Varanasi ATS: 19 व्हाट्सएप ग्रुप, 800 लोग और जासूसी का जाल, वाराणसी से पाक तक फैला था नेटवर्क
Varanasi ATS: वाराणसी की तंग गलियों में एक शख्स सालों से चुपचाप अपनी खतरनाक योजना को अंजाम देने में जुटा था। मोहम्मद तुफैल, उम्र 28 साल, जिसका सामान्य जीवन लोगों की नजरों में खास नहीं था, अब भारत के खिलाफ जासूसी के आरोप में एटीएस द्वारा पकड़ा गया है।
बताया जा रहा है कि तुफैल को गिरफ्तार करने के बाद एटीएस द्वारा की गई छानबीन में उसके मोबाइल से कई देशविरोधी वीडियो, फोटो और संदिग्ध संदेश सामने आए हैं। यह भी बात सामने आ रही है कि वह पाकिस्तान के नंबरों से चैटिंग कर रहा था।

तुफैल पाकिस्तान के करीब 600 मोबाइल नंबरों के संपर्क में था। वो लगातार उन्हें भारत की संवेदनशील जगहों की जानकारी भेज रहा था। यही नहीं, उसने प्रयागराज और राजस्थान जैसी जगहों पर हुई हिंसक घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करके लोगों को उकसाने का भी प्रयास किया।
चला रहा था 19 व्हाट्सएप ग्रुप
मो. तुफैल की गतिविधियों पर जब नजर पड़ी तो एटीएस ने सर्विलांस की मदद से उसके हर कदम पर निगरानी शुरू कर दी। वह 19 व्हाट्सएप ग्रुप चला रहा था जिनमें 800 से ज्यादा लोग जुड़े थे। ये लोग पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों जैसे मऊ, गाजीपुर, भदोही, जौनपुर से थे।
इन ग्रुपों में देश विरोधी सामग्री शेयर की जाती थी। खास बात ये है कि तुफैल व्हाट्सएप स्टेटस के जरिए भी भड़काऊ बातें फैलाता था। जांच एजेंसियों को उसके फोन में प्रयागराज बस कंडक्टर हमले की क्लिप्स मिलीं जो उसने उकसाने वाले संदेशों के साथ शेयर की थीं।
एटीएस की पूछताछ में सामने आया है कि तुफैल पाकिस्तान की एक महिला 'नफीसा' के संपर्क में था, जिसका पति पाकिस्तानी सेना में तैनात है। तुफैल ने नफीसा को वीडियो, फोटो और यहां तक कि नेपाल के रास्ते गिफ्ट भी भेजे थे। इस संबंध में फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहन जांच की जा रही है।
उसने तहरीक-ए-लब्बैक जैसे प्रतिबंधित संगठनों के वीडियो न केवल देखे बल्कि शेयर भी किए। वह मौलाना शाद रिजवी के भाषणों से प्रभावित होकर भारत में शरीयत कानून लागू करने की बात करता था।
मोहल्ले वालों को होता था शक
तुफैल के पड़ोसियों ने बताया कि वह ज़्यादा मिलनसार नहीं था लेकिन बाहर के कई लोग उससे मिलने आते थे। उन लोगों की भाषा और पहनावा वाराणसी से मेल नहीं खाता था, जिससे संदेह और गहराता गया। तुफैल की गिरफ्तारी के बाद उसके घरवालों ने चुप्पी साध ली है।
बताया जा रहा है कि तुफैल के पिता ने दूसरी शादी कर ली थी, जिसके बाद वह मां और भाई के साथ ननिहाल नवापुरा आ गया था। वहीं उसने बुनकरी और फिर फॉल्स सीलिंग का काम शुरू किया। वह सिर्फ सातवीं तक मदरसे में पढ़ा है।
एटीएस अब तुफैल को रिमांड पर लेने की तैयारी में है। ताकि उससे कनेक्शन, यात्राएं और अन्य सहयोगियों की जानकारी ली जा सके। मोबाइल और सिम के आधार पर अब उस नेटवर्क की पूरी तह तक जांच की जाएगी जो भारत की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।












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