Mahua Moitra News: क्या फिर से जा सकती है महुआ मोइत्रा की सांसदी? काटने पड़ सकते हैं कोर्ट के चक्कर!
तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा की सांसदी पर एक बार फिर संकट के बादल नजर आते हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष रेखा शर्मा पर की गई मोइत्रा की 'पायजामा' टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आयोग ने महुआ मोइत्रा की इस टिप्पणी को लेकर निंदा व्यक्त करते हुए, एफआईआर की मांग की है। वहीं, मोइत्रा ने भी पलटवार करते हुए दिल्ली पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करने की चुनौती दे डाली है।
मामला अभी कानूनी पचड़े के बीच झूल रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि अगर, एफआईआर दर्ज होती है तो, मोइत्रा को कोर्ट के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। यही नहीं, कोर्ट ने रेखा शर्मा के हक में कोई फैसला दिया तो, मोइत्रा के हाथ से सांसदी भी छटक सकती है। आइए जानते हैं किस अधिनियम के तहत खतरे में सांसदी?

जेल जाने की सजा मिलने पर
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) के अनुसार, यदि किसी सांसद को किसी अपराध के लिए कम से कम दो साल की सजा सुनाई जाती है, तो वह सजा सुनाए जाने की तारीख से ही सांसद बनने या बने रहने के लिए अयोग्य हो जाता है। यह अयोग्यता सजा के समाप्त होने के बाद छह साल तक बनी रहती है।
अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद, संबंधित सदन (लोकसभा या राज्यसभा) के स्पीकर या चेयरमैन सांसद की अयोग्यता की घोषणा कर सकते हैं। वहीं, अगर सांसद उच्च न्यायालय में अपनी सजा के खिलाफ अपील करता है और अपील स्वीकार हो जाती है, तो अयोग्यता पर अस्थायी रूप से रोक लग सकती है। हालांकि, यह न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करता है।
पहले भी खो चुकी हैं सांसदी
आपको बता दें कि दिसंबर 2023 में, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को 'पैसे लेकर सवाल पूछने' के मामले में लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था। इतना ही नहीं, उनको अपने अपने सरकारी बंगले से भी हाथ धोना पड़ा। हाल ही में, हुए लोकसभा चुनाव में मोइत्रा फिर से सांसद के रूप में उभर कर आई हैं। लोकसभा में सत्र के दौरान महुआ ने अपना दर्द भी साझा किया था। कि कैसे उन्हें अपना सबकुछ खोना पड़ा था।












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