Cooch Behar:सितलकुची में मतदान के दौरान असल में हुआ क्या था ? जानिए
कूचबिहार: पश्चिम बंगाल में चौथे चरण के चुनाव में सितलकुची विधानसभा क्षेत्र हुई हिंसा को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। तरह-तरह की अफवाहों से भी चुनावी माहौल में बहुत ही ज्यादा गर्माहट आ चुकी है। कूचबिहार उत्तर विधानसभा क्षेत्र में एक और शव बरामद हुआ है, जिसके बारे में बताया जा रहा है कि वह भाजपा के उस कार्यकर्ता का है, जिसे लापता बताया जा रहा था। बता दें कि शनिवार को चुनाव के दौरान कूचबिहार जिले के सितलकुची विधानसा सीट पर हिंसा की बड़ी वारदातों के बाद दो-दो बूथों पर चुनाव रद्द किया गया है। चौथे दौर में कूचबिहार जिले में अलग-अलग घटनाओं में कुल 6 लोगों की मौत हो गई थी।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने क्या बताया ?
सबसे बड़ी घटना सितलकुची सीट के अम्ताली माध्यमिक शिक्षा केंद्र के बूथ नंबर 5/126 पर हुई। इस घटना के बारे में जलपाईगुड़ी के डीआईजी अन्नप्पा ने मीडिया को बताया है कि साढ़े नौ-पौने दस के बीच उस पोलिंग सेक्टर के मोबाइल ऑफिसर रामा बर्मन को जानकारी मिली कि बगल के काजी बाजार में 200 से 300 लोग जमा हो गए हैं और वो किसी वजह से कुछ वोटरों को रोक रहे हैं। वहां उन्होंने पाया कि 14-15 साल का एक लड़का मोहम्मद मिनाल हक बीमार है। वह बेहोश हो गया था और उसके मुंह से झाग निकल रहा था। सीआईएसएफ की अगुवाई वाले क्विक रिएक्शन टीम के लोगों ने तुरंत ही उस लड़के को मथाभंगा अस्पताल पहुंचाया। वहां उसपर इलाज का अच्छा असर पड़ा। इसी दौरान इलाके में एक अफवाह उड़ी की उस लड़के की सीआईएफ के जवानों की फायरिंग में मौत हो गई है। इसके बाद 400 से 500 लोग हथियारों और लाठियों से लैस होकर सुरक्षा बलों और पोलिंग स्टाफ पर हमला करने लगे। भीड़ को कंट्रोल करने की काफी कोशिश की गई, लेकिन वह सफल नहीं हो सके। उन्हें फायरिंग करने पड़ी, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई।

तृणमूल ने घटनाक्रम के बारे में किया क्या दावा ?
टीएमसी के कई कार्यकर्ताओं और पार्टी के ट्रेड यूनियन विंग के महासचिव अलिजर रहमान ने घटनाक्रम को कुछ इस अंदाज में पेश करने की कोशिश की है:- बूथ पर शांतिपूर्ण मतदान चल रहा था। इलाके में 80 फीसदी अल्पसंख्यक (मुस्लिम) वोट है। यहां भाजपा के ज्यादा समर्थक नहीं हैं। इसी दौरान बीजेपी के कुछ लोग 50-60 वोटरों को लेकर आए और सीआईएसएफ के जवानों के साथ बूथ की ओर जाने लगे। सड़क पर 14 साल का एक लड़का था। सीआईएसएफ ने उसे पीट दिया। उसके भाई ने घटना को फोन में रिकॉर्ड करना शुरू किया। सीआईएसएफ ने उसे भी पीट दिया। इस दौरान एक और आदमी ने दखल दिया और उस जवान की लाठी छीन ली। सीआईएसएफ ने फायरिंग खोल दी। 4 लोग मौके पर ही मारे गए और कई जख्मी हो गए। सीआईएसएफ के दो जवानों ने फायरिंग की, दोनों को बाहर से लाया गया था। बूथ पर तैनात सुरक्षा बलों ने फायरिंग नहीं की। 4 लोगों को गोली मारने के बाद वो गाड़ी में बैठे और चले गए।

बूथ नंबर 285 पर क्या हुआ था?
सितलकुची के बूथ नंबर 126 पर ही अकेले उस दिन हिंसा नहीं हुई थी। उससे पहले सुबह में ही एक फर्स्ट टाइम वोटर की हत्या कर दी गई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सितलकुची के पाथनतुली में बाइक पर सवार दो बदमाशों ने भाजपा समर्थक 19 साल के आनंद बर्मन को बूथ नंबर 285 से खींच लिया और गोली मार दी। इस वारदात के बाद उस इलाके में भाजपा और टीएमसी समर्थकों में झड़प हो गई। पुलिस ने इस सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

भाजपा के एक और कार्यकर्ता का शव मिला
लेकिन, कूचबिहार में तब फिर से सनसनी मच गई जब कूचबिहार उत्तर विधानसभा क्षेत्र के पतलखवा में एक शव बरामद किया गया। 45 साल का भाजपा कार्यकर्ता अमल देब शुक्रवार रात से लापता था। पुलिस ने बगल के बांसों के बीच से उसका शव निकाला। बीजेपी ने टीएमसी पर उसकी हत्या करके उसका शव लटकाने का आरोप लगाया है, जबकि हमेशा की तरह टीएमसी ने इन आरोपों को खारिज किया है। इस तरह से 294 सीटों के लिए हो रहे चुनाव में बंगाल में पहला तीन दौर अगर आमतौर पर शांतिपूर्ण तरीके से गुजर गया, लेकिन चौथे चरण में अगल-अलग घटनाओं में 6 लोगों की जान चली गई। इन घटनाओं ने बाकी बचे चार दौर के चुनावों के लिए चिंताएं और बढ़ा दी हैं।












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