Flashback 2022: ममता ने कहा 'खेला होबे' और ओमप्रकाश ने कहा 'खदेड़ा होबे', नतीजा आया कुछ और
यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान बंगाल की तरह उत्तर प्रदेश में भी 'खेला होबे' का नारा देकर चुनावी बाजी पलटने का प्रयास किया गया लेकिन गठबंधन असफल रहा।

Flashback 2022: उत्तर प्रदेश विधानसभा 2022 के दौरान समाजवादी पार्टी गठबंधन द्वारा प्रदेश में जीत के दावे किए जाते रहे। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा भी समाजवादी पार्टी के समर्थन में वाराणसी में जनसभा को संबोधित किया गया। बंगाल की तरह उत्तर प्रदेश में भी 'खेला होबे' का नारा लगाया गया लेकिन यहां बंगाल का जादू नहीं चल पाया। ममता बनर्जी के अलावा ओमप्रकाश राजभर द्वारा 'खदेड़ा होबे' का भी नारा लगाया गया लेकिन 10 मार्च 2022 को नतीजे कुछ और ही सामने आए। विधानसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी द्वारा प्रचार प्रसार के समय वाराणसी में माहौल काफी गर्म रहा, आइए जानते हैं उस समय की कुछ खास बातें...

रिंग रोड के किनारे आयोजित हुई थी सपा की जनसभा
विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान सातवें और अंतिम चरण का मतदान होना था। अंतिम चरण में 7 मार्च को पूर्वांचल के 7 जिलों में मतदान किया जाना था। ऐसे मैं वाराणसी समेत पूर्वांचल के उन 7 जनपदों में मतदाताओं को अपने पक्ष में साधने के लिए सभी पार्टियों द्वारा अपने अपने तरीके से चुनाव प्रचार किया जा रहा था। वाराणसी में रिंग रोड फेज एक के किनारे ऐढे गांव में समाजवादी पार्टी द्वारा भी चुनावी जनसभा का आयोजन किया गया था। इस चुनावी जनसभा में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, शिवपाल यादव, कृष्णा पटेल, जयंत चौधरी, जया बच्चन और ओमप्रकाश राजभर सहित कई दिग्गज नेता शामिल हुए थे। जनसभा में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मंच से ममता बनर्जी ने सपा की जीत और भाजपा को खदेड़ने का नारा लगाया। ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा हारी है और अब उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराना है। ममता बनर्जी ने मंच से 'खेला होबे' का नारा भी लगाया था।

बनारस में ममता बनर्जी का जमकर हुआ था विरोध
मालूम हो कि वाराणसी में समाजवादी पार्टी गठबंधन के पक्ष में प्रचार प्रसार करने के लिए ममता बनर्जी जनसभा को संबोधित करने से एक दिन पूर्व वाराणसी पहुंचीं थी। वाराणसी एयरपोर्ट पर उतरने के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ ममता बनर्जी का काफिला जब घाट की तरह पहुंचा तो वहां पर ममता बनर्जी का जमकर विरोध किया गया था। समाजवादी पार्टी द्वारा बताया गया कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा ममता बनर्जी की गाड़ी रोकने की कोशिश की गई और विरोध किया गया। हालांकि भारतीय जनता पार्टी द्वारा ऐसी किसी बात से साफ इनकार किया गया था। दूसरे दिन रिंग रोड किनारे आयोजित जनसभा में लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंच से कहा था कि भारतीय जनता पार्टी के लोग मेरी कार पर डंडे मारे और वापस जाओ के नारे भी लगाए। ऐसे में पता चलता है कि भारतीय जनता पार्टी हताश और निराश है।

राजभर ने अधिकतर जनसभा में 'खदेड़ा होबे' का नारा लगाया
गठबंधन का प्रचार प्रसार करते समय सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के संस्थापक ओमप्रकाश राजभर द्वारा वाराणसी समेत पूरे उत्तर प्रदेश में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए अधिकतर जनसभाओं में 'खदेड़ा होबे' का नारा लगाया गया। इसके अलावा पूर्वांचल में चुनाव प्रचार के दौरान ओमप्रकाश राजभर द्वारा भोजपुरी में भाषण देकर लोगों को अपने प्रति आकर्षित करने का प्रयास किया गया। महंगाई, बेरोजगारी सहित अन्य कई मुद्दों को भुनाने का प्रयास किया गया। चुनावी जन सभाओं में भीड़ को देखकर गठबंधन के नेता गदगद नजर आते थे। गठबंधन अपने जीत के प्रति आश्वस्त था लेकिन 10 मार्च को चुनावी नतीजे आने के बाद गठबंधन में टकराव की स्थिति पैदा हो गई। चुनाव परिणाम आने के बाद किसी ओमप्रकाश राजभर के बोल बदलने लगे और आजमगढ़ चुनाव के बाद परिणाम आने के बाद ओमप्रकाश राजभर ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर 'एसी में बैठकर चुनाव प्रचार' करने वाला बयान दिया उसके बाद सपा और सुभासपा का गठबंधन टूट गया।

काशी के लोग अब कहते हैं गठबंधन में ही खेला हो गया
विधानसभा चुनाव 2022 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी गठबंधन की हार के बाद गठबंधन के टूट जाने के बाद समाजवादी पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता एक दूसरे पर बयान बाजी करते नजर आए। आरोप और प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ। ऐसे में काशी के लोगों ने गठबंधन टूटने के बाद ही यह कहना शुरू कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी को लेकर 'खेला होबे' और 'खदेड़ा होबे' का नारा देने वाले गठबंधन के नेताओं के साथ ही खेला हो गया। समाजसेवी राजेश नाथ पांडेय कहते हैं कि राजनीति में भाषा का स्तर अब गिरता जा रहा है और नेताओं द्वारा अब तरह तरह की विवादित बयानबाजी भी की जाती है। विकास और धर्म के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव और वर्ष 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव उसके बाद वर्ष 2019 में पुनः लोकसभा चुनाव तथा वर्ष 2022 में पुनः यूपी विधानसभा में जीत हासिल की। उन्होंने यह भी कहा कि अनर्गल बयानबाजी करने से क्षेत्रीय पार्टियों का ही नुकसान हुआ है जैसा कि पिछले चुनाव में देखा गया।












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