Medinipur Egra Blast: मानवाधिकार आयोग की टीम फैक्ट्री पहुंची, पटाखों के धमाके में 9 लोगों की हुई है मौत
पश्चिम बंगाल में पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के कारण 9 लोगों की मौत मामले में भाजपा NIA जांच की मांग कर रही है। इसी बीच पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग की टीम मौके पर पहुंची है। अपडेट जानिए

East Medinipur Egra Blast केस पश्चिम बंगाल सरकार को कठघरे में खड़ा कर सकता है। पश्चिम बंगाल में विपक्षी दल बीजेपी ने इस मामले में NIA जांच की मांग की है। इसी बीच पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग की टीम ने घटनास्थल का दौरा कर जानकारी जुटाई।
दरअसल, जहां धमाका हुआ वह पटाखा फैक्ट्री कथित तौर पर अवैध बताई जा रही है। धमाकों के कारण 9 लोगों को जान गंवानी पड़ी। विस्फोट मामले की जांच के लिए गुरुवार को मानवाधिकार आयोग के अधिकारी पूर्वी मेदिनीपुर के एगरा पहुंचे।
आयोग की सदस्य, शांति दास ने कहा, "अभी एक प्रारंभिक जांच चल रही है। हम जांच समाप्त होने के बाद 2-3 दिनों में एक विस्तृत प्रारंभिक रिपोर्ट आयोग को सौंपेंगे।" बता दें कि एगरा थाना क्षेत्र के खादिकुल गांव में मंगलवार सुबह करीब 11 बजे फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ था।
मानवाधिकार आयोग की जांच से इतर पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (CID) ने विस्फोट के सिलसिले में तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए लोगों की पहचान कृष्णापाड़ा बाग उर्फ भानु बाग, उनके बेटे और भतीजे के रूप में हुई है।
सीआईडी अधिकारियों के अनुसार, "भानु बाग घायल हालत में एक अस्पताल में है और कटक में उसका इलाज चल रहा है। उसे अब स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है। हम ओडिशा पुलिस से निगरानी रखने का अनुरोध कर रहे हैं।"
बुधवार को, भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को "असफल गृह मंत्री" बताते हुए उनकी आलोचना की और उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा, "इस अवैध कारखाने में बम बनाए गए थे।
पंचायत चुनाव नजदीक होने का जिक्र कर शुभेंदु अधिकारी ने कहा, टीएमसी और फैक्ट्री मालिक मिलीभगत कर रहे हैं। एक भानु बाग एक स्थानीय टीएमसी नेता है और 2013-18 से पंचायत सदस्य था। उसे ममता बनर्जी से सुरक्षा मिली हुई है।"
पुलिस के मुताबिक, फैक्ट्री अवैध रूप से चल रही थी। मालिक को पिछले साल गिरफ्तार किया गया था। चार्जशीट भी दायर हो चुकी है। पश्चिम बंगाल पुलिस की सीआईडी फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से धमाके के कारणों और बाकी कथ्यों की जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मृतकों के परिजनों को ढाई लाख रुपये और घायलों को एक लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर घटना की "व्यापक और NIA जांच" की मांग की।












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