हवाई यात्रियों की संख्या बढ़ी, फिर भी घट गई Varanasi Airport की रैंकिंग, लखनऊ 11वें स्थान पर कायम
वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों की संख्या में भले ही इजाफा हुआ लेकिन एयरपोर्ट की रैंकिंग चार पायदान खिसक गई है। इसके पीछे धीमी गति से यात्रियों की संख्या को बढ़ना बताया जा रहा है।

वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (Varanasi Airport) पर वित्तीय वर्ष 2022-23 में 25,21,442 यात्रियों का आवागमन हुआ। यात्रियों की संख्या में तो पिछले साल की अपेक्षा करीब आठ लाख से अधिक का इजाफा हुआ है, लेकिन वाराणसी एयरपोर्ट की रैंकिंग 20वें पायदान से खिसक कर 24वें पहुंच गई है।
एविएशन से जुड़े लोगों का कहना है कि एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में धीमी गति से वृद्धि हुई है, जिसके चलते एयरपोर्ट की रैंकिंग डाउन हुई है। वाराणसी एयरपोर्ट की अपेक्षा इंदौर एयरपोर्ट, नागपुर एयरपोर्ट और कोयंबटूर एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या अधिक तेजी से बढ़ी है।
यह भी बता दें कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में वाराणसी एयरपोर्ट से कुल 1,708,220 यात्रियों का आवागमन हुआ था। जिसमें 16,53,082 घरेलू यात्री और 55,138 अंतरराष्ट्रीय यात्री शामिल थे। 2021-22 की अपेक्षा वित्तीय वर्ष 2022-23 में 24,12,023 घरेलू यात्री और 1,09,419 अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का आवागमन हुआ।
लखनऊ एयरपोर्ट से वित्तीय वर्ष 2022-23 में कुल 5,220,528 यात्रियों का आवागमन हुआ। लखनऊ एयरपोर्ट वित्तीय वर्ष 2022-23 में देश के 50 टॉप टेन हवाई अड्डों में 11वें पायदान पर है, वित्तीय वर्ष 2021-22 में भी लखनऊ एयरपोर्ट 11वें पायदान पर ही था।
कोरोना काल के बाद तेजी से बढ़ रही यात्रियों की संख्या: कोविड संक्रमण के दौरान हवाई यातायात काफी प्रभावित हुआ था। हवाई यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई थी। लेकिन अब धीरे-धीरे हवाई यात्रियों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
पिछले 5 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो साल वित्तीय वर्ष 2018-19 में वाराणसी एयरपोर्ट पर कुल 2,785,015 यात्रियों का आवागमन हुआ। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2019-20 में 3,010,702, वित्तीय वर्ष 2020-21 में 1,466,718, वित्तीय वर्ष 2021-22 में 1,708,220 और 2022-23 में 2,521,442 यात्रियों का आवागमन हुआ।
इस तरह यदि आंकड़ों पर ध्यान दिया जाए तो सभी हवाई अड्डों के साथ ही वाराणसी हवाई अड्डे पर कि विमान यात्रियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। हालांकि धीमी गति से इजाफा होने के चलते वाराणसी एयरपोर्ट की रैंकिंग वित्तीय वर्ष 2022-23 में घट गई है।
आईएलएस बन रहा बाधक: इस बारे में वाराणसी एयरपोर्ट के निदेशक अर्यमा सान्याल से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि हमें इसकी पूरी जानकारी नहीं है फिर भी वाराणसी एयरपोर्ट पर वर्तमान समय में कैट-I प्रणाली का इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) लगा हुआ है। कोहरे के समय में विमानों की आवागमन में काफी समस्या होती है।
बीते साल ठंड के मौसम में कई घने कोहरे के चलते दृश्यता कम हो जाने पर विमानों की लैंडिंग भी संभव नहीं हो सकी और उन्हें नजदीकी एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा। ऐसे में यात्रियों की संख्या में थोड़ी कमी हुई जिससे संभव है कि यात्रियों की दृष्टी से रैंकिंग घटी हुई हो।
हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि वाराणसी एयरपोर्ट पर कैट-III प्रणाली का आईएलएस स्थापित किया जाना है। ऐसे में भूमि की आवश्यकता है और वाराणसी एयरपोर्ट पर भूमि अधिग्रहण के लिए केंद्र और राज्य सरकार से बातचीत चल रही है।
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भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामले पर काफी हद तक कागजी कार्रवाई और भूमि सीमांकन का कार्य भी कराया जा चुका है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही वाराणसी एयरपोर्ट पर आईएलएस कैट-III स्थापित किया जाएगा।
इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल (ACI) द्वारा कराए जाने वाले एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी (ASQ) सर्वे में वाराणसी एयरपोर्ट की रैंकिंग देश के हवाई अड्डों के साथ ही ग्लोबल स्तर पर भी लगातार बढ़ रही है। इससे पता चलता है कि एयरपोर्ट पर यात्रियों को काफी अच्छी सुविधा दी जा रही है। एयरपोर्ट पर दी जाने वाली सुविधाओं से यात्री संतुष्ट भी हैं।












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