13 जनवरी को वाराणसी से डिब्रूगढ़ के लिए रवाना होगा क्रूज, पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी
दुनिया के सबसे लंबे क्रूज़ परिवहन को अगले सप्ताह वाराणसी से प्रधानमंत्री हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह क्रूज़ वाराणसी से प्रस्थान करने के बाद 50 दिनों में डिब्रूगढ़ पहुंचेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 जनवरी को वाराणसी में दुनिया के सबसे लंबे क्रूज़ परिवहन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसे लेकर सूचना और जनसंचार विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा ट्वीट कर जानकारी दी गई है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि प्रधानमंत्री इसका उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से करेंगे या फिर काशी आएंगे लेकिन पीएम के कार्यक्रम को लेकर तैयारियां चल रही हैं।

रामनगर टर्मिनल पर पर्यटकों का होगा स्वागत
दरअसल, 22 दिसंबर 2022 को 32 स्विस पर्यटकों को लेकर पश्चिम बंगाल से रवाना हुआ 'गंगा विलास' जलयान 6 जनवरी को वाराणसी पहुंचेगा। जलयान वाराणसी में पहुंचने के बाद जलयान से आने वाले पर्यटकों का स्वागत वाराणसी में गंगा नदी के किनारे रामनगर टर्मिनल पर करवाए जाने की तैयारी चल रही है। जिले के अधिकारियों द्वारा यह भी बताया जा रहा है कि रामनगर टर्मिनल के अलावा नमो घाट और रविदास घाट को भी विकल्प के तौर पर रखा गया है। वाराणसी में स्वागत के बाद जलयान से आने वाले पर्यटक 10 जनवरी तक काशी में भ्रमण करेंगे। वाराणसी से जल यातायात को बढ़ावा देने के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा पिछले साल नवंबर माह में वाराणसी में कार्यक्रम भी आयोजित किए गए थे और उसी समय वाराणसी से डिब्रूगढ़ के बीच दुनिया के सबसे लंबे जलमार्ग की शुरुआत किए जाने की घोषणा भी की गई थी।

वाराणसी से 50 दिनों में क्रूज पहुंचेगा डिब्रूगढ़
गंगा विलास क्रूज के माध्यम से बनारस से डिब्रूगढ़ (बोगीबिल) की दूरी 50 दिनों में तय की जाएगी। वाराणसी से 13 जनवरी को डिब्रूगढ़ के लिए प्रस्थान होने वाला यह क्रूज भारत और बांग्लादेश के 27 रिवर सिस्टम से होकर गुजरेगा। 3200 किलोमीटर की दूरी 50 दिनों में तय करने वाले इस क्रूज़ को 50 से अधिक जगहों पर रोका भी जाएगा। यह क्रूज सुंदरवन डेल्टा और काजीरंगा नेशनल पार्क एवं राष्ट्रीय उद्यानों से होते हुए गुजरेगा। बनारस से डिब्रूगढ़ तक संचालित होने वाली यह क्रूज सेवा दुनिया की सबसे लंबी क्रूज सेवा होगी। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यह क्रूज सेवा प्रारंभ हो जाने के बाद इसके सफल संचालन को देखते हुए भारत के अन्य नदियों में भी रिवर क्रूज संचालित करने पर विचार किया जाएगा।

इन स्थानों से होकर गुजरेगा 'गंगा विलास' क्रूज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अगले सप्ताह 13 जनवरी को हरी झंडी दिखाए जाने के बाद वाराणसी से प्रस्थान होने वाला यह क्रूज़ गाजीपुर, बलिया, छपरा होते हुए 8 दिन में पटना पहुंच जाएगा। पटना के बाद यह क्रूज़ भागलपुर होते हुए बंगाल में प्रवेश करेगा और 20 वें दिन कोलकाता पहुंचेगा। उसके बाद कोलकाता से यह क्रूज बांग्लादेश जाएगा और बांग्लादेश पहुंचने के बाद यह क्रूज़ विभिन्न नदियों से होते हुए बोगीबील डिब्रूगढ़ के लिए प्रस्थान करेगा और 50 वें दिन यह अपने गंतब्य पर पहुंच जाएगा।
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वाराणसी, अयोध्या और मथुरा में तैनात होंगे कैटामेरन
बीते नवंबर को वाराणसी दीनदयाल हस्तकला संकुल भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के बीच एक करार किया गया। इस करार के तहत कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा 100 पैक्स हाइड्रोजन फ्यूल सेल पैसेंजर कैटामारन जलयान का डिजाइन और विकास केपीआईटी पूणे के सहयोग से कराया जाएगा। शुक्रवार को वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हाइड्रोजन एवं इलेक्ट्रिक कैटामेरन वाराणसी, अयोध्या, मथुरा हेतु अनुबंध तथा वाराणसी एवं डिब्रूगढ़ के मध्य क्रूज के समय सारणी का भी विमोचन किया गया था। नवंबर माह में दीन दयाल हस्तकला संकुल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार में बंदरगाह, नौवहन व जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, वाणिज्य व उद्योग, उपभोक्ता मामले तथा खाद्य एवं जन वितरण हेतु केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल और भारी उद्योग मंत्री महेन्द्र नाथ पांडेय भी मौजूद थे।
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