वाराणसी: दीनापुर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में क्लोरीन गैस का रिसाव, कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में शनिवार देर शाम दीनापुर एसटीपी परिसर में क्लोरीन गैस का रिसाव हो गया। क्लोरीन गैस का रिसाव होने से अफरातफरी मच गई। आसपास के गांवों दीनापुर, रघुनाथपुर व सलारपुर के 40 परिवारों के 200 लोगों को वहां से हटा दिया गया। हालांकि उसी समय बारिश हो गई। इसके बाद गैस रिसाव का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगा। इसी बीच फायर ब्रिगेड के जवानों की मदद से सेफ्टी आपरेटर प्रशांत और अनिल श्रीवास्तव ने आक्सीजन सिलेंडर, मास्क लगाकर गैस सिलेंडर का रिसाव बंद कर दिया। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीवर साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाली क्लोरीन गैस की टंकी के वॉल्व से अचानक रिसाव शुरू हो गया। शाम साढ़े छह बजे गैस का रिसाव शुरू होने से अफरातफरी मच गई। आसपास की बस्तियों में लोगों का दम घुटने लगा। पुलिस ने सड़क किनारे के लोगों को दूर जाने की हिदायत दी। बता दें कि गैस रिसाव की सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन ऑक्सीजन चैंबर न होने के कारण उन्होंने हाथ खड़े कर दिए।
इसके बाद पुलिस ने एनडीआरएफ को सूचना दी। एनडीआरएफ के 36 जवानों की टीम पौने दस बजे पहुंची। इसके पहले चेतगंज से फायर ब्रिगेड की टीम ने ब्रीदिंग किट पहनकर रिसाव बंद किया। जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आई। जलनिगम के मुख्य अभियंता एके पुरवार ने बताया कि क्लोरीन गैस के आठ सिलेंडर 900 किलो के रखे गए हैं। गैस का प्रभाव कैंपस में ही था। इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है। रात 10 बजे तक स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया था।
जल संस्थान की घटना से नहीं लिया सबक
जल संस्थान में बीते 5 जुलाई को क्लोरीन गैस के मामले में 9 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस घटना के बाद भी जल निगम ने सबक नहीं लिया, जिसका खामियाजा आज उठाना पड़ा। नगर निगम के पुराने जानकारों में से एक कांग्रेस के पार्षद सीताराम केसरी ने बताया कि क्लोरीन गैस के रिसाव की घटना बनारस में दूसरी बार हुई है। इस हादसे ने जल निगम की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है।












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