'... सरकार को समर्थन नहीं करना चाहिए', कलकत्ता HC ने शाहजहां शेख पर बंगाल सरकार की खिंचाई की
कलकत्ता हाई कोर्ट की एक खंडपीठ के आदेश के बाद आखिरकार बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी को संदेशखाली में प्रवेश की इजाजत मिल गई है। आज सुबह करीब 11 बजे पांच विधायकों के साथ बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी संदेशखाली दौरे के लिए निकल पडे। अदालत ने अगले 7 दिनों के लिए संकटग्रस्त क्षेत्र से धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा हटा दी है।
आपको बता दें कि बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी को पुलिस ने संदेशखाली में प्रवेश से रोक दिया था। रोके जाने पर अधिकारी ने कहा कि वे मुझे रोककर न्यायपालिका को चुनौती दे रहे हैं। पश्चिम बंगाल के एलओपी ने कहा कि वह अधिकारियों को दोपहर 12 बजकर 10 मिनट तक का समय दे रहे हैं, अगर वे उसके बाद उन्हें अनुमति नहीं देते हैं तो वह फिर से अदालत जाएंगे।

वहीं, बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि अदालत से अनुमति मिलने के बाद उनमें से पांच लोग संदेशखाली निकले। अदालत की अनुमति के बाद, हमें नहीं पता कि हम वहां पहुंच पाएंगे या नहीं, क्योंकि टीएमसी सरकार और सीएम अदालत के आदेश का भी पालन नहीं करते हैं। हमें उम्मीद है कि हम वहां पहुंचेंगे...केंद्रीय मंत्री यहां आए थे। लेकिन, उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें वहां जाने की अनुमति नहीं दी गई।
'एक व्यक्ति पूरी आबादी को बंधक बना सकता है'
इस बीच, संदेशखाली मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने फरार टीएमसी नेता शाहजहां शेख का भी जिक्र किया और कहा कि वह भागे नहीं रह सकते। राज्य इसका समर्थन नहीं कर सकता। चीफ जस्टिस शिवगणनम ने कहा कि हम उनसे यहां आत्मसमर्पण करने के लिए कहेंगे। चीफ जस्टिस ने यह भी कहा कि अगर एक व्यक्ति पूरी आबादी को फिरौती के लिए बंधक बना सकता है, तो सत्तारूढ़ सरकार को उसका समर्थन नहीं करना चाहिए।
'महिलाओं के साथ छेड़छाड़-रेप'
एनसीडब्ल्यू प्रमुख ने कहा कि यह किसी राजनीतिक मकसद के बजाय महिलाओं और उनकी सुरक्षा के बारे में है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को खुद संज्ञान लेना चाहिए और जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाना चाहिए।
एनसीडब्ल्यू प्रमुख रेखा शर्मा ने बताया कि संदेशखाली में सिर्फ महिलाओं से ही नहीं बल्कि 18 साल से कम उम्र की लड़कियों से भी छेड़छाड़ की गई। शर्मा ने कहा कि जब महिलाएं अदालत गईं, तो सामूहिक बलात्कार के आरोप जोड़े गए, लेकिन पुलिस द्वारा नहीं।












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