Kashi Masan Holi: काशी में होली से पहले पर्यटन बूम, होटल, क्रूज, नाव की बुकिंग फुल, पर्यटकों में जबरदस्त क्रेज

Kashi Masan Holi: महाकुंभ के समापन के बाद अब काशी में मसाने की होली का क्रेज बढ़ गया है। रंगों के त्योहार से पहले ही यहां के होटल, क्रूज और नावों की बुकिंग पूरी तरह फुल हो चुकी है। धार्मिक पर्यटन के नए आयाम के कारण काशी, प्रयागराज और अयोध्या का त्रिकोणीय आकर्षण अब और बढ़ गया है।

गंगा किनारे स्थित होटलों की मांग सबसे अधिक है। घाटों के आसपास मौजूद होटल पहले से ही बुक हो चुके हैं, जिससे पर्यटकों को अन्य जगहों पर ठहरने के विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं। क्रूज और नावों की भारी डिमांड को देखते हुए टूर ऑपरेटर अन्य जिलों से छोटे चार पहिया वाहन भी मंगवा रहे हैं ताकि अधिकतम संख्या में पर्यटकों की जरूरतें पूरी की जा सकें।

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महाकुंभ के दौरान हर दिन औसतन सात लाख लोग काशी पहुंचे, जिससे कुल मिलाकर तीन करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु धार्मिक यात्रा पर आए। इस दौरान होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट, माला-फूल विक्रेता, पूजन सामग्री विक्रेताओं, नाविकों, साड़ी कारोबारियों और हस्तशिल्प व्यापारियों की कमाई में जबरदस्त उछाल आया।

इस साल महाकुंभ ऐसे समय पड़ा, जब बनारस का पर्यटन सीजन चरम पर होता है। हालांकि, महाकुंभ की भीड़ को देखते हुए कुछ देसी-विदेशी पर्यटक दूरी बनाए हुए थे, लेकिन अब काशी का आकर्षण उन्हें खींच रहा है। मार्च के पहले पखवाड़े में पांच दिनों तक रंगोत्सव मनाया जाएगा, जिसमें बाबा विश्वनाथ की गौना बारात से लेकर मसाने की होली जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे।

मसाने की होली का जबरदस्त क्रेज

मसाने की होली बनारस की एक अनूठी परंपरा है, जिसमें शिवभक्त और साधु-संत चिता भस्म और गुलाल से होली खेलते हैं। यह अनूठा आयोजन देशभर के पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण बनता जा रहा है। दक्षिण भारत से आने वाले पर्यटकों की बुकिंग काफी पहले से हो चुकी थी।

बनारस के करीब 1,000 छोटे-बड़े होटल, लॉज और गेस्ट हाउस फुल हो चुके हैं। वहीं, गंगा में चलने वाले लगभग 2,000 नाव-बजड़े और क्रूज भी पहले से ही बुक हो चुके हैं। इन बुकिंग्स में न सिर्फ भारतीय, बल्कि विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं, जो इस अनोखे पर्व का अनुभव लेने के लिए यहां पहुंचेंगे।

रामनवमी पर फिर लौटेगी भीड़

पर्यटन कारोबारियों का मानना है कि होली के बाद एक बार फिर भीड़ रामनवमी के अवसर पर लौटेगी। अप्रैल में रामनवमी के दौरान अयोध्या में रामलला के दर्शन करने के लिए देशभर से लोग आएंगे। बेहतर सुविधाओं के चलते अधिकतर पर्यटक बनारस को अपना केंद्र बनाकर अयोध्या और अन्य धार्मिक स्थलों का भ्रमण करेंगे।

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