बाबुल सुप्रियो ने तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों किया भाजपा छोड़ने और टीएमसी में आने का फैसला
बाबुल सुप्रियो ने बताया क्यों किया भाजपा छोड़ने और टीएमसी में आने का फैसला
कोलकाता, 19 मार्च: पश्चिम बंगाल की बालीगंज विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में टीएमसी ने बाबुल सुप्रियो को उम्मीदवार बनाया है। बाबुल सुप्रियो ने बीते पिछले सितंबर में टीएमसी ज्वाइन करने से पहले कई साल भाजपा में रहकर राजनीति की है। वो दो बार भाजपा के टिकट से सांसद बने और केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री भी रहे। बाबुल ने क्यों केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा को छोड़कर ममता बनर्जी के नेतृत्व में विश्वास जताया, इस पर हुए सवाल गायक और राजनेता सुप्रियो ने कहा कि बीजेपी जिस तरह की नफरत भरी राजनीति कर रही है, उससे वो उकता गए थे।

केंद्र में मंत्रिपद से हटाए जाने के बाद बाबुल सुप्रियो ने बीजेपी छोड़ने का ऐलान किया था लेकिन बाद में वो तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी से मिले और उनके साथ आ गए। भाजपा छोड़ने को लेकर हो रहे सवालों पर शुक्रवार को सुप्रियो ने कहा, मैंने भाजपा छोड़ने का फैसला उनकी नफरत और विभाजनकारी राजनीति के चलते लिया। मैं इस तरह की पार्टी से जुड़ा नहीं रह सकता था, जहां किसी के खिलाफ भड़काने की राजनीति की जाए।
सुप्रियो ने आगे कहा, मैं आसनसोल का सांसद रहा हूं और क्षेत्र के लोग जानते हैं कि मैंने कभी भी सांप्रदायिकता की राजनीति नहीं की है। भाजपा के लोगों की '80 हमारे 20 तुम्हारे' जैसी संकीर्ण राजनीति का हिस्सा बनना मेरा लिए संभव नहीं था तो मैंने वो पार्टी छोड़ दी।
दो सीटों पर हो रहा बंगाल में चुनाव
पश्चिम बंगाल में दो सीटों पर उपचुनाव हो रहा है, इसमें एक आसनसोल लोकसभा सीट और दूसरी बालीगंज विधानसभा सीट है। दोनों सीटों पर 12 अप्रैल को वोट पड़ने हैं। आसनसोल लोकसभा सीट बाबुल सुप्रियों के इस्तीफा से खाली हुई है। वहीं बालीगंज विधानसभा सीट से विधायक सुब्रत मुखर्जी का बीते साल नवंबर में हार्ट अटैक से निधन हो गया था। 12 अप्रैल को मतदान के बाद 16 अप्रैल को दोनों सीटों के नतीजों का ऐलान होगा।












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