UP News: इस विश्वविद्यालय परिसर में मॉर्निंग व इवनिंग वॉक के लिए देने होंगे 500 रुपये, पहचान पत्र भी होगा जारी
UP MGKVP News: वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में अब सुबह शाम टहलने वालों को भी शुल्क देने पड़ेंगे। विश्वविद्यालय द्वारा जारी आदेश के बाद लोगों में गुस्सा है।

UP MGKVP Varanasi: वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में अब सुबह और शाम के समय भ्रमण करने वाले लोगों को शुल्क देना पड़ेगा। यह व्यवस्था लागू किए जाने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में भ्रमण करने वाले लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
जारी आदेश में बताया गया है कि काशी विद्यापीठ में भ्रमण करने के लिए लोगों को प्रतिमाह 500 रुपए शुल्क देने पड़ेंगे। इसके अलावा पहचान पत्र के लिए भी 250 रुपए देने पड़ेंगे। पहचान पत्र पर व्यक्ति का नाम और फोटो रहेगा जिससे उनकी पहचान हो पाएगी।
विश्वविद्यालय द्वारा यह आदेश जारी होने के बाद विद्यापीठ परिसर में भ्रमण करने वाले लोगों का गुस्सा साफ नजर आ रहा है। लोगों का कहना है कि विद्यापीठ प्रशासन द्वारा यह तुगलकी फरमान जारी किया गया है। इसके लिए प्रधानमंत्री राज्यपाल और मुख्यमंत्री से शिकायत की जाएगी।
दिया गया ऐसा तर्क कि लोग नाराज: विश्वविद्यालय परिसर में सुबह-शाम टहलने के लिए पहुंचने वाले लोगों से शुल्क लिए जाने का आदेश जारी करने के पीछे विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जो तर्क बताया गया है उसे पढ़कर भी लोग हैरान हैं। बताया गया है कि विश्वविद्यालय परिसर में सुबह और शाम में टहलने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है।
ऐसे में यदि टहलने वाले लोगों से शुल्क लेना प्रारंभ हो जाएगा तो उनकी संख्या कम हो जाएगी। यह भी तर्क दिया गया है कि भ्रमण करने के लिए आने वाले लोग विश्वविद्यालय परिसर में गंदगी करते हैं, ऐसे में उसकी सफाई आदि के लिए विश्वविद्यालय को ही परेशान होना पड़ता है। शुल्क ले जाने के बाद साफ सफाई व्यवस्था में सुधार भी देखने को मिलेगा।
काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय की कुलानुशासक प्रो. अमिता सिंह द्वारा आदेश जारी किए जाने के बाद लोगों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समीप में स्थित डॉ संपूर्णानंद स्पोर्ट स्टेडियम में निर्माण का कार्य चल रहा है ऐसे में सुबह और शाम के समय टहलने वाले लोग विद्यापीठ परिसर में ही जाते हैं।
लोगों द्वारा यह भी कहा जा रहा है कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। योग को लेकर सरकार द्वारा तमाम तरह के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। अब ऐसे में विश्वविद्यालय परिसर में योग करने और टहलने के एवज में शुल्क लिया जाना कहां जायज है।












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