वाराणसी एयरपोर्ट को मिल जाए 260.4 एकड़ भूमि तो उतरने लगेंगे बड़े विमान, पर्यटन को भी लगेंगे पंख

वाराणसी एयरपोर्ट को मिल जाए 260.4 एकड़ भूमि तो उतरने लगेंगे बड़े विमान, पर्यटन को भी लगेंगे पंख

वाराणसी, 15 जुलाई : वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंततरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के रनवे की लंबाई बढ़ाए जाने को लेकर एक बार फिर चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि कोरोना काल में दो साल तक यात्रियों की कम संख्या के चलते यह मुद्दा ठंडे बस्ते में था, लेकिन एक बार फिर विमान यात्रियों की संख्या वाराणसी एयरपोर्ट पर बढ़ने लगी है। वर्तमान समय में प्रतिदिन 18 से 20 उड़ानों से करीब 5 से 6 हजार यात्रियों का आवागमन हो रहा है। ऐसे में अब रवने एक्सटेंशन को लेकर भी चर्चा प्रारंभ हो गई है। रनवे की लंबाई बढ़ाए जाने के बाद एयरपोर्ट पर बड़े विमान आसानी से लैंड हो पाएंगे जिससे पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा।

बीते बुधवार को मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में लखनऊ में एक बैठक हुई। बैठक में उड्यन मंत्रालय के सचिव और अन्य अधिकारियों के अलावा वाराणसी एयरपोर्ट की निदेशक अर्यमा सान्याल भी शामिल हुईं, जिसमें वाराणसी एयरपोर्ट के विस्तारीकरण और यात्री सुविधाओं के बारे में चर्चा की गयी। इसमें रनवे की लंबाई बढ़ाये जाने पर भी बात की गई। संभावना है कि आगामी दिनों में भूमि अधिग्रहण को लेकर सर्वे और भूमि सीमांकन का काम प्रारंभ होगा।

कई बार हो चुका है सर्वे और सीमांकन

कई बार हो चुका है सर्वे और सीमांकन

वाराणसी एयरपोर्ट पर भूमि अधिग्रहण की तैयारी 2015 से ही चल रही है। उस समय चार फेज में 593.77 एकड़ भूमि अधिग्रहित करने के लिये भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा मास्टर प्लान तैयार किया गया था। जिसमें पहले फेज में केवल रवने के लिये भूमि अधिग्रहित की जानी थी जबकी बाकी तीन फेज में सिटी साईड एरिया, कालोनी आदि के लिये भूमि अधिग्रहित होनी थी। हालांकि इतनी अधिक भूमि पर सरकार की स​हमति न मिल पाई। उसके बाद 2017 से लेकर कई बार सर्वे किया गया और रिपोर्ट तैयार की गयी। अंत में 2020 में पहले फेज में रनवे को बढ़ाने के लिये ही अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का प्लान तैयार करके इसे शासन को भेजा गया। पिंडरा तहसील के राजस्वकर्मी अधिग्रहित होने वाली भूमि का सीमांकन भी किये, लेकिन कोरोना वायरस के चलते विमान यात्रियों की संख्या में कमी आ गयी और यह योजना ठंडे बस्ते में चली गयी।

260.4 एकड़ भूमि की पहले फेज में है आवश्यकता

260.4 एकड़ भूमि की पहले फेज में है आवश्यकता

वाराणसी एयरपोर्ट के रनवे की वर्तमान लंबाई 2745 मीटर है जिसके चलते यहां बी-767, ए-320.05 अर्थात 180 सीटर व उससे छोटे विमान ही उतर सकते हैं। रनवे की लंबाई बढ़ाकर 4075 मीटर की जानी है, जिसके लिये एएआई को 260.4 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। रनवे की लंबाई बढ़ जाने के बाद यहां पर ए-340, ए-350 और बी-777 जैसे बड़े विमान अर्थान 300 सीटर वाले विमानों का आवागमन आसानी से हो सकेगा। विमान यात्रियों की संख्या में तेजी से हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए रनवे की लंबाई बढ़ाया जाना जरूरी हो गया है।

सात विमान कंपनियों द्वारा संचालित किये जाते हैं विमान

सात विमान कंपनियों द्वारा संचालित किये जाते हैं विमान

वाराणसी एयरपोर्ट पर अभी एयर इंडिया, इंडिगो, स्पाइसजेट, विस्तारा, गो फर्स्ट, बुद्धा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस आदि विमानन कंपनियों द्वारा विमान संचालित किये जाते हैं। जिसमें अंतरराष्ट्रीय रूट पर बुद्धा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा शारजाह के लिये विमान सेवाएं हैं। कोरोना के पहले यहां से बैंकाक, श्रीलंका, मलेशिया के लिये भी विमान संचालित किये जाते थे। कुछ माह पूर्व देश में अंतरराष्ट्रीय कामर्शियल विमानों के आवागमन की मंजूरी दी गयी, उसके बाद यहां से बैंकाक के लिये भी विमान सेवा शुरू किए जाने को लेकर चर्चा चल रही है।

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