Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

खेती-किसानी: ठंड से इंसान ही नहीं फसलों को भी होता है नुकसान, आलू और सरसों का रखें खास ध्यान

भीषण ठंड के चलते जहां जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है वहीं ठंड के कारण फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचता है। इस समय आलू और सरसों की फसल को ध्यान देने की आवश्यकता है।

potato and mustard crop

वाराणसी में इस समय भीषण ठंड पड़ रही है और ठंड के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। ठंड से जहां इंसानों और पशुओं को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है वहीं आलू और सरसों की फसल को भी ठंड के चलते नुकसान पहुंचेगा। हालांकि आलू और सरसों को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर फसलों को ठंड के चलते काफी फायदा होता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि आलू और सरसों की फसल पर किसानों को विशेष ध्यान देना चाहिए। सरसों की फसल में अब माहू कीट लग सकते हैं और आलू की फसल में झुलसा रोग लगने से किसान भाइयों को काफी नुकसान हो सकता है।

झुलसा रोग की कैसे करें पहचान

झुलसा रोग की कैसे करें पहचान

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि आलू की अगेती और पिछेती दोनों समय की फसल में झुलसा रोग लगता है। झुलसा रोग लगने से पहले आलू के पौधों की पत्तियां हल्का हल्का पीला होना शुरू होती हैं। पीला होने के बाद धीरे-धीरे पत्तियां सूखने लगती है। यह पहले एक दो पौधों में होता है उसके बाद यदि ध्यान न दिया जाए तो धीरे-धीरे पूरे खेत को अपने आगोश में ले लेता है। ऐसे में आलू की फसल बर्बाद हो जाती है और पत्ते सूख जाते हैं। झुलसा रोग लगने के चलते पैदावार भी काफी कम हो जाती है। ऐसे में जब भी आलू के खेत में लगी फसलों की पत्तियों पर गहरे भूरे व काले रंग के धब्बे बनना शुरू हो तो उसी समय किसानों को ध्यान देना चाहिए। कृषि विशेषज्ञ से मुलाकात करने के बाद तत्काल खेत में कीटनाशक का छिड़काव करना चाहिए जिससे फसल को बचाया जा सके।

झुलसा रोग से आलू को इस तरह बचाएं

झुलसा रोग से आलू को इस तरह बचाएं

कृषि विशेषज्ञ और चोलापुर ब्लाक के कृषि रक्षा अधिकारी देवमणि त्रिपाठी द्वारा बताया गया कि झुलसा रोग से बचाने के लिए किसान आलू की फसल में हल्की सिंचाई कर सकते हैं। इसके अलावा यदि आलू सिंचाई योग्य नहीं है तो बाजार में कई दवा हैं, जिनका छिड़काव करते हुए भी झुलसा रोग से आलू की फसल को बचाई जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि इमिडाक्लोप्रिड नामक दवा को पानी में मिलाकर इसका घोल बनाकर दोपहर के समय आलू छिड़काव किया जा सकता है और उस्ताद इसके अलावा क़र्बोडाज़ीन और डायथेन नामक दवा का भी पानी में मिलाकर मिश्रण तैयार करने के बाद आलू की फसल पर छिड़काव करने से झुलसा रोग से आलू की फसल को बजाई जा सकती है।

सरसों को हानि पहुंचा सकते हैं माहू कीट

सरसों को हानि पहुंचा सकते हैं माहू कीट

भीषण की ठंड और कोहरे के बाद अब खेतों में फूल रही सरसों में फलियां लगने से पहले ही माहू कीट का प्रकोप देखने को मिलेगा। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सरसों की फसल में जब माहू कीट अक्रमण करें तो तुरंत कीटनाशक दवा का छिड़काव करना चाहिए। समय से कीटनाशक का छिड़काव ना करने पर माहू कीट के चलते सरसों की पैदावार कम हो सकती है और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। माहू कीट से सरसों की फसल को बचाने के लिए किसान भाई अपने घर पर ही सोठास्त्र बना सकते हैं। सोठास्त्र का छिड़काव करने के बाद सरसों की फसल में माहू कीट नहीं लगते हैं। इसके अलावा बाजार में कई कीटनाशक मौजूद है जिनका छिड़काव करते हुए सरसों की फसल को माहू कीट से बचाया जा सकता है।

Recommended Video

    Vegetable Price: महंगाई की मार, आम आदमी की थाली से दूर हुआ आलू-प्याज | वनइंडिया हिंदी

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+