Varanasi News: ऑटो चालक ने किशोरी को बहला कर की घिनौनी हरकत, फिर सुनसान जगह पर छोड़कर भागा, गिरफ्तार
Varanasi News: वाराणसी में एक 14 वर्षीय किशोरी के साथ हुई शर्मनाक घटना के बाद राज्य महिला आयोग हरकत में आ गया है। यह घटना गुरुवार की शाम की है, जब किशोरी अपने घर से नाराज़ होकर बाहर निकली थी।
बताया जा रहा है कि रास्ते में मिले एक ऑटो चालक ने मदद का बहाना बनाकर उसे बहला-फुसलाकर एक सुनसान इमारत में ले गया, जहां अपने एक साथी के साथ मिलकर उसने गलत हरकत की।

मामले की जानकारी होने के बाद महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान ने रोहनिया थाने में जाकर मामले की पूरी जानकारी ली और पीड़िता के लिए जरूरी चिकित्सा जांच और काउंसलिंग के निर्देश दिए।
झगड़े के बाद घर से निकली किशोरी
शिवपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली किशोरी का गुरुवार शाम अपनी मां से किसी बात पर विवाद हो गया था। गुस्से में आकर वह घर से निकल गई और मोबाइल भी बंद कर दिया। घर से लगभग 300 मीटर दूर एक ऑटो चालक ने उसके पास रुका।
आरोप है कि चालक ने किशोरी से कहा कि वह उसे सुरक्षित घर तक छोड़ देगा और इसके लिए पैसे नहीं लेगा। मदद की बात सुनकर किशोरी उसके साथ ऑटो में बैठ गई, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि वह खतरे की ओर जा रही है।
उसके बाद ऑटो चालक किशोरी को वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र के भगवानपुर इलाके में एक अधूरी इमारत पर ले गया। वहां उसने अपने साथी को बुला लिया। फिर दोनों ने मिलकर किशोरी के साथ गलत काम किया।
इसके बाद आरोपी चालक उसे रोहनिया इलाके में एक सुनसान जगह पर छोड़कर फरार हो गए। किसी तरह किशोरी घर पहुंची और मां को पूरी घटना की जानकारी दी। परिजनों ने तुरंत रोहनिया थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
महिला आयोग ने की त्वरित कार्रवाई
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान वाराणसी के एक कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं। घटना की जानकारी मिलते ही वह कार्यक्रम छोड़कर सीधे थाने पहुंचीं और पूरे मामले की जानकारी ली।
बताया जा रहा है कि इस मामले में पुलिस ने ऑटो चालक को गिरफ्तार कर लिया है वहीं उसका साथी अभी भी फरार है। पुलिस की टीमें लगातार उसकी तलाश कर रही हैं। कहा जा रहा है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सार्वजनिक वाहनों के लिए लागू होंगी नई गाइडलाइंस
महिला आयोग की अध्यक्ष ने पूरे उत्तर प्रदेश के डीएम और पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि ऑटो, ई-रिक्शा, ओला, उबर और प्राइवेट टैक्सी चालकों की सख्त निगरानी की जाए।
अब सभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहनों में ड्राइवर की जानकारी- जैसे चालक नाम, मोबाइल नंबर और गाड़ी की डिटेल आदि चालक के सीट के पीछे स्पष्ट रूप से चिपकानी होगी। ताकि यात्री जरूरत पड़ने उसके बारे में पता चल सके।
महिला आयोग ने टैक्सी सेवाओं में लगे 'चाइल्ड लॉक' को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग का कहना है कि चाइल्ड लॉक से गाड़ी के दरवाजे अंदर से नहीं खुलते, जिससे महिलाओं या बच्चों के लिए खतरा बढ़ जाता है।












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