Navratri 2025: वाराणसी में नवरात्रि के दौरान मीट और मछली की दुकानें रहेंगी बंद, नगर निगम ने प्रस्ताव किया पास
Navratri 2025: धार्मिक नगरी काशी में इस बार नवरात्रि के दौरान मांस, मछली और मुर्गे की सभी दुकानें बंद रहेंगी। नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया, जिसे मेयर अशोक कुमार तिवारी ने मंजूरी दी। प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 30 मार्च से 6 अप्रैल तक इस फैसले को सख्ती से लागू किया जाए।
बैठक में कार्यकारिणी के सदस्य मदन मोहन दूबे ने सुझाव दिया कि नवरात्रि के दौरान पूरे शहर में मीट और मछली की बिक्री पर रोक लगाई जानी चाहिए। नगर निगम ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई और अधिकारियों को आदेश दिया कि इस पर सख्ती से अमल किया जाए। खास बात यह है कि इस दौरान 30 या 31 मार्च को ईद भी मनाई जाएगी, जिससे यह फैसला और भी अहम माना जा रहा है।

नगर निगम की बैठक में अन्य मुद्दों पर चर्चा
बैठक में नगर निगम के कई अन्य अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। उपसभापति नरसिंह दास ने पिछली कार्यकारिणी बैठक के प्रस्तावों की पुष्टि कराई, जिसे समिति ने मंजूरी दे दी। वहीं, अमरदेव यादव और सुरेश चौरसिया ने गर्मी को देखते हुए जलकल विभाग की तैयारियों को असंतोषजनक बताया। उन्होंने आम लोगों को राहत देने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया।
बैठक के दौरान हनुमान प्रसाद ने बड़े नालों की सफाई का मुद्दा उठाया। इस पर एक्सईएन ने जानकारी दी कि 20 प्रमुख नालों की सफाई पहले ही शुरू हो चुकी है। महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन नालों की सूची जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए और सफाई अभियान को तेज किया जाए। उन्होंने नाला सफाई के लिए अब तक वाहन न खरीदे जाने पर भी नाराजगी जताई।
जलकल विभाग को दिए गए खास निर्देश
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने जलकल विभाग को आदेश दिया कि अमृत योजना के तहत 32,486 मकानों में जारी दो बिल की समस्या का जल्द समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि एक ही मकान में दो जल कनेक्शनों की जांच कर 30 अप्रैल तक अतिरिक्त कनेक्शन हटा दिए जाएं।
इसके अलावा, महापौर ने नगर निगम अधिकारियों से गर्मी को देखते हुए पानी की सप्लाई में किसी भी तरह की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संकट से बचने के लिए पानी की बर्बादी रोकने पर भी सख्ती बरती जाए।
रोक को लेकर सियासत तेज
नवरात्रि के दौरान मीट बिक्री पर रोक लगाने के फैसले को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। समाजवादी पार्टी ने इस आदेश पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर रमजान के दौरान शराब की दुकानें खुल सकती हैं, तो नवरात्रि में मीट की दुकानें क्यों बंद की जा रही हैं? विपक्षी दलों ने इसे धार्मिक भेदभाव करार दिया है।
हालांकि, सरकार और नगर निगम प्रशासन का कहना है कि यह फैसला धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे पहले योगी सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने हापुड़ के एसपी को निर्देश दिया था कि नवरात्रि के दौरान मीट की दुकानें बंद कराई जाएं। उन्होंने इसके लिए दो दिन में कार्ययोजना बनाने को भी कहा था। अब वाराणसी में भी यह आदेश लागू किया गया है।












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