Varanasi: साड़ी कारोबारी को अगवा कर महिला समेत पांच लोगों ने की हत्या, शव गंगा नदी में फेंका
वाराणसी जिले के भेलूपुर निवासी साड़ी कारोबारी को अगवा कर उसकी हत्या करने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया। इस मामले में एक महिला और उसके पति, ससुर, देवर वह पति के मित्र आदि कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

Varanasi के काशी हिंदू विश्वविद्यालय से भेलूपुर निवासी साड़ी कारोबारी का अपहरण करने के बाद अपहरणकर्ताओं ने उसकी हत्या कर दी। पुलिस से बचने के लिए लोगों ने उसके शव को चुनार में बने गंगा पुल के ऊपर से गंगा नदी में फेंक दिया। इस मामले में सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल के आधार पर जांच करते हुए पुलिस हत्यारों तो पहुंच गई। बुधवार को इस घटना का खुलासा किया गया।

बीते रविवार को गायब हुआ था कारोबारी
दरअसल, वाराणसी जिले के भेलूपुर निवासी साड़ी कारोबारी 50 वर्षीय महमूद आलम बीते रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गए थे। परिजनों ने पुलिस को बताया कि आखरी बार महमूद आलम ने अपने बेटे को फोन करके कहा था कि उनकी जान खतरे में है और 8 लाख रुपए का इंतजाम किया जाए। उसके बाद साड़ी कारोबारी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। कारोबारी के परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दिया। सूचना के आधार पर पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई। कॉल डिटेल रिकॉर्ड के माध्यम से पता चला कि गायब होने से पहले व्यापारी ने जिस नंबर से बात किया था वह नंबर कुछ दिन पूर्व ही लिया गया है।

सीसीटीवी फुटेज बना मददगार
इस मामले में पुलिस जब जांच पड़ताल शुरू की तो परत दर परत नई जानकारियां सामने आती रही। जांच में अभी बात सामने आई की काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के समीप से व्यापारी का अपहरण किया गया और वहीं पर व्यापारी की स्कूटी लावारिस हालत में भी मिली थी। उसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से जांच पड़ताल शुरू की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे। उसके बाद पुलिस ने इस मामले में अंजली नामक एक महिला को हिरासत में लिया। महिला को हिरासत में लिया जाने के बाद व्यापारी का अपहरण करने वाले अन्य लोगों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

5 लोगों ने दिया इस घटना को अंजाम
इस घटना का खुलासा करते हुए एडिशनल पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह द्वारा बताया गया कि प्रवीण नामक एक आरोपी शाइन सिटी से जुड़ कर काम करता था, लेकिन कंपनी बंद हो जाने के चलते वह बेरोजगार हो गया। उसके बाद वह वाराणसी जिले के चौक क्षेत्र में साड़ी का काम करने लगा। इसी बीच उसकी मुलाकात महमूद आलम से हुई। प्रवीण को इस बात की जानकारी हो गई कि महमूद आलम के पास काफी पैसा है। ऐसे में उसने महमूद आलम का अपहरण करने की योजना बनाई। अकेले वह सफल नहीं हो सकता था जिसके चलते उसने अपने मित्र अनिरुद्ध को इसमें शामिल किया। अनिरुद्ध को शामिल किए जाने के बाद भी यह योजना सफल नहीं हो सकता था ऐसे में अनिरुद्ध की पत्नी अंजलि और उसके पिता तथा छोटे भाई को भी इस योजना में शामिल किया गया।

बीमा पॉलिसी के नाम पर जाल में फंसाया
उसके बाद की अनिरुद्ध की पत्नी अंजलि जो एक बैंक में एजेंट है उसने महमूद आलम को बीमा पॉलिसी कराने के बारे में जानकारी दी। धीरे-धीरे अंजलि महमूद आलम से फोन पर बात करने लगी। योजना के अनुसार सब कुछ चल रहा था और रविवार को अनिरुद्ध और उसकी पत्नी अंजली तथा प्रवीण ने एक नया मोबाइल खरीदा तथा उसमें एक नया सिम भी लगाया। उसी मोबाइल से अंजलि ने महमूद आलम को फोन कर दिया चूहे मिलने के लिए बुलाया। वहां जब महमूद आलम मिलने के लिए पहुंचा तो एक्सयूवी में बैठे लोग उसका अपहरण कर लिए। अपहरण करने के बाद लोगों ने उससे 30 लाख की डिमांड की। 30 लाख रुपए अधिक थे ऐसे में व्यापारी इतने पैसे देने में असमर्थता जाहिर किया। इस बीच लोगों ने व्यापारी के घर पर फोन करवाया और 8 लाख रुपए का इंतजाम करने के लिए कहवाया। उसके बाद लोग उसे रामनगर और बाबतपुर एटीएम में ले गए जहां से उसके खाते से दो लाख रुपए भी निकाले।

पकड़े जाने के डर से लोगों ने कर दी हत्या
सब कुछ उनकी योजना के अनुसार ही चल रहा था लेकिन फिरौती मांगे जाने के बाद व्यापारी के बेटे ने इसकी सूचना पुलिस काे दे दी। पुलिस द्वारा उनकी खोजबीन की जाने लगी। ऐसे में उन लोगो को लगा कि पुलिस उन्हें पकड़ लेगी। अपने को बचाने के लिए उन लोगों ने कोल्ड ड्रिंक में शराब मिलाकर व्यापारी को पिला दिया और दुपट्टे और तार के सहारे गला घोंटकर व्यापारी की हत्या कर दिए। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए हत्यारोपियों ने उसके शव को चुनार गंगा पुल से गंगा नदी में फेंक दिया। फिलहाल सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस हत्यारोपियों तक पहुंच गई और हत्या में प्रयुक्त एसयूवी और दुपट्टा सहित अपराध में प्रयुक्त अन्य सामानों को बरामद कर लिया गया।
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