बंगाल: बीरभूम की घटना का कलकत्ता हाईकोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, चीफ जस्टिस की बेंच करेगी सुनवाई
नई दिल्ली, 23 मार्च: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में मंगलवार को टीएमसी नेता की हत्या के बाद हिंसा हुई। इस दौरान एक दर्जन घरों में आग लगा दी गई, जिस वजह से 8 लोगों की मौत हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक एसआईटी का गठन किया, लेकिन विपक्ष लगातार हमलावर है। अब कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी इस घटना पर स्वत: संज्ञान लिया है, जिस पर आज दोपहर 2 बजे चीफ जस्टिस की बेंच सुनवाई करेगी।

वहीं दूसरी ओर नेता विपक्ष सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी विधायकों का एक दल आज दोपहर बीरभूम के रामपुरहाट जाएगा, जहां पर नरसंहार हुआ था। उनके साथ बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह, ज्योतिर्मय सिंह महतो भी साथ होंगे। वहीं दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए बीजेपी सांसद दिलीप घोष ने कहा कि हमें शर्म आती है कि पश्चिम बंगाल में ऐसी घटना हुई। बेगुनाहों और बच्चों को जिंदा जला दिया गया। इस वजह से लोग गांव छोड़कर जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में अब तक 200 से ज्यादा बीजेपी कार्यकर्ता मारे गए हैं।
राज्यपाल कर चुके हैं निंदा
मामले में राज्यपाल धनखड़ ने कहा कि ये एक भयावह घटना है। रामपुरहाट, बीरभूम की घटना ये दिखाती है कि राज्य हिंसा और अराजकता की चपेट में है। इस घटना में कई लोगों की मौत हुई। राज्यपाल ने आगे कहा कि मैंने मुख्य सचिव से तुरंत इस घटना पर अपडेट मांगा है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं।
ये है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भादू शेख बारोसल गांव की पंचायत के उप-प्रधान थे। उनकी हाईवे पर एक दुकान भी थी, जहां दो दिन पहले उन पर हमला हुआ था। इसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके बाद उनके समर्थकों का गुस्सा भड़का और उन्होंने बागुती गांव के कई घरों में आग लगा दी। साथ ही आरोप लगाया कि शेख पर इसी गांव के लोगों ने हमला किया था।












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