Ganga Aarti: काशी में दिन में हुई गंगा आरती, 32 साल में चौथी बार बदला समय, सूतक के कारण मंदिरों के कपाट बंद

Ganga Aarti: धर्म की नगरी काशी में शनिवार को चंद्र ग्रहण से पहले ही प्रतिदिन संध्या काल में होने वाली गंगा आरती के समय में बदलाव किया गया। बीते 32 साल में यह चौथी बार हो रहा है जब गंगा आरती के समय बदलाव किया गया है।

इसके अलावा सूतक काल की वजह से काशी के सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। मंदिरों के कपाट बंद हो जाने के चलते दर्शन के लिए आने वाले दर्शन आर्तियां को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।

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दरअसल, ऐसी मान्यता है कि सूतक काल में किसी भी प्रकार का अनुष्ठान या कोई भी धार्मिक या शुभ कार्य नहीं किया जाता। ऐसे में शनिवार को लगने वाले चंद्र ग्रहण को ध्यान में रखते हुए काशी के मंदिरों के कपाट बंद किए गए और आरती भी सुबह में की गई।

वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती के समय में बदलाव किए जाने को लेकर गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा द्वारा बताया गया कि 32 साल में चौथी बार आरती को अपने निर्धारित समय से पहले संपन्न कराया गया।

उन्होंने यह भी बताया कि इसके पहले 8 अगस्त 2017 और 27 जुलाई 2018 के अलावा 16 जुलाई 2019 को गंगा आरती के समय में बदलाव किया गया था। उन्होंने कहा कि शनिवार को चौथी बार ऐसा हुआ जब गंगा आरती के समय में बदलाव किया गया। दोपहर 2:30 बजे से गंगा आरती प्रारंभ हुई जो 3:30 बजे संपन्न हो गई।

वहीं गंगा सेवा समिति के सदस्य विकास पांडेय द्वारा बताया गया कि चंद्र ग्रहण रविवार की रात में 1:05 से 2:30 तक रहेगा। ऐसे में ग्रहण से 9 घंटे पहले शनिवार को शाम 4:00 बजे ही सूतक लग जाएगा। सूतक काल को ध्यान में रखते हुए नित्य संध्या में होने वाली गंगा आरती के समय में बदलाव किया गया। बदलाव करने के बाद दोपहर में ही गंगा आरती संपन्न कराई गई।

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