वाराणसी: सड़कों पर चल रही नाव और गलियों में हो रहा दाह संस्कार, बीजेपी मंत्री ने किया निरीक्षण
वाराणसी में गंगा का जलस्तर अब खतरे के निशान से कुछ ही दूर है। तेजी से बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की पेरशानियां बढ़ गई हैं। आलम यह है कि सड़कों पर नाव चल रही है, गंगा का पानी अब गलियों
वाराणसी. 26 अगस्त : वाराणसी में गंगा का जलस्तर अब खतरे के निशान से कुछ ही दूर है। तेजी से बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की पेरशानियां बढ़ गई हैं। आलम यह है कि सड़कों पर नाव चल रही है, गंगा का पानी अब गलियों तक पहुंच चुका है और हजारों लोग अपने घरों पलायन करके बाढ़ राहत शिविर में शरण लिए हैं। शुक्रवार को जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किये और बाढ़ राहत शिविरों का भी औचक निरीक्षण करते हुए वहां पर दी जा रही सुविधाओं का जायजा भी लिए।

NDRF के मोटर बोट से पीड़ितों के बीच पहुंचे मंत्री
प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह एनडीआरएफ के मोटर बोट से नक्खीघाट क्षेत्र में पहुंचे और वहां पर बाढ़ के बीच भी अपने घरों में रह रहे लोगों के बीच में पहुंचकर राहत सामग्री बांटे। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी हर प्रकार से मदद की जाएगी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सुरक्षित बाढ़ राहत शिविरों में पहुंचाया जाए। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम सुनिश्चित कराए जाने को लेकर निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ायी जाय ताकि चोरी आदि की घटनाएं न होने पाये। इस दौरान जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय सहित अन्य नेता और अधिकारी मौजूद रहे।

पूर्व मंत्री ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा
पूर्व मंत्री एवं वाराणसी शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित कोनिया, राजघाट आदि क्षेत्रों का स्टीमर से दौरा किया। उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों में पदयात्रा कर लोगों की समस्याओं को सुना तथा आपदा की इस घड़ी में हर संभव मदद का भरोसा दिया। सुभाष कॉलेज कोनिया की बाढ़ राहत शिविर में निरीक्षण के दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावितों के लिए बनाए जा रहे भोजन आदि को भी देखा। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में भ्रमण के दौरान जगह-जगह गंदगी एवं कूड़े को देख उन्होंने नगर निगम के क्षेत्रीय अधिकारी को तत्काल सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।

40 मेडिकल टीम का गठन, 11 हुई क्रियाशील
जारी सूचना में बताया गया कि जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के निर्देशानुसार बाढ़ के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसके तहत जिले में 40 मेडिकल टीमों का गठन किया गया है। इनमें 11 टीमों को क्रियाशील भी कर दिया गया है। टीम को जरूरी दवाओं के साथ ही पर्याप्त मात्रा में ओआरएस के पैकेट, क्लोरीन की गोलियां, वितरित करने के लिए उपलब्ध कराये गये हैं। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ ही पर्याप्त दवाएं मौजूद है। किसी भी हालत में चिकित्सकीय सुविधाओं का अभाव नहीं होने दिया जायेगा। शुक्रवार को बाढ राहत शिविरों में कुल 235 मरीज देखे गए। साथ ही ओआरएस के 190 पैकेट व क्लोरीन टैबलेट की 1280 गोलियां वितरित की गईं।

24 घंटे पेट्रोलिंग कर रहे पुलिसकर्मी
पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे पुलिसकर्मी पेट्रोलिंग कर रहे हैं। शुक्रवार की रात्रि में कई इलाकों में गंगा का पानी प्रवेश कर गया जिसके चलते वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस द्वारा रात्रि में भी बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल कर बाढ़ राहत शिविर में पहुंचाया जाता रहा। एसीपी कोतवाली अपने पूरी टीम के साथ थाना आदमपुर थाना क्षेत्र के कोनिया में नाव से रिवर पेट्रोलिंग करते नजर आए।

शाम 6 बजे 71.11 मीटर पहुंचा जलस्तर
जारी आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को शाम 6 बजे गंगा नदी का जलस्तर 71.11 मीटर पहुंच चुका था। वहीं 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी भी हो रही है। ऐसे में अधिकारियों द्वारा आशंका जताई गई थी शनिवार की सुबह या उसके बाद तक गंगा का जलस्तर खतरा बिंदु को पार कर जाएगा। यह बता दें कि वाराणसी में 70.262 मीटर पर चेतावनी बिंदु तथा 71.262 मीटर पर खतरा बिंदु है। गुरुवार को ही गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर चुका था।












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