार्टी को पांच नए नारे भी दिए हैं, जिनमें ''तृणमूल दर्शन, भाजपा विसर्जन'' के अलावा दूसरा नारा- ''जब्द होबे, स्तब्ध होबे, आमादेर दर्शन, तुम्हारा विसर्जन'' मतलब कब्जा भी होगा, चुप भी कराएंगे, हमारा दर्शन तुम्हारा विसर्जन। तीसरा नारा है-खेला अबार हो (इस बार खेल में छक्का मारना होगा)। चौथा नारा- ''पोद्दो फूल उपड़े फेला होबे'' (कमल का फूल उखाड़ फेंकना होगा)।
खास बात है कि 21 जुलाई 2025 को कोलकाता में शहीद दिवस की रैली में इस बार पहली बार बारिश नहीं हुई, जिसे ममता बनर्जी ने भगवान शिव का आशीर्वाद बताया। पहले की रैलियों में अक्सर बारिश होती रही है और उस बारिश में भी ममता रैली को सम्बोधित करती रही थीं। इस बार 33 डिग्री सेल्सियस तापमान के बावजूद रैली में ममता बनर्जी व TMC कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बना और रैली में अपार जनसमूह उमड़ा।
बंगाल में 27 जुलाई से भाषा आंदोलन
रैली में ममता बनर्जी ने ऐलान किया कि 27 जुलाई 2025 से हर शनिवार और रविवार को पूरे पश्चिम बंगाल में ''भाषा आंदोलन'' चलाया जाएगा। साथ ही ममता बनर्जी ने भाजपा पर ''भाषायी आतंकवाद'' फैलाने का भी आरोप लगाया। यह भी कहा कि भाजपा हमारी पहचान, भाषा व कल्चर को मिटाना चाहती है।
ममता बनर्जी के चुनावी 'तीर'
1. एनआसी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को चुनावी मुद्दा बनाने के संकेत अभी से दे दिए हैं। शहीद दिवस रैली में ममता बनर्जी ने उस उत्तम ब्रजवासी को भी मंच पर बुलाया, जिसे असम में एनआरसी मामले में नोटिस मिल चुका है।
2. डिटेंशन कैंप
रैली में ममता बनर्जी ने कहा कि ''जो बंगालियों को डिटेंशन में डाल रहे हैं। बांग्ला भाषा बोलने पर सलाखों के पीछे पहुंचा रहे हैं। ऐसा करने वाले लोग याद रखें उन्हें यह कदम भारी पड़ेगा। ममता ने रैली में मंच से मोदी सरकार को डिटेंशन कैंप का नोटिफिकेशन दिखाते हुए इसे बंगालियों को डराने की साजिश बताया।
3. दुर्गा आंगन
ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में लोगों की धार्मिक भावनाओं को जोड़ने की भी भरकस कोशिश करने वाली हैं। शहीद दिवस रैली में कहा कि चुनाव के वक्त भाजपा को मां काली और मां दुर्गा याद क्यों आने लगती है? बताना चाहती हूं कि जैसे हमने दीघा में 'जगन्नाथम धाम' बनाया, वैसे ही अब 'दुर्गा आंगन' बनाएंगे।
क्यों मनाया जाता है शहीद दिवस?
ममता बनर्जी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शहीद दिवस कार्यक्रम का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि साल 1993 से लेकर अब तक तीन दशक से ज्यादा समय से हम लोकतंत्र और लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले 13 वीरों को श्रद्धांजलि देने के लिए शहीद दिवस मनाते आ रहे हैं। उनका बलिदान बंगाल की सामूहिक अंतरात्मा में अंकित है।












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