Varanasi News: महिला आयोग की सदस्य का कड़ा रुख, हर स्तर पर महिला सुरक्षा का लिया फील्ड अपडेट
Varanasi News: उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा बुधवार को वाराणसी में पहुंचीं। इस दौरान उन्होंनें महिलाओं की समस्याओं के बारे में जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिया। सुबह से ही उनका कार्यक्रम जनसुनवाई से शुरू होकर जेल और अस्पताल निरीक्षण तक चला। हर जगह वे महिलाओं की समस्याओं को सुनकर समाधान के लिए अधिकारियों से बात कीं।
वाराणस के सर्किट हाउस सभागार में आयोजित जनसुनवाई में उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला संबंधी मामलों को प्राथमिकता से सुलझाया जाए। कुल 10 मामलों की सुनवाई हुई, जिसमें से एक निराश्रित महिला पेंशन का मामला मौके पर ही हल कर दिया गया। बाकी सभी प्रकरण संबंधित विभागों को सौंपे गए।

गीता विश्वकर्मा ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि महिलाओं की शिकायतों पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जाए। किसी भी तरह की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने आगामी दौरों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ ब्लॉक स्तर पर चौपाल लगाने के भी निर्देश दिए, ताकि जमीनी स्तर पर महिलाओं की बात सुनी जा सके।
कैदियों से मिलीं आयोग की सदस्य
जनसुनवाई के बाद महिला आयोग की सदस्य ने जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज मिश्र के साथ वाराणसी जिला कारागार का दौरा किया। महिला बैरक में जाकर उन्होंने बंदियों से सीधे संवाद किया और उनके रहन-सहन, खान-पान और स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन को निर्देश दिए गए कि महिला बैरक को 'महिला सुधार गृह' के रूप में चिह्नित किया जाए। साथ ही, जिन महिलाओं के पास वकील नहीं हैं, उन्हें सरकारी अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाएं। जेलर और अन्य अधिकारी इस दौरान मौके पर मौजूद थे।
अस्पताल की व्यवस्थाएं भी परखी गईं
जेल निरीक्षण के बाद गीता विश्वकर्मा पं. दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल पहुंचीं, जहां उन्होंने महिला विंग की स्वास्थ्य सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक को साफ निर्देश दिए कि दवाओं की उपलब्धता बनी रहे और एक्सपायरी डेट का विशेष ध्यान रखा जाए।
अस्पताल में भर्ती महिलाओं को सभी आवश्यक सुविधाएं ससमय मिलें, यह सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सा स्टाफ को सतर्क रहने की हिदायत दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि इलाज के दौरान किसी भी महिला को परेशान न होना पड़े, इसके लिए जवाबदेही तय की जाए।
महिला आयोग की सदस्य ने अस्पताल के बाद पांडेपुर स्थित वन स्टॉप सेंटर का दौरा किया। यहां उन्होंने पीड़ित महिलाओं को दी जा रही सेवाओं और दस्तावेज़ों के रखरखाव की व्यवस्था देखी। साथ ही सेंटर मैनेजर और जेंडर स्पेशलिस्ट से विस्तृत जानकारी ली।












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