IPS Vikrant Veer : एक मैसेज की वजह से चर्चा में आए, जानिए कौन हैं आईपीएस विक्रांत वीर
वाराणसी, 19 अगस्त: आईपीएस विक्रांत वीर एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। व्हाट्सऐप पर एक मैसेज की वजह से विक्रांत वीर के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने विक्रांत वीर से स्पष्टीकरण मांगा है। प्रदेश के आला अधिकारी भी उनसे खासे नाराज हैं। ऐसे में विक्रांत वीर पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। बता दें, 2014 बैच के आईपीएस अफसर विक्रांत वीर यूपी के वाराणसी में डीसीपी के पद पर तैनात हैं। आइए जानते हैं आखिर क्या है पूरा मामला।

व्हाट्सऐप मैसेज बना IPS विक्रांत वीर की मुसीबत
दरअसल, वाराणसी के एक व्हाट्सऐप ग्रुप में आईपीएस विक्रांत वीर के अलावा कई प्रशासनिक अधिकारी और पत्रकार जुड़े हुए हैं। बताया जा रहा है कि 16 अगस्त की रात 12:56 बजे विक्रांत वीर के मोबाइल से ग्रुप में पांच मैसेज फॉरवर्ड किए गए। इन मैसेज में अन्य बातों के साथ लिखा था, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर को कहीं सीपी या अलग ब्रांच में भेजो। ये इधर से उधर बहुत कर रहा है।' संजय प्रसाद, एसपी गोयल सबके सामने मुकुल गोयल और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर को फटकार...। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर को फटकार लगी। नए एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के लिए बॉस ने डीजीपी और एसीएस होम को बोला है। एसीएस भी खाली हाथ।

डिलीट किए मैसेज, लेकिन तब तक हो गई बहुत देर
कुछ देर बार यह मैसेज ग्रुप से डिलीट कर दिए गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दूसरे ग्रुपों में फॉरवर्ड होने के साथ साथ मैसेज के स्क्रीन शॉट ले लिए गए। स्क्रीन शॉट को ग्रुप में शेयर किया जाने लगा। मामला बढ़ता देख उसी रात 1:35 बजे ग्रुप में आईपीएस विक्रांत वीर ने मैसेज में सफाई दी। उन्होंने ग्रुप में लिखा कि इस नंबर से इस ग्रुप पर मेरी बिटिया के द्वारा खेलते समय कुछ मैसेज जो पूरी तरह से असत्य हैं, गलती से चले गए हैं। उनहोंने मैसेजेस का खंडन करते हुए कहा कि इसका किसी भी प्रकार से सच्चाई से कोई वास्ता नहीं है। यह एक छोटी बच्ची का बचपना समझा जाए और इसे पूरी तरह से निराधार माना जाए। धन्यवाद... जय हिंद...। आईपीएस ने एक और मैसेज किया, जिसमें लिखा, किसी शरारती तत्व ने मेरे मोबाइल पर यह मैसेज भेजे, जो गलती से मेरी बिटिया के द्वारा फॉरवर्ड हो गए हैं।

पुलिस कमिश्नर ने मांगा स्पष्टीकरण
इस मामले में पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने आईपीएस विक्रांत वीर से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा कि स्पष्टीकरण के बाद इस संबंध में आगे का निर्णय लिया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि किसी भी लोकसेवक को पब्लिक प्लेटफॉर्म पर सतर्क रहना चाहिए। अपने आचरण, व्यवहार और कृत्य को लेकर सजगता बरतने के साथ पुलिस बल की गरिमा के अनुसार सदैव अनुशासित रहना चाहिए।

कौन हैं आईपीएस विक्रांत वीर ?
मूल रूप से बिहार में नालंदा के रहने वाले विक्रांत वीर 2014 बैच के आईपीएस अफसर हैं। आईपीएस बनने से पहले वह मर्चेंट नेवी में थे। 1997 में झारखंड के पलामू से इंटर की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने मुंबई की मरीन इंजीनियरिंग कॉलेज से बीएससी किया था। नौकरी के साथ साथ उन्होंने यूपीएससी की तैयारी जारी रखी। साल 2014 में उनका सिलेक्शन आईपीएस के लिए हो गया। उनकी पहली तैनाती कानपुर में बतौर एएसपी हुई। इसके बाद वह फैजाबाद और बलिया के एसएसपी भी रहे। उसके बाद वह लखनऊ ग्रामीण के एसपी बने। बतौर एसपी हाथरस विक्रांत वीर का पहला जिला था। हाथरस के एसपी की जिम्मेदारी विक्रांत वीर ने इसी साल जून के महीने में संभाली थी। हालांकि, हाथरस कांड के बाद विक्रांत वीर को सस्पेंड कर दिया गया था। विक्रांत वीर फिलहाल वाराणसी में डीसीपी के पद पर तैनात हैं।












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